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2 किमी टूटी सड़क से बचने के लिए 21 किमी का सफर तय कर रहे लोग

उपतहसील जनूथर की पंचायत मवई के गांव बड़ेसरा से मोरोली मोड तक सड़क क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण लोगों को परेशानी का...

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2018, 06:45 AM IST
2 किमी टूटी सड़क से बचने के लिए 21 किमी का सफर तय कर रहे लोग
उपतहसील जनूथर की पंचायत मवई के गांव बड़ेसरा से मोरोली मोड तक सड़क क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह दो किलोमीटर की सड़क टूटी होने के कारण लोगों इस सड़क को छोड़ कर 21 किलोमीटर बेढम पान्हौरी होते हुए बड़ेसरा आना पड़ रहा है। इस 21 किलोमीटर का सफर तय करने में उनका समय भी ज्यादा लगता है। धनहानि होती है सो अलग। ग्रामीणों ने कई बार सड़क बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों से कहा, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। टूटी सड़क से बचने के लिए लोग खेतों में होकर आने को मजबूर है। ग्रामीण नत्थी सिंह ,सरपंच महेंद्र सिंह, भीम सिंह, ओमप्रकाश का कहना है कि यह मोरोली मोड से बड़ेसरा महज दो किलोमीटर की सड़क खंडों में तब्दील हो गई है। ग्रामीणों को बेढम पान्होरी होकर आना पड़ रहा है। इस सड़क की मरम्मत के लिए कृषि उपज मंडी चेयरमैन, सार्वजनिक निर्माण विभाग

व क्षेत्रीय विधायक को कई बार अवगत कराया गया है लेकिन कोई नहीं सुनवाई नहीं हुई। गौरतलब बात यह है कि बरसात होने पर खेतों में बना कच्चा रास्ता भी बंद हो जाएगा।ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से इस सड़क मरम्मत कराने की मांग की है। इस बारे में

सार्वजनिक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता अतुल कुमार का कहना है कि यह मौरोली मोड से बड़ेसरा सड़क नोनपेचेवल में है ओर इसके नवीनीकरण का टेण्डर हो चुका है, करीब एक हफ्ते में काम शुरू हो जाएगा।

सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग करने से ग्रामीणों में रोष

सीकरी। गांव बाघाका से कुरकेन तक बन रही सड़क कार्य मे घटिया सामग्री डालने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। लोगों ने सुधार नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। लोगों ने पीडब्लूडी के अधिकारियों पर ठेकेदार से मिलीभगत का आरोप लगाया है। आलमशाह के सरपंच प्रतिनिधि प्रताप यादव ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा बाघाका से कुरकेन तक नॉन पेचेवल योजना में करीब ढाई किमी लंबी सड़क बनाई जा रही है। बेस में ही घटिया सामग्री काम मे ली जा रही है। सड़क के दोनों ओर डलने वाले मलबे की गुणवत्ता घटिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ठेकेदार ने गुणवत्ता नहींं सुधारी तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। इस संबंध में पीडब्लूडी के सहायक अभियंता रामसिंह मीणा ने बताया कि ठेकेदार ने एक दो ट्राली गलत मलबा डाल दिया था। जिसे रुकवा दिया गया है। गुणवत्ता से कोई समझौता नही किया जाएगा।

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