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बेटियों को सशक्त बनाने की जरूरत, बेहतर भूमिका निभा सकती हैं मां: जस्टिस सबीना

एक वर्ष पहले
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जयपुर | हाईकोर्ट की जस्टिस सबीना ने कहा है कि बेटियों को ज्यादा सशक्त बनाने की जरूरत है और इसमें भी मां बेहतर भूमिका निभा सकती हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेटों को भी संस्कारवान बनाना चाहिए, बेटा संस्कारवान होगा तो बेटियां अपने आप ही सुरक्षित हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमें उन सभी महिलाओं की मदद करनी चाहिए जो परेशानी में हाें और उनके प्रति संवेदनशील भी होना चाहिए। जस्टिस सबीना ने यह कथन शुक्रवार को रालसा की ओर से आयोजित सेमीनार में कहे। उन्होंने कहा कि इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम सभी महिलाओं के समानता के अधिकार पर रखी गई है। सेमीनार में हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारी, रालसा के पदाधिकारी, कर्मचारियों ने भाग लिया। रालसा के सदस्य सचिव अशोक कुमार जैन ने बताया कि रालसा के स्तर पर महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है और राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम इसका अनूठा उदाहरण है। महिलाओं की समस्याओं व अधिकारों पर हुई चर्चा: वहीं शनिवार को भी रालसा, राजस्थान महिला अधिकारी व कर्मचारी सहित राजमैक्स के तत्वावधान में हुए सेमीनार में भी रालसा की निदेशक अर्चना मिश्रा व उप सचिव तोषिता मालानी और जेडीए के अतिरिक्त निदेशक श्रुति भारद्वाज ने महिलाओं की समस्याओं व अधिकारों पर चर्चा की। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं की महिला अधिकारी व कर्मचारियों ने भाग लिया।
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