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भद्रा रहित प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा में आज होगा होलिका दहन, श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 7.41 बजे , कल से शुरू होगी गणगौर पूजा

भद्रा रहित प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा में गुरुवार को होलिका दहन किया गया जाएगा। इसका श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 7.41 बजे...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 06:45 AM IST
भद्रा रहित प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा में गुरुवार को होलिका दहन किया गया जाएगा। इसका श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 7.41 बजे रहेगा। मार्च के शुरुआती 3 दिन त्योहारों का उल्लास रहेगा। एक मार्च को होलिका दहन होगा। 2 मार्च को धुलंडी मनाई जाएगी। इसी दिन नवविवाहिताएं सौभाग्य और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए 16 दिन की गणगौर पूजा शुरू करेंगी। 3 मार्च को जमराबीज पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्रियों का मानना है कि एक मार्च को सुबह पूर्णिमा प्रारंभ होगी, लेकिन साथ ही रात 7 बजकर 40 मिनट तक भद्रा रहेगी। भद्रा खत्म होने के बाद ही होलि का दहन का मुहूर्त लगेगा।

होली इस बार व्यापारियों के लिए रहेगी खासी लाभदायक : ज्योतिषशास्त्रियों ने बताया कि इस बार होली व्यापारी वर्ग के लिए लाभदायक रहेगी। सरकारी नीतियों से उत्तम लाभ मिलेगा। सूर्य, बुध व शुक्र का गुरु से नवम पंचम योग व्यापार बढ़ाएगा। भूमि, भवन, मकान, बर्तन, आभूषण, वाहन के व्यापार में लाभ होगा। मंगल भी सूर्य, बुध व शुक्र से चतुर्थ दशम योग बना रहा है। इससे राजनीतिक समस्या से सरकार को निजात मिल सकती है। साथ ही सत्ता पक्ष की स्थिति मजबूत बनने व नई योजना कारगर साबित होने से संयोग बन रहे हैं। शनि ग्रह भी एक उत्तम ग्रह बना रहा है। सूर्य, बुध व शुक्र ग्रह पर शनि की स्वग्रही दृष्टि से न्याय प्रणाली में होने की संभावना है। तृतीय व एकादश योग भी लाभकारी रहेगा। अधिकारी वर्ग व सर्विस क्लास लोगों के लिए यह होली शुभ समाचार दिलाएगी।







इन राशि यों पर पड़ेगा प्रभाव्र

मेष, कर्क, तुला, सिंह राशि के लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ। वृष, मिथुन, कन्या, वृश्चिक के जातकों के लिए मध्यम। धनु, मकर, कुंभ, मीन राशि वालों के लिए यह होली कष्ट दायक रह सकती है।

सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त

ज्योतिषशास्त्रियों का कहना है कि 1 मार्च को सुबह 8.58 बजे पूर्णिमा शुरू होगी। साथ ही सुबह 8.58 से रात 7.40 बजे तक भद्रा रहेगी। भद्रा खत्म होने के बाद रात 7.41 बजे होलिका दहन करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा।