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2 दिन पहले अस्पताल में भर्ती हुए चोटिल मरीज, डॉक्टर जांच तक करने नहीं आए, वार्ड से बाहर सड़क पर जा बैठे पीड़ित

श्रीगंगानगर। जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में डॉक्टर्स के राउंड नहीं लेने से खफा मरीज वार्ड से ही बाहर निकल गए और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 09, 2018, 08:10 AM IST

2 दिन पहले अस्पताल में भर्ती हुए चोटिल मरीज, डॉक्टर जांच तक करने नहीं आए, वार्ड से बाहर सड़क पर जा बैठे पीड़ित
श्रीगंगानगर। जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में डॉक्टर्स के राउंड नहीं लेने से खफा मरीज वार्ड से ही बाहर निकल गए और हंगामा करने लगे। इस पर नाइट नर्सिंग इंचार्ज की ड्यूटी कर रहे स्टाफ ने समझाइश करते हुए अस्पताल उपनियंत्रक को जानकारी दी। इसके बाद दो डॉक्टर को वार्ड में भेजकर मरीजों को उपचार दिलाया गया। वार्ड के नर्सिंग स्टाफ भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वे नाइट शिफ्ट में आए, तब चोटग्रस्त मरीज तीन दिनों से ड्रेसिंग नहीं होने और डॉक्टर के राउंड पर नहीं आने की समस्या बताते हुए हंगामा करने लगे। नर्सिंग स्टाफ ने इस बात की जानकारी नाइट नर्सिंग अधीक्षक इंद्राज भाकर को दी, लेकिन तब तक मरीज हंगामा करते हुए वार्ड से बाहर ही आ गए। जिले के सबसे बड़े अस्पताल जहां ट्रोमा सेंटर तक चलने के दावे किए जा रहे हैं। उस हॉस्पिटल में पूरा दिन गुजर जाने के बाद भी डॉक्टर ने राउंड तक नहीं लिया। नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने रात को डॉ. हरीश गुप्ता और देवेंद्र ग्रोवर को मरीजों का हाल जानने के लिए भेजा गया।

भास्कर लाइव

1.सूरतगढ़ से रेफर होकर आए मरीज सुधीर सिंह ने बताया कि वे मंगलवार रात को करीब 9 बजे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें मेल सर्जिकल वार्ड के बैड नंबर 25 पर भर्ती कर लिया गया। मरीज सुधीर सिंह की मानें तो जब वे रेफर होकर आए, केवल तभी इमरजेंसी में उपचार दिया गया। इसके बाद बुधवार को किसी भी डॉक्टर ने जांच तक नहीं की।

2.पदमपुर के नजदीक गांव एक डीडी निवासी संजय कुमार पुत्र रामलाल ने बताया कि सोमवार को इलाके में उनका किसी से विवाद हो गया। इसमें सिर पर चोट लगने के कारण स्थानीय स्टाफ ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सोमवार रात को ही वे अस्पताल में सर्जिकल वार्ड के बैड नंबर 18 पर भर्ती कर लिए गए। इसके बाद ना तो कोई डॉक्टर जांच रिपोर्ट देखने आया और ना ही उपचार करने।

मरीज बोले- ऐसी लापरवाही पहली बार देखी, वार्ड में भर्ती कर हमें भूल गए

3.रायसिंहनगर इलाके से रेफर होकर आए मरीज साहबराम ने बताया कि कुछ लोगों ने उनके घर में प्रवेश करते हुए मारपीट की। इसमें वे घायल हो गए और रायसिंहनगर सीएचसी से श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। इसके बाद वे जब अस्पताल पहुंचे तो यहां उन्हें बैड नंबर 24 पर भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन स्टाफ ने किसी प्रकार का उपचार ही नहीं किया।

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