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शहर के 8 कॉलेजों में निर्दलीय जीते, 4 साल बाद ऐसा हुआ कि कोई भी छात्र संगठन नहीं बना पाया अपना अध्यक्ष

भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर जिलेभर के 36 कॉलेजों में छात्रसंघ चुनावों की मतगणना मंगलवार को शांतिपूर्वक...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 06:41 AM IST
Suratgarh - शहर के 8 कॉलेजों में निर्दलीय जीते, 4 साल बाद ऐसा हुआ कि कोई भी छात्र संगठन नहीं बना पाया अपना अध्यक्ष
भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर

जिलेभर के 36 कॉलेजों में छात्रसंघ चुनावों की मतगणना मंगलवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। हर बार की भांति इस बार भी निर्दलीयों का ही दबदबा रहा। जिला मुख्यालय के सभी 8 कॉलेजों में निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है। वहीं, पूरे जिले में जिन 36 कॉलेजों में मतगणना हुई है उनमें 20 में निर्दलीय, 9 में एनएसयूआई ने कब्जा जमाया है। वहीं, एबीवीपी और एसएफआई को तीन-तीन सीटें हाथ लगी हैं। किसान छात्र संगठन मोर्चा ने पहली बार सूरतगढ़ के सरकारी कॉलेज से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

पांच साल पहले अस्तित्व में आई जमींदारा छात्र संगठन की टिकट पर एक भी उम्मीदवार ने चुनाव नहीं लड़ा। जीत के बाद अनेक छात्रों ने विजयी जुलूस निकाला। हालांकि जीतने के तुरंत बाद पुलिस ने विजेता प्रत्याशी को अपनी गाड़ियों से उसके घर पहुंचाया ताकि जुलूस नहीं निकलें। इसके बावजूद विजयी जुलूस निकाले गए। विजेता प्रत्याशियों के समर्थकों ने ढोल व डीजे की धुन पर जमकर जश्न मनाया और रंग-गुलाल उड़ा पटाखे फोड़े। छात्रसंघ चुनावों में नामांकन के समय गैंगस्टर अंकित भादू की धमकी के चलते सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पुलिस-प्रशासन मुस्तैद रहा। खास बात है कि शहर में 4 साल बाद ऐसा हुआ है जब कोई भी छात्र संगठन अपना अध्यक्ष नहीं बना पाया। हालांकि एनएसयूआई का दावा है कि तीनों सरकारी कॉलेजों में विजेता प्रत्याशियों को उनका समर्थन था।

जुलूस निकाल रहे अध्यक्ष व गाड़ी को पुलिस ने कब्जे में लिया, हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ा

चुनावी किस्से

दो कॉलेजों में मैनेजमेंट के प्रत्याशी नहीं जीते : जिले में हर बार दो कॉलेजों में मैनेजमेंट के प्रत्याशी ही जीतते रहे हैं लेकिन इस बार पासा पलट गया। इतिहास बदला और दोनों ही कॉलेजों में कॉलेज प्रबंधन की ओर से समर्थित प्रत्याशी हार गए। हालांकि इन्हें जिताने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा था। विजयी जुलूस में छात्रों ने इसके लिए नारे भी लगाए।

खालसा और गोदारा कॉलेज में रोचक जीत:खालसा कॉलेज श्रीगंगानगर में विजयी प्रत्याशी महज दो वोट से जीता। सर्वाधिक अंतर अध्यक्ष पद के लिए गोदारा कॉलेज में 302 मतों का रहा। खालसा कॉलेज में रविंदरपालसिंह को 326 व एस्टन अमरिंद्रप्रताप सिंह को (324) वोट मिले। गोदारा कॉलेज में दीक्षारानी को 733 और गुरप्रीतकौर को 431 मत मिले।

एसडी कॉलेज में दुबारा हुई मतगणना :एसडी पीजी कॉलेज में जीत के दावेदार माने जा रहे हिमांशू शाह की 62 मतों से हार हुई तो उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताई और दुबारा मतगणना की मांग की। इस पर फिर से मतगणना हुई तो भी मतों का अंतर 62 ही निकला और हिमांशू ने इसे स्वीकार कर लिया। इस प्रक्रिया में आधे घंटे का समय अधिक लग गया।

श्रीविजयनगर में एसएफआई और एनएसयूआई का रहा दबदबा, एबीवीपी हारी

आरएन दीक्षित कॉलेज में सभी पदों पर एसएफआई के अलावा दोनों कॉलेजों में एनएसयूआई ने एक तरफा जीत दर्ज की। एनएसयूआई के चुनाव प्रचार में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने जमकर प्रचार किया था और जीत के बाद जुलूस में पार्टी का ध्वज भी साथ चल रहा था। मंडी में भाजपा के बड़े नेताओं के घर होने के बावजूद यहां के दो कॉलेजों में एबीवीपी का उम्मीदवार भी नहीं था। एकमात्र डाडा पम्माराम कन्या पीजी महाविद्यालय में दावेदारी जताई पर वहां भी जीत नहीं सके। एबीवीपी के छात्रों में इस बात का आक्रोश है कि भाजपाइयों ने उनका साथ नहीं दिया। उधर, रावला में भी कस्बे के दोनों कॉलेजों में एसएफआई का दबदबा समाप्त हो गया है।

खालसा कॉलेज में महज 2 वोट से हुई जीत

एसडी कॉलेज के विजेता प्रत्याशी कार्तिक छाबड़ा जीत के बाद अपने समर्थकों के साथ बाजार में ओपन बॉडी जीप पर विजय जुलूस निकाल रहे थे। इसी दौरान नेहरू पार्क के पास सीओ सिटी काफिले के साथ मौके पर पहुंचे और समर्थकों को खदेड़कर प्रत्याशी को पकड़कर जीप को कब्जे में ले लिया। जीप को कोतवाली ले जा रहे थे कि रास्ते में अंकुर मगलानी ने मौके पर पहुंच पुलिस से समझाइश की और जीप व प्रत्याशी को छुड़ाया। इसी दौरान मुखर्जीनगर में इसी अध्यक्ष के समर्थक सड़क पर नाच रहे थे। यहां भी पुलिस मौके पर पहुंची और युवकों पर हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ दिया।

चुनाव में जीत-हार के मायने

एनएसयूआई व एबीवीपी को जिले के सभी कॉलेजों में नहीं मिले उम्मीदवार

छात्र संघ चुनावों में जिले के 36 कॉलेजों में से 20 पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं। बड़े छात्र संगठन एनएसयूआई और एबीवीपी का जनाधार पिछले साल से भी कम हो गया है। चुनावों में एनएसयूआई एबीवीपी को सभी कॉलेजों में उम्मीदवार ही नहीं मिले। हालांकि एनएसयूआई ने 13 और एबीवीपी ने 12 कॉलेजों में प्रत्याशी उतारे थे। इनमें से एनएसयूआई ने 10 और एबीवीपी ने 7 सीटों पर जीत का दावा किया है। एनएसयूआई के जिला संयोजक मोहित भाखर ने बताया कि उनके संगठन का प्रमुख कॉलेजों पर ही ध्यान था। इधर एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री उपमन्यु सिंह ने कहा है कि संगठन के ही पुराने पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं तथा भाजपा के स्थानीय कुछ नेताओं ने एबीवीपी को आगे नहीं बढ़ने दिया। कई जगह टिकटें नहीं बंटने दी तो कहीं उम्मीदवार ही खड़े नहीं होने दिए। इस संबंध में स्वयं सेवक संघ और भाजपा के राज्य पदाधिकारियों को नाम और सबूतों के साथ शिकायत की है।

8 कॉलेज में यह रहे अध्यक्ष

सेठ जीएल बिहाणी कॉलेज

उपाध्यक्ष

अमित बिश्नोई

महासचिव

मोहित कटारिया

संयुक्त सचिव: कार्तिक कटारिया

चौ. बीआर गोदारा रा. कन्या कॉलेज

उपाध्यक्ष

गुरसैयदा

महासचिव

पूजा सारस्वत

संयुक्त सचिव: संतोष रानी

राधाकृष्णन गर्ल्स कॉलेज

उपाध्यक्ष

गुंजन

महासचिव

रंजना दाधीच

संयुक्त सचिव: दीपिका

राजकीय लॉ कॉलेज

उपाध्यक्ष

शिवानी

महासचिव

सोनी रानी

संयुक्त सचिव: राजेश कुमार

36 कॉलेजों में 20 पर निर्दलीय व 9 पर एनएसयूआई जीती, एबीवीपी व एसएफआई तीन-तीन सीटों पर सिमटी

अध्यक्ष

कार्तिक छाबड़ा

निर्दलीय

मत मिले|759

प्रतिद्वंद्वी: हिमांशु शाह

मत मिले|695

अध्यक्ष

दीक्षा रानी

निर्दलीय

मत मिले|733

प्रतिद्वंद्वी: गुरप्रीत कौर

मत मिले|431

अध्यक्ष

आरजू

निर्दलीय

मत मिले|174

प्रतिद्वंद्वी: नीलम

मत मिले|158

अध्यक्ष

अनिल कुमार

निर्दलीय

मत मिले|105

प्रतिद्वंद्वी: रूबलकुमारी

मत मिले|28

एसडी लॉ कॉलेज

उपाध्यक्ष

अंकित भाटी

महासचिव

जश्नदीप सिंह

संयुक्त सचिव: शफनिंद्र सिंघल

गुरुनानक खालसा पीजी कॉलेज

उपाध्यक्ष

प्रिंसपाल सिंह

महासचिव

रोहित कुमार

संयुक्त सचिव: कोई नहीं

एमडी स्नातकोत्तर कॉलेज

उपाध्यक्ष

पंकज भादू

महासचिव

जितेंद्रसिंह

संयुक्त सचिव: शुभम अरोड़ा - निर्विरोध

डाॅ. बीआर अंबेडकर राजकीय कॉलेज

उपाध्यक्ष

नरेंद्र दायमा

महासचिव

मोहित कुमार

संयुक्त सचिव:सोनपाल

अध्यक्ष

शुभम बजाज

निर्दलीय

मत मिले|120

प्रतिद्वंद्वी: रजनीश चौहान

मत मिले|38

अध्यक्ष

रविंद्रपालसिंह

निर्दलीय

मत मिले|326

प्रतिद्वंद्वी: अमरिंदर सिंह

मत मिले|324

अध्यक्ष

योगेशकुमार

निर्दलीय

मत मिले|262

प्रतिद्वंद्वी: संदीप

मत मिले|85

अध्यक्ष

अश्विनी चौधरी

निर्दलीय

मत मिले|772

प्रतिद्वंद्वी: ओमप्रकाश

मत मिले|649

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