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देवरों ने डोलचियों से की रंग की बौछार,भाभियों ने बरसाए कोड़े

नादौती. कैमरी में शनिवार को जगदीश मंदिर परिसर में ढोचली होली खेलते देवर-भाभी व दर्शकों की भीड़। भास्कर न्यूज |...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 04:30 AM IST

देवरों ने डोलचियों से की रंग की बौछार,भाभियों ने बरसाए कोड़े
नादौती. कैमरी में शनिवार को जगदीश मंदिर परिसर में ढोचली होली खेलते देवर-भाभी व दर्शकों की भीड़।

भास्कर न्यूज | नादौती

कैमरी के धाम महाराज जगदीश मंदिर परिसर में 12 गांवों के 7 पीढ़ी जो रिश्ते में देवर-भाभी लगते हैं ने शनिवार को भाईदूज पर एक साथ डोलची होली खेली। डोलची में रंग भरकर देवरों ने प्यार के रूप में रंग डाला तथा भाभियों ने बचाव के लिए कोड़े बरसाए। कोड़ो की परवाह किए बिना मदमस्त देवरों ने डोलची में रंग भर-भर के बौछारें कीं।

दोपहर दो बजे सूडा बाबा पर कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम जगदीश मंदिर ट्रस्ट के तत्वाधान ग्राम पंचायत कैमरी व खटाना गौत्र के 12 गांवों के लोगों के सहयोग हुआ। अतिथि के.एल. मीना एक्सईएन सोप ने मंदिर ट्रस्ट को जगदीश महाराज के भोग का 6 माह का खर्च की राशि देने की घोषणा की। जगदीश मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सूबेदार रामनिवास, पूर्व अध्यक्ष सूबेदार तुलसीराम, सरपंच संघ के अध्यक्ष हंसराज गुर्जर, कैमरी सरपंच प्रतिनिधि अतराज गुर्जर, शीशराम खटाना, लखन पटेल, दयाराम गुर्जर कैमरी परिक्षेत्र के 12 गावों के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

सात पीढ़ियों का संगम

डोलची होली खेलने के लिए अलग-अलग पीढ़ी के अनुसार रस्सियां बांधकर अपनी पीढ़ी के देवर-भावी होली खेलते हैं। इस वर्ष 7 पीढ़ी ने होली खेली इस लिए 7 खाने मंदिर परिसर में रस्सियों से बनाये। पीढ़ी के अनुरूप देवर-भावी निर्धारित स्थान पर खड़े होकर 2 बजे से होली खेलना प्रारंभ किया। शाम तक बैंड-बाजे की धुन नृत्य करते हुए होली खेलने का दृश्य अनुपम था। डोलची होली देखने के लिए लोगों की भीड़ कार्यक्रम संपूर्ण होने तक लगी रही।

हदीरा बाबा चौक में 50 हजार की भीड़ : देवर-भाभियों में चार घंटे तक चला धमाल

टोडाभीम| गांव पावटा में होली के तीसरे दिन दूज को परंपरागत डोलची होली शनिवार को पूरे जोश खरोश से खेली गई। 50 हजार की भीड़ में घंटों तक हदीरा बाबा चौक में डोलची होली का धमाल चलता रहा। चमड़े की कठोर डोलची के वार से चटाक की आवाज युवाओं को घायल करती रही लेकिन अपने आदर्श बल्लू शहीद के शौर्य और पराक्रम की प्रेरणा के चलते वे पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे थे। घंटों चले इस संघर्ष को गांव के पंच-पटेलों ने अंगोछा लहराकर विराम दिया। गांव के मध्य हदीरा चौक पर यज्ञ के साथ डोलची होली का शुभारंभ हुआ। पंच-पटेलों ने बल्लू शहीद के स्मारक पर हवन यज्ञ के बाद पूजा-अर्चना की। इस दौरान युवकों ने जमकर आतिशबाजी की। कई लोग चौक पर पूजा के दौरान मैदान के चारों तरफ बने पानी के टैंकों को भर कर उसमें रंग डालते नजर आए। इधर पीलवाड़ पट्टी, भायला पट्टी, जिंद पट्टी, भड्डा पट्टी में युवा डोलची खेलने की तैयारी में जुटे थे। डोलची की मार को बर्दाश्त कर सकें इसके लिए हल्दी युक्त तेल मालिश की जा रही थी। दोपहर बाद शुरू हुए इस धमाल में दो घंटे तक युवक एक-दूसरे पर डोलची का प्रहार कर घायल करते रहे लेकिन अपने आदर्श बल्लू शहीद के शौर्य और पराक्रम की प्रेरणा के चलते खेल समाप्त होने तक मैदान में डटे रहे।

शहीद बब्लू की याद में ढोला-मारू का आयोजन, स्मारक स्थल पर सजाई झांकियां

डोलची होली के बाद ढोला-मारू का आयोजन किया गया जिसमें बल्लू शहीद सहित विभिन्न देवी-देवताओं की सजीव झांकियां सजाई गई। स्मारक स्थल पर दौसा के पूर्व जिला प्रमुख अजीतसिंह, युवा गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष गोपेन्द्रसिंह, पावटा सरपंच कमलेश गुर्जर, पूर्व सरपंच टीकमसिंह, झाडीसा सरपंच मंगतूराम गुर्जर, पाडला पूर्व सरपंच राजहंस गुर्जर, महेन्द्र खेडला सहित दौसा व करौली जिले के दर्जनों जनप्रतिनिधि, ग्रामीण पंच-पटेल मौजूद रहे।

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Web Title: देवरों ने डोलचियों से की रंग की बौछार,भाभियों ने बरसाए कोड़े
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