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शेयर बाजार में कोरोना : 7 दिन में जिले के निवेशकों को 10 करोड़ रु. का नुकसान
जुर्माने से मुक्ति | न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने वाले बैंक खाताधारकों पर हर महीने पांच से 15 रुपए की पैनल्टी वसूली जाती थी। जीराे बैलेंस लागू हाेने से जिले में करीब पांच लाख खाताधारकों काे हर महीने 25 लाख रुपए बतौर जुर्माना नहीं देना हाेगा।
आमआदमी के साथ दुनियाभर के शेयर बाजार भी कोरोना वायरस की चपेट में हैं। गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स ने इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट देखी। शेयर बाजार 2919.26 अंकाें की गिरावट के साथ 32,778.14 पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का दावा है कि इस उथल-पुथल में एक सप्ताह में जिले के निवेशकों काे करीब 10 कराेड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। बाजार के इस रुख से डेली ट्रेडर और शाॅर्ट टर्म इन्वेस्टर डरे हुए हैं। जानकारों के अनुसार काेराेना पर नियंत्रण नहीं हाेने तक हालात यूं ही बने रहने की संभावना है। शेयर मार्केट के जानकाराें और ब्राेकर के मुताबिक सबसे ज्यादा बैंकिंग सेक्टर के शेयर में 20 फीसदी तक की गिरावट हुई। सात दिनों में बैंकिंग के अलावा ऑटो, इंफ्रा, आईटी व फार्मा सेक्टर के शेयर में भी तेजी से गिरावट हुई। मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पांच मार्च को 38,470 अंकों पर बंद हुआ था। जो 12 मार्च को लुढ़क कर 32,778 अंक पहुंच गया। इन सात दिनों में 5692 अंक गिर गया। वहीं गुरुवार काे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी का भी गुरुवार को 868.25 पाॅइंट की गिरावट के साथ 9590.15 पर बंद हुआ। इससे शेयर बाजार के निवेश सहमे हुए हैं। छाेटे निवेशक बाजार छाेड़ने लगे हैं। जानकाराें के अनुसार लंबे समय के लिए निवेशक करने वाले लाेगाें के लिए यह अच्छा माैका है।
...निवेश का अच्छा माैका
इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट संजय गुप्ता और अशाेक पारीक के मुताबिक इस वक्त कम भावाें में शेयर मार्केट में निवेश करने वालाें काे दाे से चार साल में अच्छा रिटर्न मिल सकता है। 2008 की गिरावट के दाैर में निवेश करने वाले लाेगाें काे कुछ समय बाद अच्छा रिटर्न मिला।
बाजार की चाल का निवेशकों पर असर इस तरह समझिए
{डेली ट्रेडर : ऐसे निवेशक जो रोजाना शेयर खरीद-बेचान करते हैं। पैसा न होते हुए भी ये लिमिट के आधार पर ज्यादा शेयर खरीद लेते हैं। गिरावट के दाैर में इन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। इस श्रेणी में करीब 30 फीसदी निवेशक है।
{शॉर्ट टर्म : एक महीने से सालभर तक के लिए निवेश करते हैं। करीब 50 फीसदी निवेशक इसी श्रेणी में काम करते हैं। पैसा उधार लेकर काम करने वाले ये लोग बाजार टूटने की स्थिति में नुकसान उठाकर मार्केट छोड़ने लगते हैं।
{लॉग टर्म : एक साल और इससे ज्यादा समय के लिए निवेश करते हैं। ये मुनाफे पर ही शेयर बेचते हैं। गिरावट के दौर में ऐसे निवेशक मार्केट में पैसा लगाने का मौका तलाश करते हैं। ऐसे समय में ज्यादा शेयर खरीदे जा सकते हैं।
राहत : न्यूनतम बैलेंस के 190 करोड़ काम ले सकेंगे उपभोक्ता, जुर्माने व मैसेज अलर्ट के 58 लाख बचेंगे
सीकर | एसबीआई की ओर से तीन घोषणाएं की गई हैं। बैंक ने न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता, इस पर लगने वाले जुर्माने और एसएमएस अलर्ट चार्ज खत्म कर दिया है। इससे न्यूनतम बैलेंस के नाम पर 10 लाख खातों में रिजर्व रहने वाले 190 करोड़ रुपए लोग काम ले सकेंगे। जुर्माने और मैसेज अलर्ट के बदले हर महीने वसूले जाने वाले 58 लाख रुपए की बचत होगी। हालांकि बचत खातों पर 3.25 की बजाय 3% ही ब्याज मिलेगा। जिले के 10 लाख खाताधारकों पर इनका सीधा असर हाेगा।
बाजार गिरने के 3 बड़ी वजह
{अमेरिकी बाजार : कोरोना वायरस के चलते ट्रम्प ने 26 यूरोपीय देशों से यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके चलते एक दिन में डाउ जोंस रिकॉर्ड 1464 अंक गिर गया।
{कोरोना वायरस : चीन के अलावा के अलावा 110 से ज्यादा देशों में फैल गया है। डब्ल्यूएचओ ने महामारी घोषित किया।
{क्रूड ऑयल : सऊदी अरब और यूएई के 10 लाख बैरल प्रतिदिन तेल उत्पादन बढ़ाने के फैसले से तेल के दामाें में गिरावट हाेने लगी।
मैसेज अलर्ट चार्ज | मैसेज अलर्ट सुविधा के लिए खाताधारकों से हर तीन महीने से 17 रुपए प्रति अकाउंट के हिसाब से जिले में करीब एक करोड़ रुपए वसूले जा रहे थे। मैसेज चार्ज खत्म हाेने से औसतन हर महीने 33 लाख रुपए की बचत हाेगी।
यूं समझें कहां कितना फायदा
खाते की श्रेणी खाताधारक पहले न्यूनतम बैंलेंस अब न्यू. बैलेंस
अर्द्ध शहरी 6,50,000 2000 रुपए 00
ग्रामीण खाताधारक 1,98,000 1000 रुपए 00
शहरी खाताधारक 1,50,000 3000 रुपए 00