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होलाष्टक प्रारंभ, शुभ कार्यों पर होली तक रोक

Sumerpur News - विवाह, सगाई, नए घर में प्रवेश, मुंडन, गोद भराई की रस्म है वर्जित भास्कर न्यूज | सुमेरपुर होली के त्योहार से पहले...

Dainik Bhaskar

Feb 25, 2018, 08:00 AM IST
होलाष्टक प्रारंभ, शुभ कार्यों पर होली तक रोक
विवाह, सगाई, नए घर में प्रवेश, मुंडन, गोद भराई की रस्म है वर्जित

भास्कर न्यूज | सुमेरपुर

होली के त्योहार से पहले शुक्रवार से होलाष्टक प्रारंभ हो गया है। इसके साथ ही शुभ कार्यों पर रोक लग गई है। होलिका दहन एक मार्च और धुलंडी दो मार्च को मनाई जाएगी। हिंदी पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर होली मनाई जाती है। पूर्णिमा से 8 दिन पहले यानी फाल्गुन के मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक शुरू हो जाते हैं।

ज्योतिष महेश वी शास्त्री के मुताबिक होलाष्टक में सभी तरह के शुभ काम करना वर्जित रहता है। इस दौरान किए गए शुभ काम सफल नहीं हो पाते हैं और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि होलाष्टक को लेकर मान्यता है कि प्राचीन समय में दैत्यराज हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। इसलिए दैत्यराज ने उस समय फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी से भक्त प्रह्लाद को बंदी बना लिया था और तरह-तरह की यातनाएं दी थी। इसके बाद पूर्णिमा पर होलिका ने भी प्रहलाद को जलाने का प्रयास किया, लेकिन वह स्वयं ही जल गई और प्रहलाद बच गए। होली से पहले इन आठ दिनों में प्रहलाद को यातनाएं दी गई थीं, इस कारण यह समय होलाष्टक कहा जाता है।

होलाष्टक में न करें ये कार्य

होलाष्टक के दिनों में शुभ काम जैसे विवाह, सगाई, नए घर में प्रवेश, मुंडन, गोद भराई आदि नहीं करना चाहिए। ज्योतिष की मान्यता है कि इन दिनों में सभी नौ ग्रहों का स्वभाव उग्र रहता है और उनसे शुभ फल नहीं मिल पाते हैं। इसी वजह से होलाष्टक में यह सभी काम नहीं किए जाते हैं। ज्योतिष में होली का काफी अधिक महत्व है। इस दिन किए गए पूजा-पाठ से सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। अगर आप महालक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं तो होली तक घर में शांति बनाए रखें। किसी भी प्रकार का वाद-विवाद न करें। अन्यथा होली पर की गई पूजा से शुभ फल नहीं मिल पाएगा।

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