पढ़ाई में कमजोर थे इसलिए स्कूल छोड़ना पड़ा, आज हैं 400 से ज्यादा कंपनियों के मालिक
{नाम- रिचर्ड ब्रैनसन {पेशा- बिजनेस मैगनेट {नेट वर्थ- 450 करोड़ यूएसडीइनके बारे में इसलिए पढ़ें- छोटी उम्र में बड़ा आदमी बनने का सपना देखा और अपनी मेहनत से उसे पूरा किया।
इनके जीवन से मिली ये सीख
1. छोटी उम्र में ही बड़ा
सोचना शुरू करें।
2. जोखिम लेने से कभी ना डरें।
3. असफलता का भी जश्न मनाएं।
4. लोगों की मदद करने से
पीछे ना हटें।
18 जुलाई 1950 को सर रिचर्ड चार्ल्स निकोलस ब्रैनसन इंग्लैंड की राजधानी लंदन में पैदा हुए थे। उनके पिता बैरिस्टर थे और मां एयर होस्टेस होने के साथ ही एक आंत्रप्रेन्यॉर थीं। डिस्लेक्सिया होने की वजह से रिचर्ड ठीक से पढ़ नहीं पाते थे। वे क्लास में हमेशा दूसरे बच्चों से पीछे रह जाते थे। यही वजह रही जो 16 की उम्र में मजबूर होकर उन्हें अपना स्कूल छोड़ना पड़ा था। स्कूल के आखिरी दिन हेडमास्टर ने रिचर्ड से कहा था कि तुम बड़े होकर करोड़पति बनोगे। 16 साल की उम्र में एक व्यवसाय में असफल होने के बाद उन्होंने ‘स्टूडेेंट’ नाम से एक मैगजीन लॉन्च की जो उनका पहला सफल काम था। उनकी यह मैगजीन इतनी मशहूर हुई थी कि इसे शुरू करने के केवल तीन साल के अंदर ही उन्होंने लगभग 45 लाख रुपए कमा लिए थे। मैगजीन के व्यवसाय में सफलता हासिल कर वे रिकॉर्डिंग की तरफ बढ़ने लगे थे। उन्होंने सफल होने के लिए बेईमानी का रास्ता भी अपनाया जिस वजह से उन्हें कुछ दिनों के लिए जेल भी जाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने तय किया कि वे जीवन में कभी बेइमानी नहीं करेंगे। अब वे पूरी ईमानदारी के साथ अपने रिकॉर्डिंग के व्यवसाय को आगे ले जाने की कोशिश करने लगे। कई ऐसे बैंड्स जिन्हें कोई भी कंपनी साइन नहीं कर रही थी उन्हें वे अपनी रिकॉर्डिंग कंपनी (वर्जिन रिकॉर्डिंग) में मौका देने लगे। इन बैंड्स के एल्बम इंग्लैंड में खूब मशहूर होने लगे और 1979 में केवल 29 साल की उम्र में रिचर्ड ब्रैनसन करोड़ों रुपए कमा चुके थे।
एक आम आदमी से सर रिचर्ड की सोच किस तरह अलग है यह उनके जीवन में घटी इस घटना से पता चलता है। एक दिन पोर्टो रीको आइलैंड पर रिचर्ड को डेट पर जाना था। जब उन्हें पता चला कि उस दिन की सभी फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं हैं तो वहां से घर लौटने की बजाय उन्होंने एक प्राइवेट प्लेन हायर करने के बारे में सोचा। उस समय उनके पास पैसे कम थे तो पहले उन्होंने प्राइवेट प्लेन का किराया पता किया और फिर वहां पर जितने लोग पोर्टो रीको आइलैंड जाने वाले थे उन्हें टिकट बेचकर प्लेन की सभी सीट्स भर कर वे पोर्टो रीको आइलैंड पहुंच गए। वहीं से शुरुआत हुई थी वर्जिन एअरलाइन्स की।
1992 में इसी एयरलाइन्स के व्यवसाय को जारी रखने के लिए उन्हें अपने सबसे पसंदीदा रिकॉर्डिंग व्यवसाय को बेचना पड़ा था। चार साल के अंदर ही रिचर्ड ने वी2 रिकॉर्ड्स के नाम से एक नई कंपनी शुरू कर दी थी। धीरे-धीरे उन्होंने टेलिकम्युनिकेशन, ट्रैवल एंड टूरिज्म जैसे कई बिज़नेस शुरू किए। वह एक बिजनेस शुरू करते फिर उसे सफल बनाकर दूसरा बिजनेस शुरू करते। इस तरह 69 की उम्र में वे 400 कंपनियों के मालिक बन चुके हैं। इनमें सबसे खास है उनकी स्पेस टूरिज्म कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक। यह कंपनी लोगों को स्पेस में घुमाने के मकसद से काम कर रही है। रिचर्ड के नाम पर दो प्राइवेट आइलैंड्स भी हैं। जिनमें से एक में वे खुद रहते हैं। अांत्रप्रेन्यॉरशिप में उनके योगदान के लिए उन्हें इंग्लैंड की क्वीन एलिजाबेथ 2 द्वारा ‘नाइट’ टाइटल मिला है जिस वजह से वे ‘सर रिचर्ड ब्रैनसन’ बन गए हैं।
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