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निर्धारित स्थान पर ठहराव की बजाय गांधी चौक में रुकती है बसें, यात्री होते हैं परेशान

कस्बे का मुख्य बाजार कहे जाने वाले गांधी चौक में काफी दुकानों के साथ सब्जी मंडी भी बनी हुई है, लेकिन जब सुविधाओं की...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 07:15 AM IST
निर्धारित स्थान पर ठहराव की बजाय गांधी चौक में रुकती है बसें, यात्री होते हैं परेशान
कस्बे का मुख्य बाजार कहे जाने वाले गांधी चौक में काफी दुकानों के साथ सब्जी मंडी भी बनी हुई है, लेकिन जब सुविधाओं की बात की जाए, तो छोटे बाजार की तुलना भी इससे नहीं की जा सकती है। यहां पर बस स्टेंड भी बना हुआ है जहां हर आधा-एक घंटे में बसों का ठहराव होता है तथा चिलचिलाती धूप में ही यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ता है। जहां तेज धूप-गर्मी से यात्री बेहाल नजर आते है वहीं लोग आस-पास गंदगी व दुर्गंध भरे वातावरण में एक मिनट भी खड़ा रहना पसंद नहीं करते हैं। छाया-पानी के अभाव में यात्री भी मजबूरन बस के इंतजार में इधर-उधर घूमकर छांव भरी जगह ढूंढते हैं। हालांकि कस्बे के तहसील कार्यालय के समीप ही बस स्टेंड निर्धारित किया हुआ है, लेकिन लंबा रास्ता होने के चक्कर में बस संचालक गांधी चौक पर ही बसे ठहराव करते हैं। सिवाना उपखंड मुख्यालय होने के बावजूद रोडवेज बसे बस स्टैंड जाने की बजाय बसों का ठहराव सीधा गांधी चौक करते हैं। सब्जी मंडी होने से मवेशियों का दिनभर यहां जमावड़ा रहता है, कई बार तो आवारा सांड आपस में भिड़त जाते है, ऐसे में यात्री इनसे बचकर दूर भागने लगते है। कई बार तो मवेशियों के चपेट में आने से राहगीर व वाहन चालक चोटिल हो चुके है।

गांधी चौक पर यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि छाया-पानी व शौचालय की व्यवस्था बिल्कुल नहीं है। यहां पर बसों का ठहराव तो होता है लेकिन यहां पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। इन जगहों पर यात्रियों के लिए टीन शेड अथवा विश्राम गृह बनाया जाना चाहिए। साथ ही रोडवेज प्रशासन पेयजल व बैठने के लिए बैंच लगाए, तो काफी सुविधा मिलेगी। महिला शौचालय के अभाव में महिलाओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

भास्कर संवाददाता | सिवाना

कस्बे का मुख्य बाजार कहे जाने वाले गांधी चौक में काफी दुकानों के साथ सब्जी मंडी भी बनी हुई है, लेकिन जब सुविधाओं की बात की जाए, तो छोटे बाजार की तुलना भी इससे नहीं की जा सकती है। यहां पर बस स्टेंड भी बना हुआ है जहां हर आधा-एक घंटे में बसों का ठहराव होता है तथा चिलचिलाती धूप में ही यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ता है। जहां तेज धूप-गर्मी से यात्री बेहाल नजर आते है वहीं लोग आस-पास गंदगी व दुर्गंध भरे वातावरण में एक मिनट भी खड़ा रहना पसंद नहीं करते हैं। छाया-पानी के अभाव में यात्री भी मजबूरन बस के इंतजार में इधर-उधर घूमकर छांव भरी जगह ढूंढते हैं। हालांकि कस्बे के तहसील कार्यालय के समीप ही बस स्टेंड निर्धारित किया हुआ है, लेकिन लंबा रास्ता होने के चक्कर में बस संचालक गांधी चौक पर ही बसे ठहराव करते हैं। सिवाना उपखंड मुख्यालय होने के बावजूद रोडवेज बसे बस स्टैंड जाने की बजाय बसों का ठहराव सीधा गांधी चौक करते हैं। सब्जी मंडी होने से मवेशियों का दिनभर यहां जमावड़ा रहता है, कई बार तो आवारा सांड आपस में भिड़त जाते है, ऐसे में यात्री इनसे बचकर दूर भागने लगते है। कई बार तो मवेशियों के चपेट में आने से राहगीर व वाहन चालक चोटिल हो चुके है।

गांधी चौक पर यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि छाया-पानी व शौचालय की व्यवस्था बिल्कुल नहीं है। यहां पर बसों का ठहराव तो होता है लेकिन यहां पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। इन जगहों पर यात्रियों के लिए टीन शेड अथवा विश्राम गृह बनाया जाना चाहिए। साथ ही रोडवेज प्रशासन पेयजल व बैठने के लिए बैंच लगाए, तो काफी सुविधा मिलेगी। महिला शौचालय के अभाव में महिलाओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

सिवाना. गांधी चौक पर खड़ी रोडवेज बस।

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