15 साल बाद पुश्तैनी संपत्ति में से मिला हिस्सा

Sikar News - अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश कीर्ति सिंहमार ने संपत्ति विवाद में जीवण खां एवं जैतून बानो की ओर से प्रस्तुत...

Feb 15, 2020, 11:30 AM IST

अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश कीर्ति सिंहमार ने संपत्ति विवाद में जीवण खां एवं जैतून बानो की ओर से प्रस्तुत वाद को अस्वीकार कर खारिज किया है। कोर्ट आदेश में न्यायाधीश ने तर्क दिया है कि मुसलमानों में गोद का कोई प्रावधान नहीं होता है। वहीं संपत्ति में भाइयों का बराबर हिस्सा होने के बात भी कही है। इससे प्रतिवादीगण इकबाल, मालू खां सहित अन्य को 15 साल बाद न्याय मिला। एडवोकेट सादिक अली गौरी ने बताया कि जुमरदीन खां, दूल्ले खां व समसु खां तीन भाई थे। दूल्ले खां व समसु खां के कोई संतान नहीं थी। उमरदीन खां के बेटे जीवण खां ने खुद को दूल्ले खां के गोद जाना बताते हुए उसकी संपत्ति और अपने पिता की संपत्ति को भी अपनी बताते हुए 2005 में वाद दायर किया। जीवण खां ने अपने छोटे भाई मालू खां को जुबानी उसका हिस्सा छोड़ना बताया और फत्तू खां को नाना के गोद जाना बताया। फत्तू खां व मालू खां ने जीवण खां की ओर से किए केस के विरूद्ध केस लड़ा। अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश कीर्ति सिंहमार ने जीवण खां एवं उसकी प|ी जैतून बानो की ओर से प्रस्तुत वाद को खारिज कर दिया।

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