Hindi News »Rajasthan »Sikari» यूपी से जुड़ा है आईटीआई पेपर लीक का नेटवर्क, कॉलेज संचालकों में होता है साैदा

यूपी से जुड़ा है आईटीआई पेपर लीक का नेटवर्क, कॉलेज संचालकों में होता है साैदा

आईटीआई के पेपर लीक प्रकरण के तार राजस्थान से लेकर उत्तरप्रदेश तक जुड़े हुए हैं। यह सच है कि पेपर बैंक लॉकर से लाकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 11, 2018, 07:10 AM IST

आईटीआई के पेपर लीक प्रकरण के तार राजस्थान से लेकर उत्तरप्रदेश तक जुड़े हुए हैं। यह सच है कि पेपर बैंक लॉकर से लाकर केंद्र तक पहुंचाने के बीच या केंद्र से ही लीक हो जाता है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पिछले करीब पांच साल से आईटीआई का पेपर लीक कराने वाला गिरोह राजस्थान से लेकर यूपी के 20 से अधिक जिलों में सक्रिय है। राजस्थान में भी सबसे ज्यादा पेपर लीक प्रकरण भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर व जयपुर जिले में ही आते हैं। भरतपुर का कनेक्शन यूपी के गिरोह से सबसे ज्यादा जुड़ा है।

हर साल जुलाई में आईटीअाई कॉलेज संचालकों की ओर से शत प्रतिशत परीक्षा में पास कराकर डिग्री देने की गारंटी के विज्ञापनों को भी पुलिस ने जांच में शामिल कर लिया है। साथ हलैना पुलिस अब उत्तरप्रदेश में पिछले कुछ समय में आईटीआई पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार या संदिग्धों को आधार बनाकर जांच करेगी। उल्लेखनीय है कि हलैना पुलिस आईटीआई पेपर लीक प्रकरण में एक आईटीआई कॉलेज के शिक्षक सुरेंद्र जाटव व ललिता मूड़िया निवासी परीक्षार्थी को पकड़ चुकी है। शिक्षक सुरेंद्र से पूछताछ के बाद पुलिस की जांच यूपी के गिरोह से जुड़ गई है।

एसएचओ बलवीर सिंह ने बताया कि सुरेंद्र जाटव को गिरफ्तार करने के बाद उससे जुड़े कॉलेज संचालक से लेकर हर शख्स घर ही नहीं गांव तक छोड़कर भाग चुके हैं। अब तो उस चैनल की तलाश की जा रही है, जो कि राजस्थान में पेपर लीक कराने से जुड़ा है। क्योंकि यह परीक्षा राष्ट्रीय रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशालय नई दिल्ली की ओर से पूरे देश में एक समान समयसारिणी से कराई जाती है।

इस तरह फैला नेटवर्क

20 फरवरी, 2015करौली व भरतपुर

पुलिस ने करौली व भरतपुर के तीन युवकों को पकड़ा था। इनके पास भी पेपर यूपी से ही आया था। जो कि वाट्सअप पर बरामद किया गया था।

भास्कर संवाददाता|भरतपुर

आईटीआई के पेपर लीक प्रकरण के तार राजस्थान से लेकर उत्तरप्रदेश तक जुड़े हुए हैं। यह सच है कि पेपर बैंक लॉकर से लाकर केंद्र तक पहुंचाने के बीच या केंद्र से ही लीक हो जाता है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पिछले करीब पांच साल से आईटीआई का पेपर लीक कराने वाला गिरोह राजस्थान से लेकर यूपी के 20 से अधिक जिलों में सक्रिय है। राजस्थान में भी सबसे ज्यादा पेपर लीक प्रकरण भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर व जयपुर जिले में ही आते हैं। भरतपुर का कनेक्शन यूपी के गिरोह से सबसे ज्यादा जुड़ा है।

हर साल जुलाई में आईटीअाई कॉलेज संचालकों की ओर से शत प्रतिशत परीक्षा में पास कराकर डिग्री देने की गारंटी के विज्ञापनों को भी पुलिस ने जांच में शामिल कर लिया है। साथ हलैना पुलिस अब उत्तरप्रदेश में पिछले कुछ समय में आईटीआई पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार या संदिग्धों को आधार बनाकर जांच करेगी। उल्लेखनीय है कि हलैना पुलिस आईटीआई पेपर लीक प्रकरण में एक आईटीआई कॉलेज के शिक्षक सुरेंद्र जाटव व ललिता मूड़िया निवासी परीक्षार्थी को पकड़ चुकी है। शिक्षक सुरेंद्र से पूछताछ के बाद पुलिस की जांच यूपी के गिरोह से जुड़ गई है।

एसएचओ बलवीर सिंह ने बताया कि सुरेंद्र जाटव को गिरफ्तार करने के बाद उससे जुड़े कॉलेज संचालक से लेकर हर शख्स घर ही नहीं गांव तक छोड़कर भाग चुके हैं। अब तो उस चैनल की तलाश की जा रही है, जो कि राजस्थान में पेपर लीक कराने से जुड़ा है। क्योंकि यह परीक्षा राष्ट्रीय रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशालय नई दिल्ली की ओर से पूरे देश में एक समान समयसारिणी से कराई जाती है।

8 अगस्त, 2015बुलंदशहर(उत्तर प्रदेश)

आईटीआई परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस ने वहां के राजकीय आईटीआई का प्रिसिंपल संजय किशोर समेत चार को गिरफ्तार किया था।

अब तक ये मामले आए हैं सामने

ढाई साल पहले भी आ चुका है भरतपुर का नाम

आठ अगस्त 2015 को उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर आईटीआई परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस ने वहां के राजकीय आईटीआई का प्रिसिंपल संजय किशोर समेत चार को गिरफ्तार किया था। इसमें सामने आया था कि वह निजी आईटीआई संचालकों के साथ मिलकर रैकेट चलाता था। यह रैकेट यूपी के कई जिलों में फैला हुआ है। जबकि उसके कार्यालय से पुलिस ने एक सूची बरामद की थी। इसमें भरतपुर के कुछ कॉलेज संचालकों के मोबाइल नंबर भी मिले थे। लेकिन जांच दबाव के कारण अधूरी रह गई थी। अब इस गैंग की जड़ें यूपी के कई जिलों में है। इसके अलावा इस परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी यूपी, राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और बिहार के भी हैं।

सुरेंद्र के पास जिस नंबर से पेपर आया वह राजस्थान का, अब बंद

एसएचओ ने बताया कि सुरेंद्र जाटव के जिस मोबाइल नंबर पर वाट्सअप पर पेपर व आंसर की आई थी, वह भरतपुर जिले के ही एक मोबाइल नंबर से भेजी गई थी। उसे ट्रेस कराने के लिए भेज दिया गया है। लेकिन जिस नंबर से सुरेंद्र के पास पेपर आया था, वह अब बंद है। उसने नाम की जगह हम तो पागल हैं लिख रखा था।

6 अगस्त, 2017बोकारो(बिहार)

बिहार के बोकारो में द्वितीय सेमेस्टर पेपर तीन की ड्राइंग की परीक्षा से संबंधित पेपर लीक होने पर मथुरा के कॉलेज संचालक का नाम आया था।

8 फरवरी, 2018अलवर(राजस्थान)

अलवर में सरकारी कॉलेज में निजी कॉलेज के परीक्षार्थी प्रदीप मीणा निवासी जयश्री सीकरी को पकड़ा गया था। उससेे पेपर यूपी से ही मिलने की बात सामने आई।

10 फरवरी को प्रकाशित समाचार

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sikari

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×