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मोरीबेडा सहित अजमेर मंडल के 35 रेलवे स्टेशन पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म और 48 स्टेशन पर बनेंगे फुट ओवर ब्रिज

भास्कर न्यूज | सुमेरपुर/सिरोही मोरीबेडा व आबूरोड सहित अजमेर मंडल के 35 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म को हाई लेवल के...

Danik Bhaskar | Feb 22, 2018, 08:10 AM IST
भास्कर न्यूज | सुमेरपुर/सिरोही

मोरीबेडा व आबूरोड सहित अजमेर मंडल के 35 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म को हाई लेवल के प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा। आबूरोड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं में और भी विस्तार किया जाएगा। जिले के भीमाना, किवरली, मालव और मोरथला रेलवे स्टेशनों को हाई लेवल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। आबूरोड स्टेशन पर प्लेटफार्म लिफ्ट लगेगी तथा सरूपगंज में आयूबी बनाया जाएगा। यहीं, नहीं आबूरोड-सरात्रा, सरूपगंज-आबूरोड और केशवगंज-सरूपगंज रेलवे दोहरीकरण का काम भी इसी साल होगा। रेलवे ने विभिन्न कामों के लिए टेंडर निकाल दिए है और दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार के मौजूदा आम बजट में अजमेर मंडल को अच्छा बजट दिया गया है। अजमेर मंडल के 35 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म को लो लेवल से लेवल प्लेटफॉर्म में बदला जाएगा। इस संबंध में अजमेर स्टेशन पर प्रस्तावित नए प्लेटफोर्म नंबर 6 पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई है व निविदाएं खोली गई है।

यात्रियों की सुविधाओं में होगा विस्तार


जिले के भीमाना, किवरली, मावल और मोरथला रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे हाई लेवल प्लेटफॉर्म, दिसंबर तक पूरा होगा काम

इन स्टेशनों पर बनेंगे लो लेवल प्लेटफॉर्म

अजमेर मंडल के खीमेल, बिरोलिया, मोरीबेड़ा, कोठार, भीमाना, किवरली, मोरथला, मावल, अमीरगढ़, सरोत्रा रोड, इकबालगढ़, चित्रासनी, जेठी, करजोड़ा, दौराई, सराधना, मकरेडा, मांगलियावास, खरवा, पीपलाज, बांगडग़्राम, अमरपुरा, सेंदड़ा, हरिपुर, बर, मावली जंक्शन, कपासन, राणा प्रतापनगर, घोसुंदा, भोपाल सागर, फतेहनगर, भीमल, खेमली और अजमेर स्टेशन शामिल है।

क्यों पड़ी हाई लेवल प्लेटफॉर्म की आवश्यकता

भारतीय रेल में हाई लेवल प्लेटफॉर्म की आवश्यकता होती है, क्योंकि रेल के डिब्बे का निर्माण में बड़े आकार के पहियों, व्हील और कई अन्य उपकरण जैसे ब्रेकिंग सिस्टम, बैटरी कपलिंग सिस्टम और शॉक ऑब्सेवर्स का उपयोग किया जाता है। जिससे ट्रेन के डिब्बे की ऊंचाई सतह से लगभग 1 मीटर हो जाती है। ऐसी स्थिति में लो लेवल प्लेटफार्म से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने में असुविधा होती है। जबकि, हाई लेवल प्लेटफार्म से यात्री ट्रेन में आसानी से चढ़ जाते हैं क्योंकि रेलवे प्लेटफॉर्म को ट्रेन के डिब्बे के गेट की सतह के लेवल में तैयार किया जाता है। साथ ही हाई लेवल प्लेटफॉर्म सुरक्षा की दृष्टि से भी लाभदायक है, क्योंकि प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रेन के बीच गैप कम होता है, जिससे यात्रिओं के गिरने की संभावना कम होती है।

यहां बनेंगे हाई लेवल प्लेटफॉर्म

मारवाड-पालनपुर खंड पर खीमेल और बिरोलिया, मोरी बेड़ा और कोठार, भीमाना और किवरली, मोरथला और मावल, अमीरगढ़ और सरोत्रा रोड, इकबालगढ़ और चित्रासनी, जेठी और करजोड़ा स्टेशन पर 1 प्लेटफार्म को हाई लेवल प्लेटफार्म में बदला जाएगा। प्रत्येक की लागत लगभग 1.25 करोड़ रुपए आएगी। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की गई और निविदाएं खोली गई है।

48 स्टेशनों पर बनेंगे फुट ओवर ब्रिज

अजमेर मंडल के विभिन्न खंडों मारवाड-पालनपुर, अजमेर-मारवाड जंक्शन, अजमेर-चित्तौडग़ढ तथा चित्तौडग़ढ-उदयपुर खंड पर स्थित स्टेशनों 48 पर लगभग 118 करोड़ रुपए की लागत से नए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। मारवाड जंक्शन-पालनपुर खंड पर मारवाड़ जंक्शन, आउवा, भिंवालिया, खीमेल, फालना, बिरोलिया, मोरीबेडा, नाना, केशवगंज, सिरोही रोड तथा बनास स्टेशन शामिल है। इन स्टेशनों पर प्रत्येक स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज के निर्माण में 2.45 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस प्रकार इन स्टेशनों पर कुल 26.95 करोड़ रुपए की लागत से 11 फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।