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शहर से बाहर गोदाम ले चला रहे थे ड्रग रैकेट; पुलिस का छापा, नशे की प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा बरामद, 2 मालिकों पर मुकदमा

भास्कर संवाददाता,श्रीगंगानगर। पदमपुर रोड से साहूवाला की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित वीके सिटी कॉलोनी की बंद...

Danik Bhaskar | Jul 06, 2018, 07:15 AM IST
भास्कर संवाददाता,श्रीगंगानगर।

पदमपुर रोड से साहूवाला की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित वीके सिटी कॉलोनी की बंद दुकान में नशे की दवाओं का जखीरा बरामद किया गया है। यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर को सीओ सिटी तुलसीदास पुरोहित ने औषधी नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर की। पुलिस ने दुकान के मालिकों पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच जवाहरनगर थाना प्रभारी प्रशांत कौशिक को दी गई है। सीओ सिटी ने बताया कि विश्वकर्मा मार्केट की बी-37 नंबर दुकान के प्रथम माले पर 32536 कैप्सूल और गोलियां तथा 38 सिरप बरामद किए गए हैं। तीनों में ही एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित दवाएं हैं, जो नशे के रूप में प्रयोग के लिए बेचने की तैयारी थी। दुकान के मालिक सूरतगढ़ के निकट 34 एमओडी निवासी पुनीत गोदारा पुत्र रणजीत गोदारा व मिर्जेवाला निवासी राजेश उर्फ राजेंद्रकुमार पुत्र जगदीश धांगड़ के खिलाफ उक्त नशीली दवाओं को अवैध तरीके से स्टोर कर विक्रय करने के इरादे का आरोपी बनाते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है। अौषधि विभाग से जुड़े जानकारों ने आशंका जताई कि आरोपी पंजाब और दिल्ली से नशीली दवाएं मंगाते होंगे। इन दिनों नशीली दवाओं की सबसे ज्यादा खेप इन्हीं दोनों इलाकों से आ रही है।

श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में एक माह में नशे के खिलाफ 10 से ज्यादा कार्रवाई: उल्लेखनीय है कि बीएसएफ ने बुधवार को ही खखां क्षेत्र में नाकाबंदी करके नशीली दवाओं सहित एक तस्कर को पकड़ा था, जबकि दूसरा फरार हो गया था। गौर करने वाली बात यह है कि हनुमानगढ़ में भी एक महीने में 10 से ज्यादा कार्रवाई नशीली दवाओं के खिलाफ हो चुकी है। नशे की खेप ज्यादा आने के साथ ही पुलिस की चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं।

भास्कर पड़ताल

सीओ सिटी पुरोहित ने बताया कि गुरुवार दोपहर सूचना मिली कि वीके सिटी स्थित एक दुकान के अंदर नशीली दवाओं को अवैध रूप से बेचने के लिए रखवाया गया है। इस पर दुकान की तलाशी लेने के लिए एसपी हरेंद्र महावर से वारंट जारी करवाया गया। मौके पर पहुंचे तो दुकान के ताला लगा हुआ था। पुलिस ने सूचना देकर औषधी नियंत्रण विभाग के इंस्पेक्टर रामपाल वर्मा और पंकज जोशी को बुलाया। वीके सिटी कॉलोनी के मालिक को भी सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया गया। उनसे जानकारी लेकर दुकान के मालिकों से दुकान खोलकर तलाशी लिए जाने के लिए संपर्क किया, लेकिन दुकान मालिक मौके पर नहीं आए। इंतजार के बाद वीके सिटी के मालिक और लोगों तथा पत्रकारों की उपस्थिति में दुकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। दुकान के भूतल में मशीनी ऑयल व कुछ स्पेयर पार्ट्स का सामान पड़ा था। पुलिस प्रथम मंजिल पर पहुंची तो कार्टन ही कार्टन पड़े मिले। इनमें मौजूद दवा के बारे में ड्रग इंस्पेक्टर रामपाल वर्मा और पंकज जोशी से जांच करवाई गई। दोनों अधिकारियों ने दवाओं पर लिखे साल्ट को देखकर बताया कि उक्त सारी दवाएं एनडीपीएस घटक की प्रतिबंधित है। इस पर उक्त नशीली दवाएं कब्जे में लेकर सील मोहर करने की कार्रवाई शुरू की गई।

सबूतों से यकीन में बदला शक... खाली कार्टन और रैपर मिले, सभी दवाएं एनडीपीएस की

जिस दुकान में पुलिस ने तलाशी ली उसमें एनडीपीएस घटक की प्रतिबंधित दवाओं के बहुत संख्या में खाली कार्टन और रैपर पड़े मिले। इससे पुलिस ने संदेह जताया है कि इस गोदाम में काफी समय से नशीली दवाओं को रखा जा रहा था और तस्करी की जा रही थी। ड्रग इंस्पेक्टर रामपाल वर्मा ने बताया कि जिस दुकान में यह नशीली दवाओं का जखीरा बरामद किया गया है उसका कोई लाइसेंस जारी नहीं करवाया हुआ है।

पुलिस व औषधि विभाग से बचने को सुनसान कॉलोनी में रखी थी आरोपियों ने नशीली दवाएं

वीके सिटी स्थित विश्वकर्मा मार्किट की इस दुकान के आस पास सुनसान क्षेत्र है। इसी एकांत का लाभ उठाकर नशीली दवा के कारोबारियों ने इसे गोदाम की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। दिखावे के तौर पर इसे ऑटोमोबाइल के कारोबार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन इसकी आड़ में नशे का बड़ा कारोबार चला रखा था। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई।

वहीं, रायसिंहनगर में नशे की दवाओं का रिकॉर्ड नहीं मिला, महालक्ष्मी मेडिकोज का लाइसेंस निरस्त

औषधि नियंत्रण विभाग ने रायसिंहनगर के महालक्ष्मी मेडिकोज का लाइसेंस निरस्त किया है। इस संबंध में 3 जुलाई को सहायक औषधि नियंत्रक अशोक मित्तल ने आदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि नियंत्रण अधिकारी श्वेता छाबड़ा ने 5 अप्रैल को रायसिंहनगर के वार्ड 18 स्थित महालक्ष्मी मेडिकोज पर निरीक्षण किया। दुकान के मालिक विजयपाल की ओर से दुकान का रिकार्ड संधारित नहीं किया गया था। नशे के रूप में काम में ली जा सकने वाली दवाओं के एक अप्रैल के बाद बिल ही नहीं काटे गए थे। इन अनियमितताओं की रिपोर्ट पर दुकान मालिक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब पेश नहीं किया गया। इस पर एकतरफा़ कार्रवाई करते हुए उनकी दुकान का लाइसेंस निरस्त किया गया है।

शहर से सटी वीके सिटी कालोनी में पुलिस की कार्रवाई; लोगों को बताया था कि आॅटो मोबाइल का कारोबार करते हैं, ड्रग इंस्पेक्टर मौके पर बुलाए, फिर ताले तोड़ अंदर घुसे तो दंग रह गए