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सिरोही में भारत बंद का असर, दलित संगठनों ने निकाली रैलियां

जिला मुख्यालय समेत जिलेभर में सोमवार को दलित संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी एक्ट में किए गए...

Danik Bhaskar

Apr 03, 2018, 06:55 AM IST
जिला मुख्यालय समेत जिलेभर में सोमवार को दलित संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी एक्ट में किए गए बदलाव के विरोध में जमकर प्रदर्शन हुआ। जिले के विभिन्न शहरों और गांवों में दलित संगठनों की ओर से विरोध में रैलियां निकाली गई तथा एक्ट में बदलाव नहीं करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला मुख्यालय पर डॉ. अंबेडकर सेवा समिति के बैनर तले दलित संगठनों ने प्रदर्शन कर रैली निकाली तथा कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। इस दौरान जिला महामंत्री रामलाल परिहार व जिला कोषाध्यक्ष देवेंद्र कुमार डांगी की मौजूदगी में कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से गत 21 मार्च को निर्णय दिया, जिसके तहत अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन किया गया। जिसमें एससी-एसटी के लोगों पर अत्याचार करने वाले अभियुक्तों को तुरंत गिरफ्तार पर रोक लगाई गई है। इस संबंध में केंद्र सरकार को न्यायालय की ओर से दिए गए निर्णय पर शीघ्र पुनर्विचार याचिका दायर कर ठोस पैरवी करनी चाहिए। इसी तरह मेघवाल समाज विकास संस्थान बाइस परगना जिला सिरोही की ओर से भी कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। इस मौके संगठन के अध्यक्ष भीमाराम चुंडवात, महामंत्री शंकरलाल गोयल व कोषाध्यक्ष बाबूभाई परिहार समेत पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।

रोहिड़ा : रैली निकाल कर फैसले का किया विरोध

रोहिड़ा | एससी-एसटी एक्ट पर न्यायालय के फैसले के विरोध में सोमवार को रोहिड़ा, वासा, वालोरिया, वाटेरा, भीमाना, भारजा के ग्रमीणों ने जूलूस व वाहन रैली निकाल कर विरोध जताया। रोहिड़ा में सुबह ग्रामीणों ने जय भीम के नारे लगाते हुए गांव के मुख्य मार्गो से जुलूस निकाल कर एससी-एसटी एक्ट पर उच्च न्यायालय के फैसले का विरोध जताया।



सुबह ग्रामीणों ने बाजार बंद कराने की कोशिश की, लेकिन व्यापारियों ने बाजार बंद करने से मना किया, जिससे थोड़े समय के लिए मामला गर्माया, लेकिन थानाधिकारी नरसीराम मय जाब्ता ने मौके पर पहुंच समझाइश की, जिससे मामाला शांत हो गया और शांति पूर्ण रूप से वाहन रैली निकाली गई।

सिरोही, माउंट आबू, आबूरोड, शिवगंज, पिंडवाड़ा, सरूपगंज, मंडार, जावाल, अनादरा समेत जिलेभर में निकली रैनियां, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

माउंट आबू. दलित संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान पर रैली निकाली गई।

सरूपगंज

शिवगंज : बंद का रहा मिला-जुला असर, सुमेरपुर में भी रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा

शिवगंज | डॉ. अंबेडकर सेवा समिति शिवगंज की ओर से अनुसूचित जाति, जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम में किए गए संसोधन के विरोध में सोमवार को रखे गए बंद का असर मिला-जुला रहा। सुबह अंबेडकर सेवा समिति की ओर से गांधी चौक पर सभा का आयोजन रखा गया, जिसमें संशोधित फैसले को गरीब व पीडि़त व्यक्तियों के लिए अनुचित बताया। बाजार में दोपहर के बाद अधिकांश दुकानें खुल गई थी, जबकि हाथ लारी, ठेले शाम तक बंद रहे। सुबह दुकानें बंद रहने से बाहरी व्यक्तियों को परेशानी हुई। सभा को अंबेडकर सेवा समिति अध्यक्ष दुर्गाराम सोनल, कमल किशोर चित्तारा, जगदीश कुमार बारोलिया, प्रकाश मीणा, देवाराम राठौड़, रामलाल हरिजन, गणेश मेघवाल, कपूराराम मेघवाल, विशनलाल, मनोहरलाल वर्मा ने संबोधित किया। मंच संचालन जोराराम मेघवाल ने किया। सभा में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर पुन:विचार कराने की मांग की गई। डॉ अंबेडकर सेवा समिति की ओर से बंद आह्वान के दौरान एसडीएम प्रकाशचंद्र अग्रवाल को राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन देकर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर पुन:विचार करवाने की मांग की। समिति अध्यक्ष दुर्गाराम सोनल व महामंत्री ललित कुमार हिंडोनिया के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया। इस दौरान कुछ लोग अग्रसेन सड़क पर पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने कपड़े की एक दुकान को जबरन बंद कराने का प्रयास किया। इस पर गुस्साएं व्यापारी और कार्यकर्ता भी आमने-सामने हो गए। इस बीच पुलिस निरीक्षक बुद्धाराम विश्नोई व अधिकारियों, सिपाहियों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर बड़ी मुश्किल से शांत किया। इधर, शिवगंज के व्यापारियों ने दोपहर को उपखंड कार्यालय पहुंचकर एसडीएम प्रकाशचंद अग्रवाल को ज्ञापन दिया, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का समर्थन किया एवं भारत बंद का विरोध किया। व्यापारियों ने बताया कि बंद आह्वान के दौरान व्यापारियों के दुकान जबरन बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन व्यापारियों ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के स्वागत में एक घंटा पहले दुकाने खोली।

रोहिड़ा

रोहिड़ा

अनादरा

अनादरा

माउंट आबू : निकाली रैली, खुले रहे बाजार

माउंट आबू. दलित संगठनों की ओर से सोमवार को भारत बंद का असर माउंट आबू में भी नजर आया। इस दौरान शहर में रैली निकाली गई। हालांकि, शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस दौरान खुले नजर आए। सोमवार को सवेरे पेट्रोल पंप से दलित समाज के लोगों ने डॉ.अंबेडकर सेवा समिति के बैनर तले रैली निकाली, जो बस स्टैंड, रोटरी सर्किल, चाचा म्यूजियम चौराहा, मुख्य बाजार, सब्जी मंड़ी से होते हुए अंबेडकर सर्किल पहुंचे। जहां डॉ. अंबेडकर सेवा समिति के पदाधिकारियों समेत पालिकाध्यक्ष सुरेश थिंगर ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर फूल मालाएं पहनाई। इसके बाद में रैली एम के चौराहा होते हुए नक्की लेक एवं नक्की लेक छोटी दरगाह से होते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंची। जहां, उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार ओला को ज्ञापन सौंपा। इस मौके भंवर आदिवाल, महेंद्र घारू, संतोष हंस, राजा राम, तोला राम, महामंत्री देवी लाल रील, बंशीलाल डूलगच, संजय राणा, संगठन मंत्री सोहन लाल, नरसा राम, मांगी लाल गोयर, पूर्व पालिकाध्यक्षा मीना देवी व उमा राम मौजूद थे।

आबूरोड : बंद का मिलाजुला असर, जबरन बंद करवाई दुकान

आबूरोड | अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लिए गए निर्णय में पुनर्विचार कराने की मांग को लेकर बंद समर्थकों ने सोमवार को शहर में रैली निकाली। रैली तहसील कार्यालय पहुंची। जहां तहसीलदार मनसुखराम डामोर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके बाद बंद समर्थक बाजार क्षेत्र में निकले, जहां खुली दुकानों को बंद कराते हुए आगे बढते रहे। रिटेल सब्जी मंडी, शहर पुलिस थाना के समीप एवं रोडवेज बस स्टैंड पर स्थित दुकानों को नारेबाजी करते हुए जबरन बंद करवा गया।





कुछ व्यापारियों ने इसका विरोध भी किया लेकिन, कुछ देर बाद दुकानों को बंद कर दिया। बंद के दौरान आबूरोड पंचायत समिति प्रधान लालाराम गरासिया, भाजपा नेता विजय गोठवाल, अजय बाला व राजेंद्र सोलंकी बंद समर्थकों के साथ चल रहे थे। इस मौके अंबेडकर सेवा समिति तहसील अध्यक्ष राजेंद्र परमार, रेवदर प्रभारी गणपत मेघवाल, नारायणलाल सोनल, राजेश कुमार, देवीलाल, देवाराम एवं राजाराम समेत बंद समर्थक मौजूद थे।

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