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मंडी में फसलों की खरीद में बोरी के वजन पर विवाद, किसान-व्यापारी आमने-सामने

महाराजा उम्मेदसिंह कृषि उपज मंडी में जिंसों की खरीद के दौरान प्रति बोरी 300 ग्राम वजन बाद में करने को लेकर किसानों व...

Danik Bhaskar | Apr 07, 2018, 07:10 AM IST
महाराजा उम्मेदसिंह कृषि उपज मंडी में जिंसों की खरीद के दौरान प्रति बोरी 300 ग्राम वजन बाद में करने को लेकर किसानों व व्यापारियों में विवाद हो गया। व्यापारियों ने शुक्रवार को नीलामी कार्य के दौरान कुछ समय के लिए जिंसों की खरीद-फरोख्त नहीं की, लेकिन बाद में कुछ व्यापारियों द्वारा किसानों से जिंसों की खरीद की गई। किसानों की उपज का प्रति बोरी 300 ग्राम वजन के बाद करने को लेकर कृषि उपज मंडी परिसर में गुरुवार को व्यापारियों, किसानों व मंडी प्रशासन की बैठक आयोजित हुई थी। जिसमें नीलामी के पश्चात प्रति बोरी 300 ग्राम वजन बाद में नहीं करने का निर्णय लिया गया था। शुक्रवार सुबह मंडी सचिव सुरेश मंगल ने नीलामी स्थल पर जाकर उक्त निर्णय के बारे में व्यापारियों व किसानों को अवगत करवाया। जिस पर व्यापारियों ने बताया कि किसानों द्वारा नीलामी के लिए लाए गए माल में धूल, मिट्टी व कचरा आता है। यदि किसानों द्वारा साफ-सुथरा माल लाया जाए तो खरीदने में कोई परेशानी नहीं होगी। नीलामी के दौरान कुछ समय के लिए जिंसों की खरीद-फरोख्त नहीं हुई। तत्पश्चात दोनों पक्षों में वार्ता के बाद कुछ व्यापारियों द्वारा किसानों का माल 300 ग्राम प्रति बोरी वजन बिना बाद किए खरीदा गया। वहीं बचे कुछ किसानों ने अपनी उपज अपने आड़तियों के यहां रखवा दी।

किसान रेवदर में तहसीलदार व एसडीएम से मिले, कलेक्टर को भी बताई समस्या

सुमेरपुर. नीलामी स्थल पर चर्चा करते किसान व व्यापारी।

इधर, सिरोही में बोरियां व गिरदावरी रिपोर्ट नहीं होने का नतीजा, केंद्र खुलने के 5 दिन बाद भी शुरू नहीं हो पाई खरीद

फसल बेचने के लिए किसानों ने कराया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

सिरोही | किसानों के दबाव पर सरकार ने पहली बार जिले में चना और सरसो की फसल समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए एक साथ तीन केंद्र खोले हैं। लेकिन, तीनों केंद्रों पर बोरियां उपलब्ध नहीं होने और किसानों को फसल की गिरदावरी रिपोर्ट नहीं मिलने से अभी तक खरीद शुरू नहीं हो पाई है। जबकि, सरकार ने 2 अप्रैल से ही खरीद शुरू करने के आदेश किए थे। बिकने के लिए खेतों में तैयार फसल को रखना अब किसानों की चिंता बढ़ा रही है। किसानों ने ई मित्र पर जाकर फसल बिक्री के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करवा दिया है, लेकिन खरीद केंद्र पर कोई तैयारी नहीं है। भारतीय किसान संघ के जोधपुर प्रांत अध्यक्ष हीरालाल चौधरी के नेतृत्व में किसान शुक्रवार को रेवदर में तहसीलदार व एसडीएम से मिले और खरीद केंद्र शुरू नहीं होने की समस्या बताई। प्रशासन के हस्तक्षेप से यह बात सामने आई कि खरीद केंद्रों पर बोरदाना (बोरियां)नहीं है। जबकि, पटवारी हड़ताल पर चले जाने से किसानों को बोई गई फसल की गिरदावरी रिपोर्ट नहीं मिल रही। बताया जा रहा है कि आसपास के जिलों से बोरियां उपलब्ध करवा कर शनिवार से ही खरीद शुरू की जाएगी, लेकिन गिरदावरी रिपोर्ट को लेकर अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है।

वजन बाद में करते हैं, इसी कारण से परेशानी


वार्ता जारी है