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पौने दो साल बाद हुई ‘दिशा’ की बैठक, इसमें भी अधिकारियों व सरकार के प्रतिनिधियों ने की खानापूर्ति

भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) अपने लक्ष्य एवं दिशा से भटक गई है। करीब...

Dainik Bhaskar

Jul 15, 2018, 06:40 AM IST
पौने दो साल बाद हुई ‘दिशा’ की बैठक, इसमें भी अधिकारियों व सरकार के प्रतिनिधियों ने की खानापूर्ति
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) अपने लक्ष्य एवं दिशा से भटक गई है। करीब पौने दो साल बाद समिति की शनिवार को कलेक्ट्रेट में बैठक हुई। इससे पहले 15 सितंबर 2016 को बैठक हुई थी। अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल ने की। बैैठक में ऐसा कोई बड़ा फैसला नहीं हुआ, जिससे केंद्र सरकार के कार्यों से जिले के लोगों का हौसला बढ़े। बस योजनाओं के कार्यों की समीक्षा हुई। कुछ योजनाओं में पैसा नहीं मिलने पर जनप्रतिनिधियों ने आक्रोश जताया। अटल मिशन फॉर रिजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन (अमृत) योजना पर अब तक एक धेला नहीं आया और न ही खर्च हुआ। नगरपरिषद और यूआईटी इस योजना के तहत विकास कार्य करवाने वाली संचालन एजेंसी हैं। इस मौके पर यूअाईटी अध्यक्ष संजय महिपाल ने यहां तक कह दिया कि समझ नहीं आता यह योजना किसलिए शुरू की गई है। शहर में तो यह शुरू ही नहीं हो पाई। इस पर एक रुपए का काम नहीं हुआ। इस पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने नगरपरिषद एवं यूआईटी अधिकारियों पर सवाल दागा तो कमिश्नर सुनीता चौधरी ने बताया कि नौ बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन कोई नहीं आया। इस योजना में शहर के चार पार्कों के सौंदर्यीकरण के तहत जिम, झूले, लोहे के बेंच, पानी की बोरिंग एवं रंग रोगन आदि काम होने थे, लेकिन योजना फाइल से बाहर नहीं निकली।

तीन पंचायतें शहर काे कबाड़घर बना रही हैं

बैठक में अन्य योजनाओं विशेषकर जल मार्ग विकास योजना एवं स्वच्छ भारत का जिक्र आया तो पुन: यूआईटी अध्यक्ष महिपाल ने स्पष्ट किया कि शहर के दायरे में आ चुकी तीन पंचायतें शहर का कबाड़घर बन गई हैं। यहां कचरा, गंदा पानी जमा रहता है, उपाय पर कोई योजना नहीं है।

अमृत योजना में नौ बार टेंडर लगाए, कोई आ ही नहीं रहा, एक रुपए का काम नहीं हुआ : महिपाल

पीडब्ल्यूडी पर ठेकेदारों की पैरवी करने का आरोप

सूरतगढ़ से अनूपगढ़ मार्ग की हालत की बात चली तो अनूपगढ़ प्रधान पुल्कित बलाना ने कहा कि यह तो बनकर टूट भी गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चिंता की बात है, विभाग दुबारा तैयार करवाए। इस पर जिला प्रमुख के बतौर प्रतिनिधि बैठक में हिस्सा ले रहे सुशील श्योराण ने कहा कि ठेकेदार शायद काम कर दे, लेकिन ये लोग तो उनका पक्ष ले रहे हैं। सुनवाई नहीं करते। इस मार्ग के बीचाें बीच 122 खंभे एवं एक ट्रांसफार्मर आ गया, लेकिन विभाग ने अभी तक इन्हें शिफ्ट नहीं किया। हम लोग इसकी कहां शिकायत करें?

शिकायतें यह भी-विधायक कामिनी जिंदल ने कहा कि नेतेवाला मिनी बाइपास में बारहमासी पर बना स्टील का पुल इतना ऊंचा बना दिया कि इससे एक दर्जन गांवाें का आवागमन प्रभावित हो रहा है। अंडरपास जरूरी है। इस पर डीपीआर तैयार करने की बात हुई। विधायक राजेंद्र भादू ने चेतावनी दी कि सूरतगढ़ स्थित इंदिरा सर्किल से रेलवे स्टेशन तक सड़क नहीं बनी तो वे टोल टैक्स शुरू नहीं होने देंगे।

सूरतगढ़-हिसार राजमार्ग

केंद्रीय बजट में सूरतगढ़-हिसार नेशनल हाईवे बनाने की बात कही गई थी। मजे की बात यह है कि रावतसर से हिसार तक मार्ग नेशनल हाइवे जैसी हालत में पहले से है, लेकिन वर्तमान सरकार सूरतगढ़ से रावतसर के बीच के टुकड़े को तैयार नहीं करवा सकी। इस मार्ग की डीपीआर बनाई जाएगी।

ठेकेदार इनके बस में नहीं, बेड़ा गर्क कर रखा है : विधायक भादू

शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र को 24X7 (चौबीसाें घंटे सातों दिन) उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई और छीजत कम करने की योजना पर केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि अब गांवों एवं शहराें में कट तो नहीं लगते होंगे। इस पर बिजली निगम के एसई बोलने ही लगे थे कि विधायक भादू ने कहा ये क्या खाक काम करवाएंगे। चौकियां बनी नहीं, ठेकेदार इनके बस में नहीं। बेड़ा गर्क कर रखा है।

मनरेगा में मेटीरियल पेमेंट तिमाही हो : मनरेगा कार्यों में श्रमिकों एवं मेटीरियल पेमेंट की बात चली तो खुलासा हुआ कि नौ महीने से निर्माण सामग्री का भुगतान रुका हुअा है। श्रमिकों का भुगतान समय पर हो रहा है। इस पर सीईओ चिन्मयी गोपाल ने बताया कि अब मार्च 18 तक का भुगतान हो चुका है। साफ है कि चार महीने से भुगतान रुका हुआ है।

बारानी सिंचाई में डिग्गी मंजूरी के प्रस्ताव बनाने के निर्देश

बैठक में ऐटा सिंगरासर क्षेत्र में ट्यूबवैल के जरिए सिंचाई सुविधा शुरू होने के बाद जल संरक्षण को देखते हुए डिग्गियों के निर्माण में सब्सिडी की मांग विधायक भादू ने उठाई। इस पर कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि अनुदान पर डिग्गियों का प्रावधान केवल नहरी पानी वाले किसानों के लिए है। इस पर मंत्री अर्जुन मेघवाल एवं भादू ने बारानी सिंचाई में डिग्गियों पर अनुदान के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना का 75 प्रतिशत काम पूरा : बैठक में पीएचईडी विभाग ने बताया कि 13 आरजेडी, क्षेत्रीय जल योजना में 14 एमएल, किशनपुरा का काम पूरा हो चुका है, लेकिन 6 करोड़ की प्रस्तावित लागत वाली मिर्जेवाला में 70 प्रतिशत काम हुआ है तथा 3 एसएडी में काम अधूरा है। बैठक में कलेक्टर ज्ञानाराम, एसडीएम वीरेंद्र वर्मा, यूआईटी सचिव कैलाशचन्द शर्मा, महिला बाल विकास विभाग की उपनिदेशक ऋषिबाला श्रीमाली, सीएमएचओ नरेश बंसल, पीएमओ सुनीता सरदाना, पंचायत समिति प्रधान पुरुषोत्तम बराड़ सहित अनेक प्रधान विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

झोपड़े में कनेक्शन पर रेट शहर वाला

इस मौके पर विधायक गुरजंट सिंह बराड़ ने बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश जताते हुए कहा कि विभाग किसी ढाणी के झोंपड़े में कनेक्शन लेने पर अमानत राशि शहरी रेट के हिसाब से लगा देते हैं। इसमें शिथिलता लाई जाए। उन्होंने सादुलशहर से मन्नीवाली संपर्क सड़क बनाने की मांग की। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा, ग्राम ज्योति योजना, स्मार्ट सिटी मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना, डिजिटल भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना सहित सभी योजनाओं की समीक्षा की गई।

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