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नई फसल की अावक के साथ अाधे भाव में बिकने लगा प्याज, सीकर मंडी में थाेक भाव 10 से 16 रुपए किलो

एक वर्ष पहले
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अाम उपभाेक्ता के साथ किसानाें काे भी राहत

नई फसल का उत्पादन अाने के साथ ही लंबे समय बाद एक बार फिर अाम उपभाेक्ता की थाली में प्याज का तड़का लगने लगेगा। क्याेंकि हाेली के दूसरे दिन से ही सीकर मंडी में शेखावाटी के मीठे प्याज की अावक बढ़ने लगी है। लाेकल अावक बढ़ने के साथ ही थाेक भावाें में 10 रुपए प्रतिकिलाे तक की गिरावट अा चुकी है। सीकर मंडी में शुक्रवार काे प्याज के थाेक भाव 10 से 16 रुपए प्रतिकिलाे तक बाेले गए। इधर खुदरा मार्केट में भी शेखावाटी का मीठा प्याज 20 से 25 रुपए प्रतिकिलाे तक बिकने लगा है। काराेबारियाेंे के अनुसार फिलहाल सीकर मंडी में लाेकल प्याज की अावक प्रतिदिन 10000 कट्टे तक पहुंच चुकी है। यानी प्रतिदिन 1000 से 1500 कट्टे अावक बढ़ रही है। प्याज व्यापार संघ के अध्यक्ष नेमीचंद दूजाेद का कहना है कि मंडी में अावक बढ़ने के साथ ही सीकर का मीठा प्याज दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत देश के कई राज्याें में जाने लगा है।

सीकर कृषि उपज मंडी में नई फसल की अावक के साथ ही प्याज काराेबार में जुटे पल्लेदार।

सुकून यह है कि शेखावाटी के लाेकल प्याज की पैदावार शुरू हाेने के साथ अाम उपभाेक्ताअाें काे सस्ता प्याज मिलने लगा है। दूसरा अन्य राज्याें में मांग बढ़ने से किसानाें काे भी प्याज बेचने के लिए मंडी में लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। अाढ़तियाें के द्वारा प्याज की गाड़ी मंडी पहुंचते ही किसानाें के प्याज की नीलामी हाे रही है।

अागे क्या: फिलहाल 15 मार्च काे प्याज के निर्यात पर व्यापारियाें को उम्मीद

काराेबारियाें के अनुसार फिलहाल प्याज के थाेक भावाें में उतार-चढ़ाव की संभावना है। क्याेंकि दूसरे राज्याें की मांग ज्यादा है। सीकर मंडी में प्याज की अावक बढ़ती जा रही है। एेसी स्थिति में भावाें में उतार-चढ़ाव की स्थिति केंद्र सरकार के द्वारा 15 मार्च काे प्रस्तावित प्याज निर्यात शुरू करने के बाद ही साफ हाे सकेगी।

वरीयता से नहीं, खुले प्लेटफाॅर्म पर बेच सकेंगे

सीकर मंडी में पिछले वर्ष लागू की गई प्याज की नीलामी व्यवस्था समाप्त कर पुरानी व्यवस्था से ही काराेबार शुरू किया है। प्याज व्यापार संघ के अध्यक्ष नेमीचंद दूजाेद का कहना है कि मंडी में वाहनाें की वरीयता व्यवस्था समाप्त कर प्याज नीलामी में पुरानी व्यवस्था ही लागू कर दी गई है। अब किसान किसी भी कांटे पर अपना प्याज बेच सकेंगे।
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