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वायु प्रदूषण का स्तर होना चाहिए 100 पीएम-10, दिवाली की रात था 216

दिवाली पर आतिशबाजी के चलते शहर में हवा की गुणवत्ता सामान्य दिनों के मुकाबले और ज्यादा खराब हो गई। दिवाली पर...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 09:11 AM IST
Sikar - the level of air pollution should be 100 pm 10 the night of diwali was 216
दिवाली पर आतिशबाजी के चलते शहर में हवा की गुणवत्ता सामान्य दिनों के मुकाबले और ज्यादा खराब हो गई। दिवाली पर प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए इस साल सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित पर्यावरण प्रदूषण निवारक प्राधिकरण के तहत एक नवम्बर से 10 नवम्बर तक कई तरह की पाबंदियों के दिशा-निर्देश जारी किए थे।

इसमें पटाखों की बिक्री के साथ आतिशबाजी का समय भी तय किया गया था। लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। शिवसिंहपुरा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में की गई जांच के आधार पर सीकर शहर में एक नवम्बर को वायु में उपस्थित प्रदूषक कणों की मात्रा 176 पीएम-10 थी जो दीपावली की रात 216 पीएम-10 पहुंच गई। जबकि औसत पीएम-10 मात्रा 100 होती है।

दीपावली पर प्रदूषक कणों की जांच में सीकर राज्य में जोधपुर के बाद दूसरे स्थान पर रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा खराब हवा का असर जोधपुर में 271 पीएम-10 देखने को मिला। इसके बाद दूसरे स्थान पर सीकर में 216 पीएम-10 और इसके बाद उदयपुर में 168, कोटा में 152, जयपुर में 120 और अजमेर में 112 अलवर में 80 पीएम-10 रहा।

इस तरह से जांचा जाता है वायु प्रदूषण : इससे पूर्व सितंबर में प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड द्वारा शहर के तीन स्थानों पर वायु प्रदूषण की जांच की थी। इसमें ट्रैफिक पुलिस कार्यालय एवं फ्लाइओवर के आस-पास के स्थान पर हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा 108 पीएम-10, मारू स्कूल एवं फतेहपुर रोड पर 51 और बीएसएनएल व बसंत विहार कॉलोनी में 62 पीएम-10 थी। जो दीपावली पर बढ़ कर दोगुनी हो गई। पीएम-10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रोमीटर होता है। इससे छोटे कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या कम होता है। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। पीएम 10 धूल, कंस्ट्रक्शन और कूड़ा जलाने से ज्यादा बढ़ता है।

अस्थमा व फेफड़े के रोगियों के लिए नुकसानदेह

फिजीशियन डॉक्टर रघुनाथ चौधरी ने बताया कि हवा में पर्टिकुलेट मैटर की मात्रा बढ़ने से अस्थमा व फेफड़े के रोगियों के स्वास्थ्य काे ज्यादा खतरा रहता है। इसके साथ आंखों एवं त्वचा पर जलन होने की परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसा होने पर जलन वाले स्थान का ठंडे पानी से धोए एवं मास्क पहन कर बाहर निकलें। कनिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी पूनम कुमारी ने बताया कि दीपावली पर शिवसिंहपुरा स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में की गई। उन्होंने बताया कि पर्टिकुलेट मेंटर सामान्य स्तर से दुगुना तक पहुंच गया। दीपावली पर इस की मात्रा सामान्य दिनों से बढ़कर कई अधिक हो गई। दीपावली के दिन सुबह से लेकर अगले दिन सुबह छह बजे तक हवा में मौजूद कणों की जांच की गई है।

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