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जिस चमगादड़ से फैलता है निपाह वायरस वह सिरोही जिले में भी, हालांकि यहां पर खतरा नहीं

सिरोही. शहर के निकट एक पेड़ पर लटके चमगादड़। सिरोही, बांसवाड़ा और डूंगरपुर में पाया जाता है यह चमगादड़ इस...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 23, 2018, 06:50 AM IST

जिस चमगादड़ से फैलता है निपाह वायरस वह सिरोही जिले में भी, हालांकि यहां पर खतरा नहीं
सिरोही. शहर के निकट एक पेड़ पर लटके चमगादड़।

सिरोही, बांसवाड़ा और डूंगरपुर में पाया जाता है यह चमगादड़

इस वायरस को फैलाने वाल चमगादड़ फ्रूट बट राजस्थान के सिरोही, बांसवाड़ा और डूंगरपुर क्षेत्र में पाया जाता है। यह खजूर, जामुन जैसे फलों या उनके रस का सेवन करता है। आमतौर पर तालाबों के आसपास यह ऊंचे पेड़ों पर रहता है। माउंटआबू में नक्की लेक के आसपास कई पेड़ों पर यह देखा जा सकता है।

जागरूकता आनी चाहिए

हमारे यहां बीमारियों से बचाव के लिए आमजन में अवेयरनेस नहीं होती। अभी जो वायरस केरल में हैं। उसे फैलाने वाला चमगादड़ फ्रूट बीट सिरोही, बांसवाड़ा और डूंगरपुर में भी पाया जाता है। इसलिए जागरूकता जरूरी है। इसका कोई खतरा अभी तक यहां नहीं है। - डॉ. हरीश बाफना, सेवानिवृत वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, जयपुर

दो जरूरी बातें, जो आपको करेंगी जागरूक

लक्षण : इस वायरस के असर के बाद व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होती है। दिमाग में जलन होती है और बुखार आता है। इसकी अभी कोई वैक्सीन नहीं है। प्रभावित व्यक्ति को आईसीयू में रखकर इलाज किया जाता

सावधानी : यह जिन पेड़ों पर रहता है। उसके नीचे गिरे फलों को ना खाएं, क्योंकि वह फल इसने काटे हों या उन पर इसकी लार हो। ऐसे फलों से ही यह वायरस फैलता है। बच्चों को भी बताएं, क्योंकि पार्क में पेड़ों के आसपास खेलते समय वे कई बार नीचे गिरा हुआ फल खा लेते हैं।

फलों का करता है सेवन

फ्रूट बट नामक यह चमगादड़ फलों का सेवन करता है। यह ज्यादातर माउंटआबू में पाया जाता है, लेकिन हमारे लिए अभी इस वायरस का कोई खतरा या संभावना नहीं है। हां, यदि कोई संक्रमित व्यक्ति आता है तो उससे यह फैल सकता है। -डॉ. अरुण कुमार शर्मा, माउंटआबू

क्या है निपाह वायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार निपाह वायरस चमगादड़ से फलों में, फलों से इंसानों और जानवरों पर आक्रमण करता है। 1998 में सबसे पहले मलेशिया के कांपुंग सुंगई निपाह में इसके मामले सामने आए थे। इसलिए इसे निपाह नाम दिया गया। भारत में इससे पहले सिलीगुड़ी और नादिया में इससे जुड़े मामले सामने आए थे।

हमारे यहां संभावनाएं कम

यह दैनिक भास्कर की अच्छी पहल है कि वह आगे होकर इसके प्रति जागरूकता ला रहा है। सबसे पहले तो मैं यह कहूंगा कि सोशल मीडिया पर इसको लेकर कुछ भ्रांतियां हैं। जो दूर होनी चाहिए। वायरस का हमारे यहां कोई असर नहीं है। पेड़ों के नीचे गिरे कटे हुए फल ना खाएं। -डॉ. सुशील परमार, सीएमएचओ, सिरोही

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Web Title: जिस चमगादड़ से फैलता है निपाह वायरस वह सिरोही जिले में भी, हालांकि यहां पर खतरा नहीं
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