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जिले के पांचों कॉलेजों में एबीवीपी के अध्यक्ष जीते, पूरे जिले में 20 पदों पर हुए छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई के सिर्फ दो प्रत्याशी जीते, तीन निर्दलीय

जिले के सभी पांचों राजकीय कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की है। सिरोही पीजी कॉलेज...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 06:31 AM IST
जिले के सभी पांचों राजकीय कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की है। सिरोही पीजी कॉलेज में एबीवीपी के अनिल प्रजापत के साथ पूरा पेनल एबीवीपी का बना। आबूरोड पीजी कॉलेज में एबीवीपी के गणपतसिंह के साथ पूरा पेनल एबीवीपी का बना। वहीं लॉ कॉलेज में एबीवीपी की खुशबू कुमारी विजय रही। एबीवीपी भाजपा का छात्र संगठन है और एनएसयूआई कांग्रेस का। इन परिणामों के बाद संभव है कि इसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव और उसके बाद लोकसभा चुनावों पर हो, लेकिन इतना तय है कि भाजपा इस जीत को युवाओं का साथ मिलने के तौर पर भुनाएगी।

पूर्व में कई विवादों से घिरी भाजपा के लिए यह परिणाम नई उर्जा का काम करेंगे, लेकिन कांग्रेस में जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य की नियुक्ति के बाद से नाराज चल रहे गुट को मुखर होने का अवसर मिलेगा, क्योंकि उनकी नियुक्ति के बाद पहले पंचायत निकाय के उपचुनाव में और अब छात्रसंघ चुनाव में यह हार कई सवाल खड़े करेगी। पिछले साल की तुलना में देखा जाए तो इस बार एबीवीपी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। दरअसल, पिछले चुनाव में एबीवीपी खुद गुटों में बंटी थी और उसे भाजपा नेताओं का भी साथ नहीं मिला था। इस बार इस छात्र संगठन ने उन कमियों को दूर किया। वहीं सामने चुनावों को देखकर भाजपा ने भी अपने छात्र संगठन का साथ दिया। इधर, एनएसयूआई और कांग्रेस के बीच तालमेल की कमी साफ नजर आई। वहीं जानकारों का यह भी कहना है कि चुनाव के दिन ही कांग्रेस की ओर से महंगाई के विरोध में बाजार बंद था। जिसमें व्यस्तता के चलते ऐसे परिणाम आए। बहरहाल, जीत के बाद एबीवीपी ने जश्न मनाया है और भाजपा भी इससे उत्साहित है।

परिणाम के बाद बोले छात्र और राजनीतिक दल : भाजपा- युवाओं के साथ से खुश, कांग्रेस- चुनाव में हमारी भूमिका नहीं


लॉ कॉलेज सिरोही में इस वर्ष पहली बार हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने दर्ज की जीत, बाकी सभी पदों पर निर्दलीय जीते

पीजी कॉलेज, सिरोही

पिछले चुनाव में इस कॉलेज में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय सुरेश देवासी जीते थे।

शेष पदों पर ये रहे परिणाम

राजकीय पीजी कॉलेज, सिरोही

पद नाम संगठन मिले मत अंतर

उपाध्यक्ष हितेश पुरोहित एबीवीपी 934 232

महासचिव प्रवीण पटेल एबीवीपी 982 326

संयुक्त सचिव दिव्या भाटी एबीवीपी 1076 321

राजकीय गर्ल्स कॉलेज, सिरोही

पद नाम संगठन मिले मत अंतर

उपाध्यक्ष प्रियंका कुमारी एबीवीपी 179 1

महासचिव ऐश्वर्या सिंह एबीवीपी 182 8

संयुक्त सचिव काजल सिंह एनएसयूआई 179 1

राजकीय लॉ कॉलेज, सिरोही

पद नाम संगठन मिले मत अंतर

उपाध्यक्ष दशरथ कुमार निर्दलीय 47 7

महासचिव संतोष राव निर्दलीय निर्विरोध

संयुक्त सचिव नरेश कुमार निर्दलीय निर्विरोध

राजकीय पीजी कॉलेज आबूरोड

पद नाम संगठन मिले मत अंतर

अध्यक्ष गणपतसिंह एबीवीपी 471 95

उपाध्यक्ष प्रवीण कोली एबीवीपी 445 158

महासचिव पारस छीपा एबीवीपी 632 150

संयुक्त सचिव कीर्ति प्रजापत एबीवीपी 563 146

राजकीय कॉलेज शिवगंज

पद नाम संगठन मिले मत अंतर

उपाध्यक्ष रेशमा मीणा एनएसयूआई 810 19

महासचिव रिया कुमारी एबीवीपी 1004 421

संयुक्त सचिव मुकेश कुमार एबीवीपी 816 42

अनिल प्रजापत, अध्यक्ष

मतदान : 72.98 प्रतिशत

संगठन : एबीवीपी

प्राप्त मत : 1107

निकटतम प्रतिद्वंदी : प्रकाश कुमार मेघवाल

संगठन : एनएसयूआई

प्राप्त मत : 681


गर्ल्स कॉलेज, सिरोही

पिछले चुनाव में इस कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की दिव्या भाटी जीती थी।


रुचिका रावल, अध्यक्ष

मतदान : 77.13 प्रतिशत

संगठन : एबीवीपी

प्राप्त मत : 184

निकटतम प्रतिद्वंदी : रिंकू पटेल

संगठन : एनएसयूआई

प्राप्त मत : 174

सिरोही. छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की जीत के बाद शहर में जुलूस निकाला गया। फोटो : भास्कर

इन 5 सवालों से समझें जीत का पूरा गणित और उसके मायने

1. क्या एबीवीपी को इतनी बड़ी जीत की उम्मीद थी

जी नहीं, बिल्कुल नहीं। जिस तरह से जिले के सभी कॉलेज में व्याख्याताओं की कमी से लेकर अन्य समस्याएं भाजपा सरकार में हैं। उसको देखकर तो कतई उम्मीद नहींं थी। यह उसके लिए चमत्कार जैसा ही है।

2. तो फिर यह हुआ कैसे, पांचों कॉलेज में एबीवीपी

आपको याद होगा पिछले चुनाव में एबीवीपी खुद गुटबाजी में बंट गई थी। जिसके कारण चार में से दो कॉलेज में वह हार गई। बाकी जगहों पर भी ठीकठाक ही प्रदर्शन था। इस बार ऊपर से निर्देश थे कि गुटबाजी बर्दाश्त नही की जाएगी। आपसी एकता से ही यह परिणाम आए।

लॉ कॉलेज, सिरोही

लॉ कॉलेज में इस बार पहली बार चुनाव हुए है।


खुशबू कुमारी, अध्यक्ष

मतदान : 80.58 प्रतिशत

संगठन : एबीवीपी

प्राप्त मत : 46

निकटतम प्रतिद्वंदी : खेताराम

संगठन : निर्दलीय

प्राप्त मत : 44

3. क्या भाजपा नेताओं ने एबीवीपी का साथ दिया

देना ही था। सामने दो बड़े चुनाव हैं। पहले दिसंबर में विधानसभा के और फिर मई में लोकसभा के। यहां भी ऊपर से निर्देश थे कि छात्र राजनीति के इन चुनावों में यदि पार्टी से जुड़े संगठन एबीवीपी की हार हुई तो सही मैसेज नहीं जाएगा। इसलिए भाजपा नेताओ ने भी साथ दिया।

पीजी कॉलेज, आबूरोड

पिछले चुनाव में इस कॉलेज में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय शाहरुख खान जीते थे।

चुनाव परिणामों पर भास्कर का आकलन एकदम सटीक

छात्रसंघ चुनावों के परिणामों को लेकर दैनिक भास्कर का आंकलन एकदम सटीक रहा। भास्कर ने अपने मंगलवार के अंक में साल भर से सक्रिय शहरी और जातीय समीकरण के कारण एबीवीपी रहेगी आगे, निर्दलीय प्रत्याशी ने वोट काटे तो एनएसयूआई को फायदा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिले के सभी राजकीय कॉलेज में एबीवीपी की जीत हुई।

गणपतसिंह, अध्यक्ष

मतदान : 80.64 प्रतिशत

संगठन : एबीवीपी

प्राप्त मत : 471

निकटतम प्रतिद्वंदी : कुंदन चौहान

संगठन : एनएसयूआई

प्राप्त मत : 376

4. एनएसयूआई एक भी कॉलेज में नहीं जीती, वह जिले में इतनी कमजोर है

जिले में एनएसयूआई को कमजोर तो नहीं कह सकते, लेकिन इस बार कहीं ना कहीं कांग्रेस और एनएसयूआई के बीच तालमेल की कमी रही। इसके साथ ही समय पर सही रणनीति का भी अभाव नजर आया। एबीवीपी को इसका फायदा मिला।

5. लेकिन इन चुनावों का विधानसभा और लोकसभा चुनावों से क्या संबंध

सीधा सीधा संबंध है। छात्रसंघ चुनाव युवाओं से जुड़े हैं। एबीवीपी भाजपा का छात्र संगठन है तो एनएसयूआई कांग्रेस का। इन चुनावों के नतीजों से यह रुझान लगाया जा सकता है कि मौजूदा मुद्दों के बीच युवाओं का झुकाव किस ओर है।

राजकीय कॉलेज, शिवगंज

पिछले चुनाव में इस कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के गौतम कुमार जीते थे।

राहुल कुमार, अध्यक्ष

मतदान : 71.70 प्रतिशत

संगठन : एबीवीपी

प्राप्त मत : 885

निकटतम प्रतिद्वंदी : गोविंददास

संगठन : एनएसयूआई

प्राप्त मत : 713

सबसे बड़ी जीत

सिरोही पीजी कॉलेज में एबीवीपी के अनिल प्रजापत ने निकटतम प्रतिद्वंदी एनएसयूआई के प्रकाश मेघवाल को 426 मतों से हराया, जो जिले के पांचों कॉलेजों में सबसे बड़ी जीत है।

सबसे छोटी हार

लॉ कॉलेज में पहली बार चुनाव हुए। अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी की खुशबू ने निर्दलीय खेताराम को 2 मतों से हराया।

परिणाम जिसने चौंकाया

आबूरोड के पीजी कॉलेज में अध्यक्ष पद के लिए 4 प्रत्याशी मैदान में थे। निर्दलीय प्रत्याशी शिवम गिरी को एक भी वोट नहीं मिला। इसको खुद का भी मत नहीं मिला।