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सोमवती अमावस्या पर भक्तों ने लगाई श्रद्धा की डुबकी

देवली मांजी। सोमवती अमावस पर भक्तों ने चारचौमा के महादेव मंदिर व आवां में त्रिवेणी जलधारा संगम में स्नान कर पूजा...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:00 AM IST
देवली मांजी। सोमवती अमावस पर भक्तों ने चारचौमा के महादेव मंदिर व आवां में त्रिवेणी जलधारा संगम में स्नान कर पूजा अर्चना की। अलसुबह से ही श्रद्धालुओं के त्रिवेणी जलधारा व कुंड में स्नान करने के लिए आना शुरू हो गया। क्षेत्र के अलावा दूरदराज से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव के जयकारों के बीच श्रद्धा की डुबकी लगाई।

नीलकंठ महादेव के प्राचीन कुंड में महिला, पुरुषों व बच्चों का खासा जमावड़ा रहा। शिव भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विशेष पूजा अर्चना की। इस अवसर पर दिव्य तीर्थ धाम भगवान बद्रीविशाल, उद्दव, कुबेर, नर व नारायण की पंच प्रतिमाओं को गंगा स्नान करवाया गया। द्वारकाधीश, रामजानकी, चतुर्भुजनाथ समेत अन्य मंदिरों की देव प्रतिमाओं का फूलों व विशेष पोशाकों के साथ श्रृंगार किया गया। घरों पर कई दान पुण्य किए। गौशाला समेत अन्य जगहों पर गायों को हरा चारा डाला। पंडिताइन ने श्रद्धालु महिलाओं को सोमवती की कथा सुनाई।

सुल्तानपुर. कस्बे समेत क्षेत्र मे सोमवार को सोमवती अमावस्या पर सुबह से शुरू हुआ दान-पुण्य का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा । इस मौके पर बड़ी संख्या मे महिलाओं ने सोमवती अमावस्या का व्रत रखा तथा विधि-विधान से पूजन किया । सोमवती अमावस्या को लेकर अपने पति के दीर्घायु जीवन के लिए महिलाओं ने पीपल पेड़ का पूजन करने के साथ ही कच्चे धागे के साथ पेड़ की परिक्रमा की। मान्यता है कि सोमवार के दिन अमावस्या होने पर पीपल पेड़ की परिक्रमा व पूजन करने से मनोकामना पूर्ण होती है।

गणेशगंज . कस्बे में अमावस्या का पर्व मनाया गया। महिलाओं द्वारा घर- घर व लक्ष्मीनारायण मंदिर, नृसिंह भगवान मंदिर पर कहानी सुनी व पीपल के पेड़ की पूजा अर्चना की गई। गोणदी में जलेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्घालुओं ने पवित्र कुंडों में स्नान कर पुण्य लाभ कमाया।

देवली मांजी . सोमवती अमावस्या पर त्रिवेणी जलधारा में स्नान करते श्रद्धालु।