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सोजत में हीरक जयंती के साथ अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव शुरू, आज होगा कवि सम्मेलन

वरिष्ठ प्रवर्तक एवं जैन संत रूपचंद मसा रजत ने कहा कि जो व्यक्ति त्याग व तपस्या को जीवन में थोड़ा भी धारण करे, वो...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 06:10 AM IST
वरिष्ठ प्रवर्तक एवं जैन संत रूपचंद मसा रजत ने कहा कि जो व्यक्ति त्याग व तपस्या को जीवन में थोड़ा भी धारण करे, वो सच्चा श्रावक है। भगवान महावीर स्वामी अपने जीवन में लगातार इस बात को दोहराते रहे कि हमें बिना किसी राग-द्वेष के वीतरागी जीवन जीना है। हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक रूप में व्यक्ति का मूल धर्म प्रेम ओर आनंद बताया गया है।

इन चीजों का दर्शन हमें अपने धर्म में आस्था रखते हुए व दूसरे धर्मों का सम्मान कर प्रत्येक संत को सम्माननीय भाव से देखने से मिलेगा। इस मौके उप प्रवर्तक सुकनमुनि मसा ने कहा कि भगवान महावीर का संदेश अनंत जीवों को मोक्ष की ओर ले गया है तथा जैन धर्म की संत परंपरा में संत मिश्रीमल मसा का जीवन दर्शन अनुकरणीय है, जिन्होंने आजीवन पीड़ित मानवता व गो सेवा के लिए समर्पित किया। इस मौके युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा ने कहा कि मरूधर केसरी 36 ही कौम के सम्माननीय संत थे। उन्होंने सबको समता भाव से देखा। वहीं श्रमण संघीय सलाहकार विनय मुनि भीम ने कहा कि संत मिश्रीमल मसा के साथ वरिष्ठ प्रवर्तक रूपचंद मसा का जीवन खुली किताब की तरह है। अमृत मुनि मसा ने कहा कि अक्षय तृतीया का जैन धर्म में अत्यंत ही महत्व है, जिसमें वर्षभर तक उपवास व संयम का पालन करने वाले तपस्वियों को पारणा करवाया जाता है। धर्मसभा में महेश मुनि, नानेश मुनि, हितेश मुनि, मुकेश मुनि, वरूण मुनि, वयोवृद्ध रमीला कंवर, कुसुमलता, राजराजेश्वरी, जयमाला, कमल प्रभा, उमराव कंवर, इंदुप्रभा, डॉ चेतना, कंचनकंवर, डॉ. सुशीला ने भी अपने विचार प्रकट किए।

मुख्य समारोह कल : समिति के अध्यक्ष नवर|मल सांखला व सहमंत्री मगराज धोका ने बताया कि मुख्य समारोह बुधवार को आयोजित होगा, जिसमें तपस्वियों का पारणा संपन्न करवाया जाएगा। आयोजन में राष्ट्रीय अध्यक्ष केसरीमल बुरड़ के साथ केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी, गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, पीएचईडी मंत्री सुरेंद्र गोयल, उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी, पीडब्लूडी मंत्री युनुस खां, ऊर्जा राज्यमंत्री पुष्पेंद्रसिंह राणावत आदि मौजूद रहेंगे।

दीक्षा शताब्दी महोत्सव को लेकर निकलेगा वरघोड़ा, होंगे कई आयोजन

सोजत. गुरूसेवा समिति में रूपचंद जी मसा का स्वागत करते नागरिक।

आज बड़ा स्थानक से निकलेगा वरघोड़ा

मंगलवार को आयोजन की दूसरी कड़ी के तहत अक्षय तृतीया पारणा महोत्सव में वर्षी तप करने वाले तपस्वियों का कोट का मोहल्ला स्थित जैन स्थानक से वरघोड़ा निकाला जाएगा। बैंड-बाजों व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर यह जुलूस शहर के विभिन्न स्थानों से होता हुआ गुरुसेवा समिति आकर विसर्जित होगा। यहां पर भी तपस्वियों का सम्मान किया जाएगा।

आज रात को होगा कवि सम्मेलन

मंगलवार को रात्रि में 8 बजे से कवि सम्मेलन राजकीय महाविद्यालय में होगा। सम्मेलन में कवि प्रकाश नागौरी उदयपुर, राजेंद्र गोपाल व्यास भीलवाड़ा, अजातशत्रु उदयपुर, दीपक पारीक भीलवाड़ा, मुन्ना बैटरी मंदसौर, रशीद निर्मोही गुलाबपुरा, कविता तिवाड़ी लखनऊ प्रस्तुति देगी।

भास्कर न्यूज | सोजत

वरिष्ठ प्रवर्तक एवं जैन संत रूपचंद मसा रजत ने कहा कि जो व्यक्ति त्याग व तपस्या को जीवन में थोड़ा भी धारण करे, वो सच्चा श्रावक है। भगवान महावीर स्वामी अपने जीवन में लगातार इस बात को दोहराते रहे कि हमें बिना किसी राग-द्वेष के वीतरागी जीवन जीना है। हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक रूप में व्यक्ति का मूल धर्म प्रेम ओर आनंद बताया गया है।

इन चीजों का दर्शन हमें अपने धर्म में आस्था रखते हुए व दूसरे धर्मों का सम्मान कर प्रत्येक संत को सम्माननीय भाव से देखने से मिलेगा। इस मौके उप प्रवर्तक सुकनमुनि मसा ने कहा कि भगवान महावीर का संदेश अनंत जीवों को मोक्ष की ओर ले गया है तथा जैन धर्म की संत परंपरा में संत मिश्रीमल मसा का जीवन दर्शन अनुकरणीय है, जिन्होंने आजीवन पीड़ित मानवता व गो सेवा के लिए समर्पित किया। इस मौके युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा ने कहा कि मरूधर केसरी 36 ही कौम के सम्माननीय संत थे। उन्होंने सबको समता भाव से देखा। वहीं श्रमण संघीय सलाहकार विनय मुनि भीम ने कहा कि संत मिश्रीमल मसा के साथ वरिष्ठ प्रवर्तक रूपचंद मसा का जीवन खुली किताब की तरह है। अमृत मुनि मसा ने कहा कि अक्षय तृतीया का जैन धर्म में अत्यंत ही महत्व है, जिसमें वर्षभर तक उपवास व संयम का पालन करने वाले तपस्वियों को पारणा करवाया जाता है। धर्मसभा में महेश मुनि, नानेश मुनि, हितेश मुनि, मुकेश मुनि, वरूण मुनि, वयोवृद्ध रमीला कंवर, कुसुमलता, राजराजेश्वरी, जयमाला, कमल प्रभा, उमराव कंवर, इंदुप्रभा, डॉ चेतना, कंचनकंवर, डॉ. सुशीला ने भी अपने विचार प्रकट किए।

मुख्य समारोह कल : समिति के अध्यक्ष नवर|मल सांखला व सहमंत्री मगराज धोका ने बताया कि मुख्य समारोह बुधवार को आयोजित होगा, जिसमें तपस्वियों का पारणा संपन्न करवाया जाएगा। आयोजन में राष्ट्रीय अध्यक्ष केसरीमल बुरड़ के साथ केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी, गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, पीएचईडी मंत्री सुरेंद्र गोयल, उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी, पीडब्लूडी मंत्री युनुस खां, ऊर्जा राज्यमंत्री पुष्पेंद्रसिंह राणावत आदि मौजूद रहेंगे।

संत रूपमुनि महाराज का पिपलिया में मंगल प्रवेश

पिपलिया कलां. कस्बे में जैन संत रूपमुनि महाराज का सोमवार को मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर हरीश मुनि महाराज, महावीरराज जैन, पंकज पी शाह, अनिलराज जैन, सुनीलराज जैन आदि उपस्थित थे।

जयकारों के बीच रूपमुनि का हुआ बधावणा

त्रिवेणी संगम समारोह में भाग लेने के लिए सोमवार को सोजत पहुंचे वरिष्ठ प्रवर्तक रूपचंद मसा के मंगल प्रवेश पर उनका जयकारों के बीच बधावणा किया गया। यहां से संत रूपमुनि सीधे पूज्य गुरुदेव मिश्रीमल मसा के अस्थिकलश स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने आदरांजलि अर्पित की। इस दौरान संत मंडली का आयोजन समिति के अध्यक्ष नवर|मल सांखला, सहमंत्री मगराज धोका, समारोह उपाध्यक्ष नवर|मल गुंदेचा, समाजसेवी नेमीचंद धोका, मोहनराज अखावत, बाबूलाल बोहरा, भंवरलाल गांधी, माणकचंद ओस्तवाल, भंवरलाल भंडारी, गौतमचंद कोरीमुथा, प्रकाशचंद बोहरा, गौतमचंद धोका, जसवंतराज खारीवाल, ललित पगारिया, प्रकाशचंद खारीवाल, सोहनराज कोरीमुथा, उगमराज बलाई आदि मौजूद थे। इसके साथ ही गुरु भगवंतों की उपस्थिति में सुबह नवकारसी व गौतम प्रसादी के लाभार्थी परिवार का समारोह में माला,साफा व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।