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- Sikar News Rajasthan News The Tenants Kidnapped A Diamond Businessman From Jaipur For Rs 5 Crore Asked Brought Sikar 3 Accused Arrested
किराएदारों ने जयपुर के डायमंड व्यवसायी काे अगवा कर 5 करोड़ रु. मांगे, सीकर लाए, 3 आरोपी गिरफ्तार
जयपुर के टाेंक राेड स्थित मुक्तानंद नगर में पीजी हॉस्टल चलाने वाले किराएदारों ने मकान मालिक डायमंड व्यवसायी प्रकाश चोपड़ा का अपहरण कर लिया। व्यवसायी की प|ी को फोन कर पांच करोड़ की फिरौती मांगी। पुलिस ने 12 घंटे में दो किराएदारों सहित तीन आरोपियों को नेछवा थाना पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर व्यवसायी को छुड़ा लिया। गिरफ्तार आरोपी विक्रम सिंह पुत्र महावीर प्रसाद निवासी लाडनू, राकेश गुर्जर निवासी नेछवा, हरीश सिंह निवासी सुजानगढ़ है। डीसीपी ईस्ट राहुल जैन ने बताया कि आरोपी विक्रम और राकेश दोनों जयपुर में प्रकाश चौपड़ा के मकान में पीजी हॉस्टल चलाते हैं। प्रकाश का बेटा रवि हाॅन्गकाॅन्ग में ज्वैलरी का व्यापार करता है। तीनों आरोपियों ने मकान मालिक के अपहरण की योजना बनाई। आरोपियों ने रविवार को सालासर जाकर पूजा अर्चना की थी। इसके बाद सीकर में राकेश ने अपने जीजा मुकेश की मदद से घूमने जाने का बहाना कर ब्रिजा कार किराए पर ली। कार लेकर मंगलवार को जयपुर पहुंचे थे। देर रात सवा बजे विक्रम ने प्रकाश चोपड़ा को फोन कर हॉस्टल पर बुलाया। आरोपियों ने प्रकाश चोपड़ा का अपहरण कर परिजनों को फोन कर पांच करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। बाद में आरोपी 1 करोड़ रुपए में मान गए। आरोपी नेछवा आ गए। पुलिस ने नाकाबंदी कराई, लेकिन आरोपी कच्चे रास्तों से होकर फरार हो गए।
विक्रम सिंह ने रची थी अपहरण की पूरी साजिश
विक्रम सिंह: पीजी संचालक है। रात को फोन कर प्रकाश चौधरी को हॉस्टल पर बुलाया था। घटना में नाम सामने नहीं आए इसलिए हॉस्टल पर बुलाने के बाद स्वयं बहाने मौके से चला गया। घटना में काम आए टेप, कट्टा व रस्सी को लाडनूं से खरीद कर लाया था।
हरीश सिंह: व्यापारी के मकान की रैकी की थी। इसके बाद कार में राकेश के साथ रहा था। पुलिस की नाकाबंदी देख प्रकाश चौधरी को विजयपुरा गांव में पटका था। इसके बाद मौके से बस में फरार हो गया था। इसे पुलिस ने सेवद टोल से बस में से पकड़ा था।
राकेश गुर्जर: प्रकाश चौधरी को पकड़ कर मुंह व आंखों पर टेप लगा कर कट्टे में डालने का काम किया किया था।
पुलिस को शक न हो, इसलिए विक्रम वापस हॉस्टल चला गया, इसी से हुआ खुलासा
नेछवा थाने के एएसआई बलवीर ने बताया कि सेवद टोल से वारदात में काम ली गई गाड़ी की लोकेशन नेछवा की आेर आने की मिली। इसके बाद नेछवा आने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया। रात करीब सवा दस बजे सीकर में नाकाबंदी कर दी गई। नेछवा थाने के बाहर पुलिस की नाकाबंदी देख अपहरणकर्ताओं मुख्य रास्ते को छोड़ कर कच्चे रास्ते से हो कर निकल गए। इधर, किसी को शक न हो, इसलिए विक्रम वापस पीजी हॉस्टल चला गया। जयपुर पुलिस ने विक्रम से पूछताछ की, लेकिन मामले का खुलासा नहीं हो सका। हॉस्टल में ही पुलिस को कार मालिक राकेश सैनी मिल गया। राकेश ने पूछताछ में बताया कि उनकी कार को राकेश गुर्जर के जीजा मुकेश के कहने पर 10 रूपए प्रति किमी के हिसाब से किराए पर लिया। इसके बाद नेछवा थाना पुलिस ने जीजा मुकेश को पूछताछ के लिए बुलाया तो पूरी कहानी का खुलासा हुआ। इसकी मदद से ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपियों के परिजनों को पूछताछ के लिए नेछवा थाने में बुलाया। आरोपी राकेश ने अपने जीजा के फोन पर संपर्क किया तो उसे हर्ष मंडावरा स्थित जीजा के मकान से गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने सड़क के पास खड़ी कार को जब्त कर लिया। पुलिस पूछताछ में प्रकाश चौपड़ा को विजयपुरा गांव में छोड़ने की जानकारी दी। इस पर पुलिस ने उसकी निशान देही पर दस्तयाब कर लिया।
दाे साल से हाॅस्टल चला रहा था विक्रम, जानता था व्यवसायी धनाढ्य परिवार से है
हाॅस्टल संचालक अाैर अपहरण का मास्टर माइंड विक्रम सिंह दाे साल से व्यवसायी प्रकाश चाैपड़ा के जयपुर में मुक्तानंद नगर स्थित हाॅस्टल काे संचालित कर रहा था। दाे साल में विक्रम काे व्यवसायी के बारे में पूरी जानकारी मिल गई थी कि वह धनाढ्य परिवार से है अाैर बेटा विदेश में है। सके चलते कराेडपति बनने के लिए उसने व्यवसायी का अपहरण करने की साजिश रची।
विजयपुरा के पास कच्चे रास्ते में पड़े मिले व्यवसायी प्रकाश चोपड़ा।