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हेमावास बांध की ऊंचाई एक फीट बढ़ेगी, शहर में छह माह पीने जितना पानी अतिरिक्त मिलेगा

Sumerpur News - शहर के प्रमुख हेमावास बांध को लेकर पिछले 15 साल से चल रही ऊंचाई बढ़ाने की मांग राज्य सरकार ने मंजूर कर ली है। विधायक...

Dainik Bhaskar

Feb 25, 2018, 08:00 AM IST
हेमावास बांध की ऊंचाई एक फीट बढ़ेगी, शहर में छह माह पीने जितना पानी अतिरिक्त मिलेगा
शहर के प्रमुख हेमावास बांध को लेकर पिछले 15 साल से चल रही ऊंचाई बढ़ाने की मांग राज्य सरकार ने मंजूर कर ली है। विधायक ज्ञानचंद पारख की तरफ से शनिवार को यह मामला विधानसभा में उठाया गया तो जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने प्रस्तावित प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की घोषणा कर दी। हेमावास बांध की ऊंचाई एक फीट तक बढ़ाने के साथ नहराें का भी नवीनीकरण कराया जाएगा। इससे मानसून सत्र में हर साल बांध के ओवरफ्लो से व्यर्थ बहने वाले करीब 350 एमसीएफटी पानी की अतिरिक्त आवक होगी। इससे शहर में छह माह तक जलापूर्ति देने जितने पानी की आवक होगी, वहीं किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इससे सिंचित क्षेत्र भी बढ़ जाएगा। दावा किया जा रहा है कि नए वित्तीय वर्ष में इस प्रोजेक्ट के लिए बजट जारी कर दिया जाएगा। विधायक पारख ने हेमावास बांध का मामला उठाते हुए कहा जिले में पिछले 4 सालाें में हुई अच्छी बारिश से बांध 3 बार ओवरफ्लो हुआ। सैकड़ों एमसीएफटी पानी व्यर्थ बह गया। पानी को बांडी नदी में छोड़ने से सुमेरपुर इलाके में कई बस्तियां जलमग्न हो गई थी। साथ ही शहरवासियों को भी करोड़ों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। बांध की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव कई वर्ष से रखा जा रहा है। पारख ने कहा कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो बांध में 350 एमसीएफटी पानी की अतिरिक्त आवक होने से बांध की कुल भराव क्षमता 15 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।

हेमावास बांध की ऊंचाई एक फीट बढ़ने से 350 एमसीएफटी पानी ज्यादा आएगा, एक एमसीएफटी यानि 2 करोड़ 83 लाख 16 हजार 846 लीटर पानी की होगी आवक

रेडियो नदी

हेमावास बांध एक नजर में

1942 में बांध का निर्माण हुअा

2006 नहराें की मरम्मत कार्य

33.59 किमी नहरों की कुल लंबाई

10
किमी पक्की नहरों का कुल दायरा

23.59 किमी पक्की नहरों का निर्माण बाकी

9115
हैक्टेयर कुल रकबा

6093 हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र

यह होंगे 6 बड़े फायदे



1. पेयजल के लिए पानी आरक्षित रख सकेंगे।

2. 2500 से अधिक किसान परिवार सिंचाई से नए जुड़ेंगे।

3. सिंचित क्षेत्र भी 2000 रकबा तक बढ़ेगा।

4. ओवरफ्लो का पानी व्यर्थ बहने की समस्या नहीं होगी।

5. सुमेरपुर की बस्तियां जलमग्न नहीं होगी।

6. रोहट व पाली पंचायत समिति के कई गांवों को भी पानी मिलेगा।

रोहट की रेडियो नदी का पानी अब कच्छ की खाड़ी में नहीं जाएगा

विधानसभा में विधायक पारख की तरफ से रोहट की प्रमुख रेडिय़ा नदी का पानी कच्छ की खाड़ी में व्यर्थ बहने से रोकने का मामला भी जोरदार तरीके से उठाया। उनका कहना था कि इस नदी के आसपास कोई बांध नहीं होने तथा पानी को रोकने वाला डायवर्जन नहीं होने के कारण यह पानी व्यर्थ बह जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि इस पानी को रोकने के लिए डायवर्जन बनाने से इस पानी का उपयोग रोहट के एक दर्जन से अधिक गांवों में पेयजल समस्या नहीं रहेगी। साथ ही कच्ची नहरों का निर्माण कराने से नया सिंचाई क्षेत्र भी पनपेगा। साथ ही इस पानी से रोहट, खांडी, वायद, गिरोलिया, डूंगरपुर-खांडी समेत कई छोटे बांध व तालाब भी ओवरफ्लो होंगे। इस पर जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने इस योजना के लिए 6.60 करोड़ रुपए मंजूर करने की घोषणा की।

ऐसे बढ़ेगी घर से खेत तक खुशहाली

शहर में पानी की किल्लत होना आम बात है। इन 4 साल को छोड़ दिया जाए तो हर बार गर्मी के मौसम में पानी की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष की स्थिति होती है। हेमावास बांध की ऊंचाई बढ़ने से ओवरफ्लो के दौरान व्यर्थ बहने वाला करीब 350 एमसीएफटी पानी बढ़ जाएगा। सिंचिंत क्षेत्र भी बढ़ेगा। मालवा, सुकरलाई, जेतपुरा, भांवरी, मणिहारी गांव के खेतों में सिंचाई होगी।


विधायक के तर्क पर मंत्री ने जताई सहमति

पारख ने यह भी तर्क दिया कि 27 फीट भराव क्षमता वाले बांध में 12 फीट तक तो मिट्टी भरी है। मिट्टी निकालना आसान नहीं हैं। इसलिए मात्र एक फीट तक ही हेमावास बांध की ऊंचाई बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जानी चाहिए। इससे शहर में पेयजल समस्या का निदान होगा। साथ ही सिंचिंत क्षेत्र बढ़ जाने से किसानों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। इस पर जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने विधानसभा में पूरे प्रदेश के उठाए गए मामलों का जवाब देते वक्त हेमावास बांध की ऊंचाई बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की घोषणा कर दी।

सरदार समंद व लोर्डिया फीडर का मामला भी उठा

पारख ने सरदारसमंद बांध में हुए अतिक्रमणों का मामला उठाते हुए कहा कि अतिक्रमण करने में नेशनल हाइवे से लेकर कई एजेंसिया जिम्मेदार है। जिन्होंने पानी आवक के स्थान पर नए निर्माण कर दिए। पूरा जिला बाढ़ से त्रस्त होता है, सरदारसमंद बांध में पानी 25 प्रतिशत ही आता है। लोर्डिया फीडर में चैनल गेट लगाने की मांग भी विस में रखी।

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