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चौराहों पर उलझे दोनों निकाय चेयरमैन व विधायक को संगठन की नसीहत- समाजों की राजनीति में पड़े तो नुकसान होगा

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 09, 2018, 07:35 AM IST

चौराहों पर उलझे दोनों निकाय चेयरमैन व विधायक को संगठन की नसीहत- समाजों की राजनीति में पड़े तो नुकसान होगा
विधायक व नगर परिषद व यूआईटी चेयरमैन के साथ जयपुर में बैठक हुई है। कुछ इश्यूज पर चर्चा हुई। सब साथ मिलकर काम करेंगे। मैं खुद इस महीने पाली आ रहा हूं। यहां आकर भी इनसे विस्तृत चर्चा करूंगा। - रामचरण बोहरा, भाजपा जिला संगठन प्रभारी

जल्द ही प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर व जिला प्रभारी सांसद रामचरण बोहरा पाली आएंगे

भास्कर संवाददाता | पाली

विधानसभा चुनावों से पहले पाली शहर में विधायक और नगर परिषद व यूआईटी चेयरमैन के बीच बंटी भाजपा को एक कर गुटबाजी खत्म करने के लिए पार्टी और संगठन के पदाधिकारियों को दखल करना पड़ा। इस बार तीनों को जयपुर में बुलाकर नसीहत दी है कि पाली में सर्किल से लेकर अन्य मामलों में जो गुटबाजी चल रही है उसे खत्म कर मिलकर काम करें। पाली में पिछले माह समाजों के महापुरुषों व संतों के नाम पर चौराहे बनाने पर यूआईटी व नगर परिषद के बीच शुरू हुई खींचतान की शिकायत पाली के जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर से की थी। उनके निर्देश पर जिला प्रभारी सांसद रामचरण बोहरा ने विधायक ज्ञानचंद पारख, यूआईटी चेयरमैन संजय ओझा व नगर परिषद चेयरमैन महेंद्र बोहरा को जयपुर बुलाकर बात की और गुटबाजी खत्म करने की नसीहत दी। बैठक में भी विधायक व दोनों चेयरमैन ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। इस पर तीनों को कहा गया कि वे चौराहों के नाम पर समाजों को बांटने की राजनीति में नहीं पड़ें। इस राजनीति में किसी भी समाज की नाराजगी का खमियाजा चुनाव में पार्टी को उठाना पड़ सकता है। पार्टी सूत्रों की मानें तो मामले में जल्द ही प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर व जिला प्रभारी सांसद रामचरण बोहरा पाली आएंगे।

जिला प्रभारी ने दोनों चेयरमैन से पूछा कितने चौराहों की घोषणा कर दी- ओझा ने बताए 8, बोहरा ने बताए 40, सुनकर बोले- पाली शहर इतना बड़ा है क्या, जो इतने सर्किल बना दोगे

पाली में विधायक ज्ञानचंद पारख, नगर परिषद चेयरमैन महेंद्र बोहरा व यूआईटी चेयरमैन संजय ओझा के बीच चल रही खींचतान में तीसरी बार संगठन को करना पड़ा हस्तक्षेप

पाली शहर में भाजपा नेताओं की गुटबाजी की शिकायतें पहुंची प्रदेश नेतृत्व तक, इसी माह आ सकते हैं संगठन मंत्री चंद्रशेखर व जिला प्रभारी सांसद रामचरण बोहरा

विकास के लिए जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की शिकायत का स्तर देखिए, एक ने कहा- वो मुझे नहीं बुलाते, दूसरे ने बताई फोटो नहीं लगाने की पीड़ा

जयपुर में करीब दो घंटे तक चली बैठक में तीनों जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रभारी की मौजूदगी में भी एक- दूसरे पर आरोप लगाए। एक जनप्रतिनिधि ने कहा कि पाली में यूआईटी के होर्डिंग्स पर सुमेरपुर विधायक का फोटो छपता है। एक चेयरमैन की शिकायत थी कि मुझे कार्यक्रमों में नहीं बुलाते। वहीं एक की पीड़ा थी कि उनका फोटो छोटा छापते हैं। एसडीएम के तबादले के लिए व सीवरेज कार्यों के लिए सड़कों पर प्रदर्शन जैसे आरोप-प्रत्यारोप भी बैठक में लगाए गए।

पट्टों का मामला भी उठा, जिला प्रभारी ने पूछा -ऐसा क्या इंटरेस्ट है जो खींचतान चल रही है

बैठक में पाली में नगर परिषद व यूआईटी के बीच चली पट्टों के अधिकार की लड़ाई का मामला भी उठा। दोनों चेयरमैन ने अपना पक्ष रखा। इस पर जिला प्रभारी ने पूछा कि आखिर ऐसा क्या इंटरेस्ट है जो बार-बार इस मुद्दे पर खींचतान होती है।

सामान्य बैठक की तरह थी, जिसमें संगठन और चुनावों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान शहर के कुछ वर्तमान मुद्दे भी रखे थे। उद्देश्य यही था कि साथ मिलकर काम करें। -महेंद्र बोहरा, चेयरमैन, नगर परिषद, पाली

जनता को गिनाने के लिए दाेनों निकायों का एक भी काम नहीं, तीसरी बार विवाद होर्डिंग्स व शिला पट्टिकाओं पर नाम के लिए ही

यह तीसरा मौका है जब संगठन को पाली में भाजपा नेताओं पंचायती में दखल देना पड़ा। पहले विधायक ज्ञानचंद पारख के वार्ड में चिल्ड्रन पार्क के लोकार्पण में उनको नहीं बुलाने पर विवाद हुआ। फिर यह लड़ाई होर्डिंग्स पर फोटो नहीं लगाने का विवाद हुआ और अब चौराहों को समाजों को बांटने की हाेड़। हैरत की बात यह कि नगर परिषद के तीन साल व यूआईटी चेयरमैन के करीब एक साल से ज्यादा के कार्यकाल में एक भी ऐसा बड़ा काम नहीं जिससे जनता को राहत या सुविधा मिली हो।

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हम तीनों को बुलाया गया और समझाइश की। शहर में आपसी सामंजस्य के साथ काम करने की हिदायत दी गई। बाकी ऐसा कुछ नहीं था। शहर में जो भी विकास के काम होंगे अब दोनों निकाय मिलकर करेंगे। -संजय ओझा, चेयरमैन, यूआईटी, पाली

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पाली इतना बड़ा है क्या, जो एक साथ इतने सर्किल-चौराहे बना दोगे

बैठक में शहर में विभिन्न समाजों के महापुरुषों व संतों के नाम पर सर्किल बनाने पर चल रही खींचतान मुख्य मुद्दा था। यूआईटी चेयरमैन का कहना था कि उन्होंने चार महीने में 8 सर्किल की घोषणा की। इनमें से 4 बना दिए। नगर परिषद चेयरमैन ने बताया कि करीब 40 सर्किल की घोषणा की गई। इस पर सांसद बोहरा ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए पूछा कि पाली इतना बड़ा है क्या, जो इतने सर्किल एक साथ दे दिए।

संगठन प्रभारी की तीनों को नसीहत: समाजों के नाम पर राजनीति न करें, चुनावों में हो सकता है नुकसान

जिला संगठन प्रभारी ने करीब दो घंटे तक तीनों नेताओं से बात की। उन्होंने नसीहत दी कि सर्किलों के नाम पर समाजों को बांटना गलत है। ऐसा न हो कि इसका खामियाजा या असर चुनावों में देखने को मिले। उन्होंने तीनों को साथ मिलकर शहर के लिए काम और विकास करने को भी कहा।

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यूआईटी और नगर परिषद के बीच चौराहों को लेकर चल रही बंदरबांट को लेकर चर्चा की गई। दोनों चेयरमैन को पाबंद किया कि बिना नियमों के कोई काम नहीं करे। हिदायत दी कि विकास के काम साथ मिलकर करें। इसी माह संगठन प्रभारी बोहरा पाली आएंगे तो उनसे फिर चर्चा करेंगे। -ज्ञानचंद पारख, विधायक, पाली

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