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थानाें की रैंकिंग काे लेकर बदलाव: बदमाशों की प्रॉपर्टी अटैच पर मिलेंगे 2.5 और हादसे बढ़े तो कटेंगे 20 अंक

Sirohi News - पुलिस थानाें के जरिए जिलाें के कामाें का मूल्यांकन करने के लिए हर महीने तैयार की जाने वाली परफाॅर्मेंस मेजरमेंट...

Feb 15, 2020, 11:31 AM IST

पुलिस थानाें के जरिए जिलाें के कामाें का मूल्यांकन करने के लिए हर महीने तैयार की जाने वाली परफाॅर्मेंस मेजरमेंट समरी (पीएमएस) रिपाेर्ट में डीजीपी ने बदलाव किया है। अब सीआरपीसी की धारा 151 और आईपीसी की धारा 3/25 में गिरफ्तारी करने पर मिलने वाले नंबर थानाें काे नहीं मिलेंगे। पहले इन दोनों धाराओं में गिरफ्तारी के बाद संबंधित पुलिस थाने को दोनों में अलग-अलग आधा-अाधा यानी एक मामला हाेने पर पूरा एक नंबर मिलता था। इसके विपरीत अब थाना पुलिस को हार्डकोर बदमाशों की प्रॉपर्टी अटैच करने पर 2.5 अंक का तोहफा भी मिलेगा। ये अंक हर प्रॉपर्टी अटैचमेंट पर मिलेंगे। अपराधों की स्थिति व पुलिस की कार्यप्रणाली का अांकलन करने के लिए 2015 में मार्किंग सिस्टम लागू किया था। इसमें वारदातों का खुलासा करने और लंबित प्रकरण निस्तारण मामले में थानावार, जिलेवार परफॉर्मेंस मेजरमेंट समरी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। पुलिस थानों, सर्किल व जिलों के कार्य का मूल्यांकन डीजीपी के निर्देशन में गठित कमेटी करती है। कमेटी 18 बिन्दुओं पर जिलों, सर्किलों व थानों को नंबर देती है।

सड़क हादसे रोकने की जिम्मेदारी भी थानाप्रभारी को: डीजीपी ने सड़क सुरक्षा काे फाेकस करते हुए थाना इलाके में सड़क हादसे रोकने की जिम्मेदारी भी थानाधिकारी को दी है। थाने में पिछले महीने की तुलना में दूसरे महीने हादसों का ग्राफ 90 से 150 फीसदी तक बढ़ा तो दो नंबर से लेकर 20 नंबर तक कट जाएंगे। अगर हादसाें में 50 फीसदी कमी आई तो उस थाने के खाते में 20 अंकों का इजाफा भी होगा। पहले पीएमएस में इस मद में सिर्फ 5 अंकों की घटत-बढ़त होती थी।

15 मिनट में पहुंचेगी पुलिस, इमरजेंसी क्विक रिस्पांस सिस्टम लागू करने की कवायद


पुलिस विभाग में इमरजेंसी क्विक रिस्पोंस सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसमें तय होगा कि घटना की सूचना के बाद अधिकतम 15 मिनट में पुलिस दल को मौके पर पहुंचना होगा। सरकार व पुलिस मुख्यालय का मानना है कि माैके पर पुलिस का समय पर नहीं पहुंचना पीड़ित काे राहत पहुंचाने में देरी के साथ ही पुलिस की छवि काे प्रभावित करता है। पुलिस मुख्यालय का सदैव फाेकस किसी घटना की सूचना मिलने पर जल्दी से जल्दी पहुंचने का रहता है। प्रदेश में मुख्यमंत्री अाैर डीजीपी के निर्देश पर इसमें सुधार के लिए इमरजेंसी क्विक रिस्पांस सिस्टम लागू करने की कवायद शुरू हुई है।

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