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किसानों को नहीं मिल रहे हैं टोकन, मजबूरन कम कीमत पर व्यापारियों को उपज बेचनी पड़ रही है

राज्य सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर सरसों व चना की खरीद दो अप्रैल से शुरू करने के लिए आदेश दिए गए है, मगर स्थानीय...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 06:45 AM IST
राज्य सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर सरसों व चना की खरीद दो अप्रैल से शुरू करने के लिए आदेश दिए गए है, मगर स्थानीय स्तर पर टोकन प्रक्रिया अभी से बंद किए जाने से कई किसानों को मजबूरी में अपनी उपज समर्थन मूल्य से कम में बेचनी पड़ रही है। किसानों ने बताया कि समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए पूर्व में दो-तीन दिन टोकन दिए गए थे, मगर बाद में इसे बंद कर दिया गया, जिसके कारण कई किसान टोकन लेने से वंचित रह गए। ऐसे किसान बिना टोकन के समर्थन मूल्य पर अपनी उपज नहीं बैच पाएंगे तथा उन्हें मजबूरी में समर्थन मूल्य से कम में व्यापारियों को अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। राज्य सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य चार हजार रुपए व चने का समर्थन मूल्य 4400 रुपए प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। जबकि व्यापारी किसानों से समर्थन मूल्य से सरसों 700 से 1200 व चना 700 से 1100 रुपए कम में खरीद रहे हैंै। खाद्य व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवर| सर्राफ व मंडी व्यापारी रमेश पूनिया ने बताया कि मंडी में अभी तक नए अनाज की आवक भी कम आ रही है। महेंद्र अड़सीसरिया ने बताया कि किसान समर्थन मूल्य पर माल बेचने के लिए टोकन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को मंडी में अनाज व्यापारी परतुराम सारण, प्रभुराम पूनिया, लक्ष्मीपति रातुसरिया, महावीर जाखड़, राजू स्वामी, ओमप्रकाश डूडी, सुखवीर पारीक, प्रकाश हड़मानगढिया, रघाराम खीचड़, लादूराम, मूलाराम भादासरिया आदि ने सरसों के 2600 से 3250, जो के 1150 से 1250, चने के 3000 से 3500, मोठ के 3100 से 3200 तक के भावों की बोली लगाकर खरीद की।

उदासर. सरदारशहर मंडी में सरसों की बोली लगाते व्यापारी।