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जवाई बांध से मोरी बेड़ा स्टेशन तक रेलवे के दोहरीकरण मार्ग का काम पूरा

मोरी बेड़ा से रानी स्टेशनों के बीच 40 किलोमीटर लंबे दोहरीकृत मार्ग का दूसरे दिन शनिवार को जवाई बांध से मोरी बेड़ा...

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 07:25 AM IST
जवाई बांध से मोरी बेड़ा स्टेशन तक 
 रेलवे के दोहरीकरण मार्ग का काम पूरा
मोरी बेड़ा से रानी स्टेशनों के बीच 40 किलोमीटर लंबे दोहरीकृत मार्ग का दूसरे दिन शनिवार को जवाई बांध से मोरी बेड़ा खंड का निरीक्षण पश्चिम क्षेत्र रेल संरक्षा आयुक्त सुशील चंद्रा ने किया। रेल संरक्षा आयुक्त चंद्रा व अन्य अधिकारियों की टीम रविवार सुबह 10:30 बजे ट्रायल के लिए जवाई बांध के फाटक नंबर 2 से मोरीबेडा के लिए रवाना हुए। करीब एक घंटे में वे ट्रायल के साथ निरीक्षण करते हुए मोरीबेडा स्टेशन पंहुचे।

चंद्रा ने इस खंड के स्टेशन, ब्रिज, ट्रैक, ज्वाइंटस, कांटों आदि का निरीक्षण किया और स्पीड ट्रायल से इस ट्रैक की गति क्षमता की जांच की। रानी से मोरी बेड़ा के बीच 40 किलोमीटर रेलवे मार्ग का दोहरीकरण कार्य पूरा हो गया है। रेल संरक्षा आयुक्त चंद्रा की स्वीकृति के बाद रेल का संचालन शुरू किया जाएगा। ज्ञात रहे कि गत शुक्रवार को प्रथम चरण में रानी से जवाई बांध तक का निरीक्षण किया गया था। रेलवे ट्रैक दोहरीकरण का कार्य पूर्ण होने के पश्चात रेलगाडिय़ां निर्बाध रूप से पटरियों पर दौड़ेगी, जिससे समय व ईंधन की बचत होगी व रेलवे की आय में भी वृद्धि देखने को मिलेगी। इस मौके पर मंडल रेल प्रबंधक पुनीत चावला, सीनियर बीई पंकज मीना, डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर अतुल श्रीवास्तव, डिविजनल ऑपरेटिंग मैनेजर जितेंद्र मीना, सेफ्टी ट्रैफिक इंस्पेक्टर आशुतोष शर्मा, पीसी सिद्धा, धर्मेंद्र ओझा, स्टेशन प्रबंधक मोहनसिंह विधुडी, स्टेशन मास्टर धीरज यादव व रणविजय, बुकिंग सुपरवाइजर जितेंद्रसिंह समेत मंडल के अन्य कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।

100 किमी रेलमार्ग का हो चुका है दोहरीकरण : इससे पूर्व हाल ही में 30 दिसंबर को चंडावल-गुडिय़ा के बीच 11 किमी के रेलखंड दोहरीकरण का कार्य पूरा कर रेल संचालन शुरू किया गया है। अजमेर मंडल पर अब तक 100 किलोमीटर रेल मार्ग का दोहरीकरण हो चुका है और अब रानी व मोरी बेड़ा के बीच 40 किलोमीटर मार्ग का दोहरीकरण हो गया है, जिस पर रेल संरक्षा आयुक्त चंद्रा की स्वीकृति के बाद संचालन शुरू किया जाएगा। मंडल रेल प्रबंधक पुनीत चावला व अन्य अधिकारियों के साथ इस दोहरीकरण के संबंध में विचार-विमर्श किया।

दोहरीकरण से समय व ईंधन की बचत होगी, जिससे रेलवे की आय में वृद्धि होगी

सुमेरपुर. रेल्वे क्राॅसिंग फाटक की ऊंचाई का निरीक्षण करते संरक्षा आयुक्त।

जवाई बांध रेलवे स्टेशन पर फायर सिस्टम जांचा

रेल संरक्षा आयुक्त सुशील चंद्रा ने जवाई बांध रेलवे स्टेशन पर बने रूम में लगे फायर सिस्टम अलार्म को चेक किया। इस दौरान संरक्षा आयुक्त चंद्रा ने रेलवे क्रासिंग की फाटक की ऊंचाई भी चेक की। उन्होंने तय मापदंडों से ज्यादा क्रासिंग फाटक की ऊंचाई होने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तय मापदंडों के अनुसार ऊंचाई रखने के लिए निर्देश दिए।

भास्कर न्यूज | सुमेरपुर

मोरी बेड़ा से रानी स्टेशनों के बीच 40 किलोमीटर लंबे दोहरीकृत मार्ग का दूसरे दिन शनिवार को जवाई बांध से मोरी बेड़ा खंड का निरीक्षण पश्चिम क्षेत्र रेल संरक्षा आयुक्त सुशील चंद्रा ने किया। रेल संरक्षा आयुक्त चंद्रा व अन्य अधिकारियों की टीम रविवार सुबह 10:30 बजे ट्रायल के लिए जवाई बांध के फाटक नंबर 2 से मोरीबेडा के लिए रवाना हुए। करीब एक घंटे में वे ट्रायल के साथ निरीक्षण करते हुए मोरीबेडा स्टेशन पंहुचे।

चंद्रा ने इस खंड के स्टेशन, ब्रिज, ट्रैक, ज्वाइंटस, कांटों आदि का निरीक्षण किया और स्पीड ट्रायल से इस ट्रैक की गति क्षमता की जांच की। रानी से मोरी बेड़ा के बीच 40 किलोमीटर रेलवे मार्ग का दोहरीकरण कार्य पूरा हो गया है। रेल संरक्षा आयुक्त चंद्रा की स्वीकृति के बाद रेल का संचालन शुरू किया जाएगा। ज्ञात रहे कि गत शुक्रवार को प्रथम चरण में रानी से जवाई बांध तक का निरीक्षण किया गया था। रेलवे ट्रैक दोहरीकरण का कार्य पूर्ण होने के पश्चात रेलगाडिय़ां निर्बाध रूप से पटरियों पर दौड़ेगी, जिससे समय व ईंधन की बचत होगी व रेलवे की आय में भी वृद्धि देखने को मिलेगी। इस मौके पर मंडल रेल प्रबंधक पुनीत चावला, सीनियर बीई पंकज मीना, डिविजनल कॉमर्शियल मैनेजर अतुल श्रीवास्तव, डिविजनल ऑपरेटिंग मैनेजर जितेंद्र मीना, सेफ्टी ट्रैफिक इंस्पेक्टर आशुतोष शर्मा, पीसी सिद्धा, धर्मेंद्र ओझा, स्टेशन प्रबंधक मोहनसिंह विधुडी, स्टेशन मास्टर धीरज यादव व रणविजय, बुकिंग सुपरवाइजर जितेंद्रसिंह समेत मंडल के अन्य कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।

100 किमी रेलमार्ग का हो चुका है दोहरीकरण : इससे पूर्व हाल ही में 30 दिसंबर को चंडावल-गुडिय़ा के बीच 11 किमी के रेलखंड दोहरीकरण का कार्य पूरा कर रेल संचालन शुरू किया गया है। अजमेर मंडल पर अब तक 100 किलोमीटर रेल मार्ग का दोहरीकरण हो चुका है और अब रानी व मोरी बेड़ा के बीच 40 किलोमीटर मार्ग का दोहरीकरण हो गया है, जिस पर रेल संरक्षा आयुक्त चंद्रा की स्वीकृति के बाद संचालन शुरू किया जाएगा। मंडल रेल प्रबंधक पुनीत चावला व अन्य अधिकारियों के साथ इस दोहरीकरण के संबंध में विचार-विमर्श किया।

दोहरीकरण से इन गांवों को मिलेगा फायदा

जवाई बांध रेलवे स्टेशन जालोर, सिरोही व पाली जिले के गांवों का केंद्र बिंदू है। जालोर जिले के प्रवासियों का इसी स्टेशन से आना-जाना होता है। वहीं पाली जिले के सुमेरपुर तहसील व सिरोही जिले की शिवगंज तहसील क्षेत्र के लोग भी जवाई बांध रेलवे स्टेशन से ही परिवहन करते हैं। रेल लाइनों के दोहरीकरण से उक्त क्षेत्रवासियों के आने-जाने के समय में बचत होगी व डबल लाइन से ज्यादा रेलगाडिय़ों का आवागमन होगा।

354 किमी लाइनों का दिसंबर तक पूर्ण होगा कार्य

मंडल रेल प्रबंधक पुनीत चावला के अनुसार 354 किलोमीटर के अजमेर-पालनपुर खंड का दोहरीकरण अलग-अलग चरण में किया जा रहा है। यह काम दिसंबर 2018 तक पूरा कर लिया जाएगा।

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 रेलवे के दोहरीकरण मार्ग का काम पूरा
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