सामान्य जुकाम से डरें नहीं, विदेश/अन्य प्रदेश से आए व्यक्ति से मिले हैं तो डॉक्टर को बताएं

Sikar News - अंचल में मौसम ने अचानक पलटी मारी है। सर्दी का असर बढ़ गया है। बदले माैसम का असर अामजन की सेहत पर पड़ने वाला है।...

Mar 27, 2020, 09:50 AM IST

अंचल में मौसम ने अचानक पलटी मारी है। सर्दी का असर बढ़ गया है। बदले माैसम का असर अामजन की सेहत पर पड़ने वाला है। क्याेंकि एकदम से बदले मौसम के चलते शरीर एडजस्ट नहीं कर पाता। सर्दी-जुकाम, निमोनिया, दमा, एलर्जी, अस्थमा, खांसी जैसी बीमारी पांव पसारेगी। अब यह बीमारियाें लाेगाें की मुश्किलें बढ़ाएंगी। क्याेंकि अामजन फिलहाल काेराेना वायरस के खाैफ में हैं। इसलिए बदले माैसम में वे मामूली बीमारियाें काे भी काेराेना वायरस जाेड़कर देखेंगे। अामजन काे अंचल में मौसम के रोजाना बदल रहे मिजाज अाैर बेमौसम की बरसात से संक्रामक रोगों के लिए तैयार हुए वातावरण में घबराना नहीं है। हैल्दी डाइट लेकर अपने अाप काे फीट रखना है। जरूरी हाेने पर ही हाॅस्पिटल तक पहुंचे। दैनिक भास्कर पाठक काे एक्सपर्ट मेडिसिन विशेषज्ञ डाॅ. बीएल रणवां, डाॅ. रामदेव चाैधरी अाैर डाॅ. दर्शन भार्गव के जरिए बता रहे है कि साधारण खांसी-जुकाम अाैर काेराेना वायरस के बीच फर्क कैसे करें। माैसमी बीमारियाें के चपेट में अाने पर क्या इलाज अपनाए।

सांस फूले, लगातार बुखार हो तो जांच कराएं

साधारण खांसी-जुकाम अाैर काेराेना में अंतर?

काेराेना वायरस के चलते बुखार, खांसी अाैर सांस फूलने की शिकायत बढ़ती है। दवा लेने के बाद भी असर रहता है। जबकि खांसी-जुकाम में दवा लेने पर अाराम मिलता है। अाप िवदेश या दूसरे राज्याें से अाए लाेगाें के संपर्क में नहीं आए हैं तो डरे नहीं। साधारण खांसी-जुकाम काेराेना का संक्रमण नहीं है।

अस्पताल जाते समय क्या सावधानी बरतें?

बहुत जरूरी हाेने पर ही अस्पताल जाएं। क्याेंकि अस्पताल में ही सबसे ज्यादा संक्रमण का खतरा है। जरूरी है ताे अस्पताल में चैकअप के दाैरान दूसरे लाेगाें से दूरी बनाकर रखें। एक-दूसरे काे छूने से बचे। माॅस्क पहने रखें।

कोरोना वायरस के लक्षण क्या है?

जबाव : बदले माैसम में अस्थमा के मरीजाें काे ज्यादा दिक्कत हाेती है। सांस ज्यादा फूलने लगे, लगातार बुखार हाे ताे डाॅक्टर से चैकअप कराएं। बच्चाें अाैर बूढ़ाें में तीन दिन तक दवा का असर नहीं है ताे जरूर डाॅक्टर से सलाह लें। क्याेंकि निमाेनिया का खतरा हाे सकता है।

परिवार के एक सदस्य काे खांसी-जुकाम हाे ताे क्या सभी सदस्याें की जांच करना जरूरी है?

बिल्कुल नहीं। बशर्तें खांसी-जुकाम से पीड़ित की किसी विदेश या दूसरे राज्याें से अाए लाेगाें से संपर्क की हिस्ट्री न हाे। एहतियातन खांसी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें। ताकि फ्लू का संक्रमण न हाे।

खांसी-जुकाम में होम आईसोलेशन जरूरी है?

बीमार काे घर में अाईसाेलेट रखेंगे ताे फ्लू दूसरे सदस्याें में नहीं फैलेगा। साधारण खांसी-जुकाम में अाईसाेलेट करना जरूरी नहीं है।

भास्कर पहल : इन डॉक्टरों से फोन पर ले सकते हैं स्वास्थ्य संबंधी सलाह

डाॅ. बीएल रणवां, फीजिशियन माे. 9414214011

डाॅ. बीएस गढ़वाल, सर्जन माे. 9414038121

डाॅ. हरिसिंह, दंत राेग विशेषज्ञ माे. 9460866377

डाॅ. मदन फगेड़िया, शिशु राेग विशेषज्ञ माे. 9829182422

डाॅ. बीएल राड़, गायनिक माे. 9414036604

डाॅ. महेंद्रसिंह बुडानिया, हड्डी राेग विशेषज्ञ 9460294548

डाॅ. विक्रम बगड़िया, मनाेराेग विशेषज्ञ माे. 9414664087

डाॅ. संजीव राहर, नेत्र राेग विशेषज्ञ माे. 7737775479

डाॅ. एचएस धायल, गायनिक माे. 8209589615

डाॅ. युसूफ अली देवड़ा, हड्डी राेग विशेषज्ञ माे. 9414262282

डाॅ. िशवपाल कुड़ी, हड्डी राेग विशेषज्ञ माे. 9413163114

डाॅ. एसएन बिजारणिया, शिशु राेग विशेषज्ञ माे. 9414773788

डाॅ. विजय मूंड, रेडियाेलाॅजिस्ट 9461940003

डाॅ. समुद्रसिंह राठाैड़, सर्जन 7742756864

डाॅ. मनाेज बुडानिया, हड्डी राेग विशेषज्ञ माे. 9461288899

डाॅ. अरविंद महरिया, नेत्र राेग विशेषज्ञ माे. 9414534319

डाॅ. राजेश कमलानी, इमरजेंसी मेडिसिन माे. 9414260454

डाॅ. विनाेद यादव माे. 9460181423

खांसी-जुकाम में अदरक असरदार दवा

आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अंजनी शर्मा के अनुसार बदले माैसम में ज्यादातर लोगों को खांसी-जुकाम की शिकायत होती है। फ्लू के चपेट में अाने वाले अदरक की चाय लें। अदरक इम्यूनिटी बढ़ाती है। संक्रमण ज्यादा नहीं बढ़ेगा। अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गले और सांस लेने वाली नली में जमा टॉक्‍सिन को साफ करता है और कफ को बाहर निकालता है। अदरक में ऐसे गुण भी पाए जाते हैं, जो अस्थमा और ब्रोंकाइटिस को दूर करने में लाभदायक होते हैं।

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