होली दहन की राख से सोलह गणगौर बना पूजा प्रारंभ की
सीकर | सुहागिनों का त्यौहार गणगौर पर्व शुरू हो चुका है। सुख-सौभाग्य, श्रेष्ठ वर की कामना के साथ युवतियों, नव विवाहिताओं और महिलाओं ने धुलंडी के दिन से होली की राख से सोलह गणगौर बनाकर पूजा प्रारंभ कर दी। गणगौर की पूजा के लिए महिलाएं बगीचों से मंगलगीत गाते हुए दूब और पानी लेकर आई। पं अश्वनी मिश्रा ने बताया कि गणगौर पर परंपरागत गीतों के साथ ईशर और गणगौर का पूजन किया जाता है। आठवें दिन कुम्हार के घर से मिट्टी लाकर बड़ी गणगौर माता बनाई जाएगी। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल तृतीया तक 16 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में कुंवारी लड़कियां जहां गण यानि शिव तथा गौर यानि पार्वती से मनपसंद वर पाने की कामना करती हैं। वहीं विवाहित महिलाएं सुहाग की सलामती के लिए पूजन करती है।