• Hindi News
  • Rajasthan News
  • Suratgarh News
  • पुलिस ने डेढ़ लाख कॉल डिटेल खंगाल पकड़े तरनतारण के तीन आरोपी, 17 लाख की दो विदेशी पिस्तौल भी बरामद
--Advertisement--

पुलिस ने डेढ़ लाख कॉल डिटेल खंगाल पकड़े तरनतारण के तीन आरोपी, 17 लाख की दो विदेशी पिस्तौल भी बरामद

भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर सेक्टर स्थित नग्गी...

Dainik Bhaskar

May 19, 2018, 07:25 AM IST
पुलिस ने डेढ़ लाख कॉल डिटेल खंगाल पकड़े तरनतारण के तीन आरोपी, 17 लाख की दो विदेशी पिस्तौल भी बरामद
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर सेक्टर स्थित नग्गी पोस्ट के समीप तारबंदी को भेदते हुए हथियार तस्करी करने का खुलासा किया गया है। पुलिस व खुफिया एजेंसियों ने पंजाब से तीन आरोपियों के कब्जे से दो महंगे पिस्तौल मय मैग्जीन और चार कारतूस बरामद कर गिरफ्तार किए हैं। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने डेढ़ लाख से अधिक टावर लोकेशन कॉल को खंगाला। 11 अप्रैल की रात हुई तस्करी के आरोपियों तक पहुंचने में पूरा एक महीना लगा। आरोपियों को कोर्ट के आदेश से 6 दिन के रिमांड पर लिया है। इस संबंध में शुक्रवार को पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एसपी हरेंद्र कुमार ने बताया कि पंजाब के तरनतारण इलाका निवासी जसविंद्र सिंह उर्फ सोनू, जगराज सिंह उर्फ बिल्ला और रतनबीर सिंह उर्फ रतन को पंजाब पुलिस की सहायता से गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए राजस्थान पुलिस व एजेंसियां पंजाब में डेरा डाले हुए हैं। जानकारी के अनुसार आरोपियों ने 11 अप्रैल की रात को नग्गी बॉर्डर पार से हथियार लिए और मौके से फरार हो गए। इस दौरान कच्चे इलाके में पैरों के निशान देखकर बीएसएफ के अधिकारी हरकत में आए और उन्होंने 12 अप्रैल को श्रीकरणपुर पुलिस थाना में अज्ञात के खिलाफ 3/6 पासपोर्ट एक्ट व 13/14 फॉरनर्स एक्ट में मुकदमा दर्ज करवाया। इसके बाद पुलिस, बीएसएफ और एजेंसियों ने संयुक्त पड़ताल शुरू की। पकड़े गए आरोपियों में से एक पर पूर्व में भी पंजाब में हथियार तस्करी के मामले दर्ज हैं। दोनों अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

प्रथम दृष्टया आरोपियों से बरामद किए हथियारों की सप्लाई और खरीद-फरोख्त के संबंध में पुलिस व एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार हथियार तस्करी के साथ मादक पदार्थों और नकली नोटों की तस्करी की भी आशंका जताई जा रही है। फिलहाल इसका खुलासा आरोपियों से पूछताछ के बाद ही होगा। पुलिस ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए उन्हें विभिन्न तकनीकी व आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी जगराज सिंह उर्फ बिल्ला के घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर ही पाक बॉर्डर है। लेकिन, 11 अप्रैल की रात मौसम खराब था। इसलिए सीमा पार के तस्करों से आरोपियों ने नग्गी क्षेत्र में तारबंदी के आर पार तस्करी का समय तय किया। खराब मौसम और अंधेरे का फायदा उठाते हुए इस तस्करी को अंजाम दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी इस कारनामे को अंजाम देकर चले गए और पुलिस, बीएसएफ और एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगले दिन तारबंदी के पास पैरों के निशान देखे तो बीएसएफ अधिकारियों में खलबली मच गई।

करणपुर पंजाबी बाहुल्य इलाका, आरोपियों की रिश्तेदारी भी संभव, संदिग्धों से हो रही पूछताछ

एसपी ने बताया कि आरोपियों मदद करने वाले स्थानीय लोगों की भी गिरफ्तारी होगी। तरनतारण से चलकर नग्गी तक आने के बाद तस्करी की वारदात को अंजाम दे वापस लौटने की घटना स्थानीय मददगारों के बिना संभव नहीं है। नग्गी और आसपास पंजाबी बहुल क्षेत्र है। आरोपियों की इस क्षेत्र में या तो रिश्तेदारी रही है अथवा श्रीकरणपुर क्षेत्र में भी तस्कर हो सकते हैं। इस संबंध में कई संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

हथियारों के साथ मादक पदार्थों और नकली नोट तस्करी की भी आशंका

श्रीगंगानगर. पुलिस हिरासत में हथियार तस्करी के तीनों आरोपी एवं बरामद पिस्तौल।

जिला पुलिस की स्पेशल टीम को मिलेगा इनाम

एसपी के अनुसार इस मामले का खुलासा करने के लिए जिला पुलिस की एक विशेष टीम गठित कर पड़ताल शुरु की गई थी। टीम में एएसपी सुरेंद्र सिंह राठौड़, आईपीएस मृदुल कच्छावा, सीओ श्रीकरणपुर सुनील के पंवार,करणपुर सीआई विजय मीणा, महिला थाना प्रभारी नरेंद्र पुनिया, सादुलशहर थाना प्रभारी बलराज मान, सूरतगढ़ सदर प्रभारी एसआई कृष्ण कुमार और साइबर सैल से कांस्टेबल पवन लिंबा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आरोपियों ने दोनों पिस्तौल खेल में दबा दिए थे, इनमें एक है स्टार मार्क, पंजाब में अमीर लोग शाैक से खरीदते हैं

सीआई नरेंद्र पूनिया ने बताया कि आरोपियों ने दोनों पिस्तौल एक डिब्बे में रखकर गांव के पास ही एक खेत में दबा दिए थे। दोनों पिस्तौल चीन निर्मित हैं। इनमें एक स्टार मार्क है जबकि दूसरे से मार्का हटाया गया है। इनकी कीमत भी करीब 16 से 17 लाख रुपए आंकी जा रही है। आरोपियों की आर्थिक स्थिति खराब है। रुपयों के लालच में किसी गिरोह के लिए काम करने का संदेह है। पंजाब में अमीर लोग शौकिया भी महंगे पिस्तौल रखते हैं।



एसपी हरेंद्र महावर / डिप्टी कमांडेंट बीएसएफ जितेंद्र नागल।

Q. आरोपी जिले में प्रवेश करने के बाद हथियार लेकर पंजाब चले गए, क्या आप इसमें पुलिस व खुफिया एजेंसियों की चूक मानते हो?

एसपी:ऐसा नहीं कि किसी से चूक हुई है। लेकिन, फिर भी मामले की जांच की जाएगी।

Q. क्या आपको लगता है कि इस काम में बीएसएफ अथवा पुलिस के किसी कर्मचारी की संलिप्तता है?

डिप्टी कमांडेंट: विभागीय अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया किसी की संलिप्तता की आशंका नहीं है। यदि ऐसा कुछ सामने आया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने डेढ़ लाख कॉल डिटेल खंगाल पकड़े तरनतारण के तीन आरोपी, 17 लाख की दो विदेशी पिस्तौल भी बरामद
X
पुलिस ने डेढ़ लाख कॉल डिटेल खंगाल पकड़े तरनतारण के तीन आरोपी, 17 लाख की दो विदेशी पिस्तौल भी बरामद
पुलिस ने डेढ़ लाख कॉल डिटेल खंगाल पकड़े तरनतारण के तीन आरोपी, 17 लाख की दो विदेशी पिस्तौल भी बरामद

Recommended

Click to listen..