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शहर की सुरक्षा व ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए लगेंगे 499 सीसीटीवी कैमरे, 400 मीटर तक जूम पॉवर से पता चलेगा वाहनों की स्पीड व नंबरों का भी

पाली शहर समेत इससे जुड़े जोधपुर, जयपुर और सुमेरपुर हाइवे तक 24 घंटे निगरानी रखने के लिए पूरे शहर में जल्द ही 499...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 17, 2018, 07:30 AM IST

पाली शहर समेत इससे जुड़े जोधपुर, जयपुर और सुमेरपुर हाइवे तक 24 घंटे निगरानी रखने के लिए पूरे शहर में जल्द ही 499 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए सीसीटीवी कैमरा समेत अन्य उपकरण पाली पहुंंच गए हैं।

कैमरे लगाने वाली कंपनी का दावा है कि दो सप्ताह में इसका काम भी शुरू कर दिया जाएगा। पहली बार पीटीजेड जैसे आधुनिक तकनीक से लैस यह कैमरे होंगे, जिन्हें कंट्रोल रूम में बैठे विशेषज्ञ व अधिकारी 400 मीटर तक जूम कर किसी भी दिशा में हर गतिविधि पर नजर रख सकेंगे। दरअसल, पाली शहर में बढ़ते अपराधों के नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर जिले को भी अभय कमांड प्रोजेक्ट में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया गया था। इसके बाद पाली को भी इसमें शामिल किया गया। पाली आठवां शहर है। इस योजना में जयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा व उदयपुर भी शामिल है। कैमरे लगाने के लिए सीएमएस कंपनी को काम दिया गया है जो दो सप्ताह में काम शुरू कर देगी।

इसके लिए कलेक्ट्रेट परिसर में ही कंट्राेल रूम बनेगा। इन कैमरों की मदद से जहां अपराध कम होंगे वहीं पुलिस भी अपडेट रहेगी। इसमें शहर में वीडियो कैमरा रिकॉर्डिंग, कॉल रिकॉर्डिंग, यातायात नियंत्रण, अपराध नियंत्रण, आपात स्थिति में तुरंत एक ही जगह से सहायता संभव हो सकेगी।

कलेक्ट्रेट स्थित सीआईडी ऑफिस में बनेगा अभय कमांड कंट्रोल रूम, 24 घंटे 5 से 7 पुलिस अधिकारी-कर्मियों की टीम सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखेगी शहर की, मानपुरा भाखरी पर बनेगा रेडियो फ्रिक्वेंसी स्टेशन, लगेंगे टॉवर

इस तरह से अपडेट होगा पुलिस विभाग, हाईटेक पुलिसिंग

कैमरे द्वारा निगरानी
शहर मुख्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे से मॉनिटरिंग के साथ वीडियो मैनेजमेंट सिस्टम (स्टोरेज, संग्रहण व सर्च) के तहत काम होगा।

सीएडी-डायल 100 इसी सेंटर से आपातकालीन नंबर (112) और महिला हैल्पलाइन (1090) का एक ही जगह संचालन होगा। यहां आने वाले कॉल की रिकॉर्डिंग रहेगी और रेस्पोंडर सिस्टम (एमडीटीज), ऑटोमेटिक व्हीकल लोकेशन सिस्टम, वीडियो इंटरफेस के साथ विस्तृत कम्यूनिकेशन प्लेटफॉर्म(ईएसडीएन, वायरलैस, एसएमएस, ई-मेल) स्थापित होगा।

इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम सेंसर से नंबर प्लेट की ऑटोमेटिक पहचान कर उसे आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। इसके साथ ही यदि कोई ट्रेफिक नियम भी तोड़ता है तो वह भी सारा कैमरे में कैद हो जाएगा।

व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम जीपीएस नेविगेशन सिस्टम के साथ वाहन की लोकेशन, गति और मार्ग का पता किया जा सकेगा। इसके अलावा यहां तक जानकारी मिल जाएगी की संदिग्ध वाहन कौन-कौन से रूट से गुजरा है और उसका वास्तविक समय भी आ जाएगा।

जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम सेंटर पर वीडियो सर्विलांस और डायल 100 सिस्टम का राजधरा के साथ इंटीग्रेशन किया जाएगा। इस पर नक्शा भी उपलब्ध रहेगा, जिसकी मदद से पुलिस प्रशासन के लिए लोकेशन ढूंढना आसान होगा।

पहली बार पीटीजेेड सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, तीन तरह के कैमरों से होगी सुरक्षा

यह कैमरे सीएमएस कंप्यूटर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से लगाए जाएंगे। कंपनी के एफएमएस इंजीनियर रूपेंद्र कुमार ने बताया कि पाली में बुलेट, डोम और पीटीजेड यानि, पाई टेट जूम कैमरे आए हैं। इसमें बुलेट कैमरे चौराहों व मुख्य स्थानों पर लगेंगे। डोम कैमरे अस्पताल, स्कूल व पुलिस थानों में लगाए जाएंगे, वहीं पीटीजेड कैमरे मुख्य मार्गो, सेंसेटिव क्षेत्रों, मुख्य चौराहों और हाईवे पर लगेंगे।

मानपुरा भाखरी पर बनेगा आरएफ स्टेशन, बाद में ओएफसी पर होंगे कन्वर्ट

फिलहाल, यह सारे कैमरे आरएफ यानि, रेडियो फ्रिक्वेंसी से चलेंगे। इसके लिए मानपुरा भाखरी पर आरएफ स्टेशन व टॉवर लगेंगे। वहां से फ्रिक्वेंसी कनेक्ट होने के बाद कैमरों का आउटपुट कंट्रोल रूम को दिया जाएगा। इसके बाद यह कैमरे ओएफसी (ऑप्टिकल फाइबर केबल) पर कन्वर्ट होंगे। इसके लिए अभी सर्वे शुरू हो चुका है और जल्द ही ओएफसी का काम भी पूरा हो जाएगा।

भास्कर ने शुरू किया था अभियान, जनसहयोग से कॉलोनियों व घरों में लग चुके ढाई हजार से ज्यादा कैमरे, अब सरकार लगाएगी

शहर के चर्चित दीपक सोनी हत्याकांड के बाद भास्कर ने शहरवासियों के साथ सुरक्षा अभियान शुरू किया था। अभियान के तहत जनसहयोग से शहर में प्रमुख बाजार, कॉलोनियों, मोहल्लों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। लोगों ने व्यक्तिगत स्तर पर अपने घरों में भी कैमरे लगाए। अब ऑपरेशन अभय कमांड के तहत राज्य सरकार पाली में 500 सीसीटीवी कैमरे लगा रही है।

यह है पीटीजेड की खासियत : पीटीजेड कैमरों को पाई टेट जूम भी कहते हैं। इसे 300 से 400 मीटर जूम करके देख सकते हैं। यानि, कंट्रोल रूम में बैठी टीम इन कैमरों को वहीं से 400 मीटर जूम के साथ ही दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे करके लाइव रिकार्डिंग देख पाएगी।

मास्टर प्लान के अनुसार 159 वर्ग किलोमीटर में फैला शहर, यानि एक कॉलोनी में 5 से 10 कैमरे

जानकारों की माने तो पूरा पाली शहर करीब 159 वर्ग किलोमीटर में फैला है। ऐसे में यदि गणना की जाए तो इस प्रोजेक्ट में शहर की एक भी गली और मोहल्ला ऐसा नहीं बचेगा जिसमें कैमरे नहीं लगेंगे। बड़ी कॉलोनी में 5 से 10 कैमरे होंगे।

इस तरह से अभय कमांड के लिए काम करेगी पुलिस व आईटी की टीम

कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे जहां सीआईडी व कंट्रोल रूम हैं वहां पर इसका अलग से कंट्रोल रूम बनेगा। यहां 24 घंटे निगरानी रहेगी। इस कंट्रोल रूम में ही 10 से अधिक एलईडी वॉल होगी।

राउंड-द-क्लाक 5 से 7 पुलिस अधिकारी व आईटी एक्सपर्ट की टीम पूरे शहर पर नजर रखने के लिए इसकी अलग से टीम बनेगी। इसमें पुलिस अधिकारी समेत अाईटी एक्सपर्ट शामिल होंगे। एएसआई से लेकर कांस्टेबल तक इस टीम का हिस्सा होंगे।

अभी इन कैमरों को आरएफ से जोड़ा जाएगा। सारे कैमरे उच्च तकनीक व नाइट विजन के हैं। मानपुरा भाखरी पर इनकी कनेक्टिविटी के लिए आरएफ टॉवर लगाया जाएगा। - संजय खान, डिप्टी डायरेक्टर एसीपी, आईटी विभाग, पाली

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