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अतिक्रमियों को 3-3 माह के सिविल कारावास की सजा सुनाई, िगरफ्तारी के िलए वारंट जारी
अतिक्रमियों ने रास्ते
को पूर्ण रूप से बंद कर दिया था, जिससे अावागमजन बंद हो गया
सांडेराव क्षेत्र में अाम रास्ते व सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने पर दो अलग-अलग मामलों में नायब तहसीलदार ने अतिक्रमियों को तीन-तीन माह के सिविल कारावास की सजा सुनाई। सुमेरपुर तहसील क्षेत्र के नायब तहसीलदार ओमप्रकाश सरगरा ने सांडेराव के अतिक्रमी रघुवीरसिंह पुत्र तखतसिंह साण्डेराव, पूर्व सरपंच सबलवीरसिंह पुत्र रघुवीरसिंह साण्डेराव, पूर्व पंचायत समिति सदस्य हिम्मतवीरसिंह पुत्र रघुवीरसिंह एवं मानवेंद्रसिंह पुत्र रघुवीरसिंह को आम रास्ता व सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने पर दो अलग अलग मामलो में तीन-तीन माह के सिविल कारावास के दंड से दण्डित किया एवं िगरफ्तारी वारंट जारी किया।
सुमेरपुर तहसील के सांडेराव गांव स्थित खसरा नंबर 1184 व खसरा नम्बर 1210 की जमीन पर रघुवीरसिंह पुत्र तखतसिंह, सबलवीरसिंह मानवेंद्रसिंह, हिम्मतवीरसिंह पुत्र रघुवीरसिंह निवासी सांडेराव तहसील सुमेरपुर का अतिक्रमण पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कर नोटिस जारी किए गए। अतिक्रमियों की ओर से अधिवक्ता ने पैरवी करते हुए बताया कि कब्जा पुराना एवं पुश्तैनी है, जिसे नियमन किया जाए। सरकार की ओर से पटवार हल्का सांडेराव ने बताया कि उक्त भूमि रास्ता व सिंगिग से अवाप्त है, जो रिकॉर्ड में सरकारी दर्ज है। अतिक्रमियों ने रास्ते की सार्वजनिक लोक प्रयोजनार्थ भूमि को पूर्ण रूप से बंद कर दिया है। जिससे आवागमन बंद हो गया है।
2017 में भी इसी भूमि पर अतिक्रमियों ने अतिक्रमण किया था
उन्हींने बताया कि उक्त भूमि पर पूर्व में भी अतिक्रमियों ने 2017 में अतिक्रमण किया था, िजसके बाद मुकदमा दर्ज कर बेदखल किया गया था तथा पिछले जुर्माने व फसल नीलामी की राशि 28 हजार रुपये भी आज तक जमा नहीं करवाने से बकाया चल रहे हैं। बहस दौरान पटवारी हल्का ने राजस्थान कृषि भूमि आवंटन नियमाें का हवाला देते हुए नियमन किया जाना वर्जित बताया। अतिक्रमण पाए जाने पर पीठासीन अधिकारी ओमप्रकाश सरगरा ने अतिक्रमी रघुवीरसिंह पुत्र तखतसिंह, सबलवीरसिंह, हिम्मतवीरसिंह, मानवेंद्रसिंह पुत्र रघुवीरसिंह को दोषी मानते हुए दोनों अलग-अलग मामलों में 3-3 माह के सिविल कारावास के दण्ड से दण्डित करते हुए भूमि से भौतिक रूप से बेदखल किया एवं कब्जा राजहित में लिए जाने के साथ ही प्रकरण में बोई गई फसल को नियमानुसार कुर्क कर नीलामी फर्द प्रस्तुत किए जाने के साथ ही जुर्माना राशि वसूलने के आदेश
जारी किए।