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शहर के सबसे बड़े 2 कॉलेजों में एसएफआई हारी

छात्रसंघ चुनाव के नतीजे बुधवार को बेहद दिलचस्प रहे। जिले के दो बड़े कॉलेजों आट्‌र्स और एसके गर्ल्स कॉलेज में...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 06:26 AM IST
Sikar - शहर के सबसे बड़े 2 कॉलेजों में एसएफआई हारी
छात्रसंघ चुनाव के नतीजे बुधवार को बेहद दिलचस्प रहे। जिले के दो बड़े कॉलेजों आट्‌र्स और एसके गर्ल्स कॉलेज में एबीवीपी ने जीत दर्ज की। राजकीय आर्ट्स कॉलेज कटराथल में तीन साल बाद एसएफआई को हार का सामना करना पड़ा। यहां अध्यक्ष पद एबीवीपी ने जीता। यह संगठन की पहली जीत है। एबीवीपी के नीतिश कुमार ने एसएफआई के पंकज डोगीवाल को 44 वोट से हराया। आर्ट्स कॉलेज में अध्यक्ष व महासचिव पद पर रिकाउंटिंग हुई। एसएफआई को गर्ल्स कॉलेज में भी झटका लगा। यहां एबीवीपी की संजू मूंड ने जीत दर्ज की।

अखंड एबीवीपी के एबीवीपी में विलय और जातिगत चुनाव का फायदा पूरे जिले में एबीवीपी को मिला। इसी तरह साइंस कॉलेज सबलपुरा और आरएन रुईया राजकीय कॉलेज रामगढ़ शेखावाटी में एसएफआई का पूरा पैनल जीता है। कॉमर्स कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एसएफआई के प्रयास मिश्रा जीत दर्ज की। एसएफआई ने तीन, एबीवीपी ने पांच कॉलेज व एनएसयूआई ने चार कॉलेज में दर्ज की है। खास बात यह है कि एनएसयूआई ने नीमकाथाना के दो, लॉ कॉलेज दासा की ढाणी में जीती। वहीं राजकीय कन्या महाविद्यालय होद में पैनल निर्विरोध जीता है। लॉ कॉलेज, दासा की ढाणी में एनएसयूआई ने अध्यक्ष सचिन जाखड़ सहित तीन पदों पर जीत दर्ज की। एबीवीपी के चुनाव संयाेजक राजू गुर्जर, कानाराम जाट और श्रीराम बिजारणियां का कहना है कि अखंड के विलय के बाद एसएफआई के प्रमुख कॉलेजों में जीत के लिए बनाई गई रणनीति में हम कामयाब रहे।

जिले के चार कॉलेजों में ये प्रत्याशी जीते

रामगढ़ शेखावाटी के आरएन रुईया राजकीय कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एसएफआई के सुमेर ने चार वोट से जीत हासिल की। नीमकाथाना के राजकीय एसएनकेपी पीजी कॉलेज नीमकाथाना में सर्वसमाज मोर्चा प्रत्याशी सुरेश कुमार गुर्जर ने 261 मतों से जीत दर्ज की है। राजकीय कमला मोदी महिला कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की ममता सैनी ने 98 मतों से जीती। राजकीय सीताराम मोदी शास्त्री संस्कृत कॉलेज नीमकाथाना में एनएसयूआई के महेंद्र कुमार सैनी ने 55 वोट लेकर एबीवीपी के महेंद्र सैनी को 18 मतों से हराया।

छात्रसंघ चुनावों से संबंधित कवरेज पेज 20 पर भी

एबीवीपी ने 3 साल में पहली बार आर्ट्स कॉलेज में अध्यक्ष बनाया, एसके गर्ल्स कॉलेज में 5 साल में पहली बार अध्यक्ष सहित 3 पदों पर कब्जा

कॉमर्स में एसएफआई ने अध्यक्ष बनाया और साइंस में पूरा पैनल जीता, लॉ में एनएसयूआई, संस्कृत कॉलेज में एबीवीपी जीती


जीत की वजह: अध्यक्ष पद के दो प्रत्याशी का नाम पंकज कुमार होने का एसएफआई को नुकसान व एबीवीपी को फायदा हुआ।


जीत की वजह: सुशील सैनी के खिलाफ एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने ही क्रॉस वोटिंग करवाई। जिसका फायदा एसएफआई को मिला।

हार का कारण : एसएफआई जिन मुद्दों पर चुनाव जीतती रही थी। वह मुद्दे पूरे नहीं हो सके। इसे एबीवीपी ने भुनाया।

हार का कारण : एबीवीपी के दो धड़ों के बीच टिकट वितरण के समय से ही विवाद शुरू हो गया था। जिसका नुकसान हुआ।


जीत की वजह: एबीवीपी की जीत का सबसे बड़ा कारण नए वोटर रहे जो ज्यादातर शहर के थे। टिकट वितरण भी सही किया।


जीत की वजह: एनएसयूआई की यहां पकड़ अच्छी रही। स्थानीय निवासी को टिकट दिया और पुराने कार्यकर्ताओं को एकजुट किया।

हार का कारण : सैकंड, फाइनल व पीजी स्टूडें्टस ने कम संख्या में वोट किए। जिसका एसएफआई को नुकसान हुआ।

हार का कारण : एबीवीपी का टिकट वितरण सही नहीं था। कार्यकर्ता ने भितरघात किया और क्रॉस वोटिंग करवाई।

एसके गर्ल्स कॉलेज में अध्यक्ष बनने पर गोद में उठाकर खुशी जताते हुए।


जीत की वजह: एसएफआई ने सभी समाज के लोगों का ध्यान रखते हुए टिकट दिया गया, जो संगठन के लिए फायदेमंद रहा।


जीत की वजह: एबीवीपी की पकड़ मजबूत है। ऐसे प्रत्याशी को टिकट दिया जहां से संस्कृत स्कूलों के ज्यादातर विद्यार्थी आते हैं।

हार का कारण :एबीवीपी का पंकज कुमार रोहलण को अध्यक्ष का टिकट देने का निर्णय गलत साबित हुआ।

हार का कारण : कॉलेज में एसएफआई की दो साल से पकड़ कमजोर हो गई है। टिकट वितरण सही नहीं हुआ।

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