Hindi News »Rajasthan »Suratgarh» एडीईओ ने स्कूलों में प्रार्थना सभा रोचक बनाने व योग प्राणायाम के साथ प्रश्नोत्तरी के लिए कहा

एडीईओ ने स्कूलों में प्रार्थना सभा रोचक बनाने व योग प्राणायाम के साथ प्रश्नोत्तरी के लिए कहा

श्रीगंगानगर| विद्यालय की शुरुआत प्रार्थना सभा से होती है। इससे ही विद्यार्थी के मन में रुचि और स्कूल के प्रति लगाव...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 29, 2018, 07:00 AM IST

एडीईओ ने स्कूलों में प्रार्थना सभा रोचक बनाने व योग प्राणायाम के साथ प्रश्नोत्तरी के लिए कहा
श्रीगंगानगर| विद्यालय की शुरुआत प्रार्थना सभा से होती है। इससे ही विद्यार्थी के मन में रुचि और स्कूल के प्रति लगाव की शुरुआत होती है। इसलिए संस्था प्रधान प्रार्थना सभाओं को रोचक बनाएं। इसमें विशेष तौर पर योग प्राणायाम को जरूर शामिल करें और इसके बाद प्रश्नोत्तरी कराएं और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछें। इससे विद्यार्थियों का बौद्धिक और सामाजिक विकास होगा। यह बात शनिवार को अंध विद्यालय सभागार में चल रही प्रधानाचार्यों और संस्था प्रधानों की वाक पीठ संगोष्ठी के दूसरे व आखिरी दिन एडीईओ माध्यमिक अशोक वधवा ने जिलेभर से आए संस्था प्रधानों से कही। उन्होंने बताया कि प्रार्थना लय ताल से और हर दिन अलग होनी चाहिए। प्रार्थना सभाओं में वाद्य यंत्रों का भी इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों की इसके प्रति रुचि बढ़े। प्रार्थना सभा के बाद सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे जाएं और विद्यार्थियों को पुरस्कृत करें, जिससे उनकी रुचि इसके प्रति बढ़े।

शैक्षिक प्रतियोगिता में आगे रहने के विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा : वाकपीठ संगोष्ठी के दौरान सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों से होने वाली शैक्षिक प्रतियोगिता में आगे रहने के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। नेतेवाला से आई प्रिंसीपल शशि पांडे ने बताया कि कालांशों का प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसलिए हमेशा विद्यालय में कठिन विषयों के कालांश पहले होने चाहिए, इसके बाद सरल विषय के कालांश हो, जिससे विद्यार्थियों की रुचि बनी रहे। सूरतगढ़ से आई प्रिंसीपल मंजू ने बताया कि विद्यालयों का वातावरण सुधारने के लिए संस्था प्रधानों को पूरी ऊर्जा से काम करना चाहिए। इसे भामाशाहों की सहायता से सुधारा जा सकता है और दान मांगने के लिए कभी भामाशाह के पास जाने की जरूरत नहीं होती है। उन्होंने बताया कि जब संस्था प्रधान बेहतर काम करेगा और विद्यालय के परीक्षा परिणाम और शैक्षिक माहौल को बेहतर रखेगा तो भामाशाह अपने आप सहायता के लिए आगे आएंगे। अतिथि के तौर पर डीईओ माध्यमिक शिवराम सिंह यादव मौजूद रहे। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में जिलेभर के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधान शामिल हुए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Suratgarh

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×