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कैसे सही आएंगे रबी पैदावार के सही आंकड़े पटवारी हड़ताल पर, फिर भी कागजों में बना डाली खसरा गिरदावरी रिपोर्ट

सरकार किसानों की आय दुगनी करने के लिए बहुतेरे प्रयास कर रही है। विभिन्न लाभांवित योजनाएं लांच कर किसानों को सीधे...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 07:00 AM IST
सरकार किसानों की आय दुगनी करने के लिए बहुतेरे प्रयास कर रही है। विभिन्न लाभांवित योजनाएं लांच कर किसानों को सीधे राहत पहुंचा रही है, लेकिन निचले स्तर पर पूरी ईमानदारी से काम नहीं होने से सरकार की ओर से किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को धक्का लग रहा है। इसकी बानगी जिले में पटवारी हड़ताल पर होने के बावजूद हर साल पैदावार की स्थिति जानने के लिए गत माह राजस्व मंडल अजमेर की ओर से मांगी जाने वाली चुनिंदा गांवों की खसरा गिरदावरी रिपोर्ट को घर बैठे बनाकर भेज दी। यही नहीं इन दिनों भी खसरा गिरदावरी की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है और यह रिपोर्ट हर खेत में जाकर तैयार की जाती है। जबकि पटवारी अभी भी हड़ताल पर है। ऐसे में सरकार के पास पैदावार के सही आंकडे जा पाना मुश्किल है।

चयनित गांवों की 16 जनवरी से 23 जनवरी तक कराई थी खसरा गिरदावरी, जबकि पटवारी 15 जनवरी से ही हैं हड़ताल पर

वास्तविकता जानने के लिए मांगी रिपोर्ट

सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति जानने के लिए फसलों की पैदावार का सर्वे हर साल फसल वार करवाती है। सर्वे की रिपोर्ट के आंकडाें को ध्यान में रखकर सरकार किसानों के लिए कृषि का बजट तैयार करती है। इसी दिशा में गत दिनों भी अजमेर राजस्व मंडल की ओर से पैदावार की स्थिति का वास्तविक पता लगाने के लिए खसरा गिरदावरी रिपोर्ट मांगी थी। यह रिपोर्ट पूरे प्रदेश भर से मांगी थी। यह रिपोर्ट चुनिंदा गांवों की फसलों का 16 जनवरी से 23 जनवरी तक सर्वे कर खसरा गिरदावरी की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इन चुनिंदा गांवों में हर पंचायत से करीब एक-एक गांव के खेतों का सर्वे करना था,लेकिन ताज्जुब की बात तो यह है कि पूरे प्रदेश भर के पटवारी 15 जनवरी से ही हड़ताल पर है। उसके बावजूद यह सर्वे किसने और कैसे किया। यह संदेह के घेरे में है। इस मामले में संबंधित राजस्व अधिकारी तहसीलदार आदि से बात की तो उनके पास भी कोई संतोसप्रद जवाब नहीं था। इससे लगता है कि यह पूरी रिपोर्ट घर बैठे बनवाकर कागजी खानापूर्ति की गई है। ऐसे में किसानों के लिए अच्छे बजट या फिर फसली मुआवजे आदि की राहत मिलना किसानों के लिए छलावा सा दिखाई दे रहा है।

अब खेत पर जाकर गिरदवारी रिपोर्ट करने के आदेश

सरकार की ओर से इन दिनों रबी फसल की विस्तृत खसरा गिरदावरी रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए राजस्व रिकॉर्ड में एक फरवरी से 5 मार्च तक सर्वे चलेगा है। यह भी खानापूर्ति बनी हुई है। क्योकि पटवारी हड़ताल पर और ऐसे में यह रिपोर्ट सही तैयार होगी, इस पर सवाल खडे हो रहे है। राजस्व सूत्रों की माने तो यह रिपोर्ट प्रशिक्षु पटवारियों से यह रिपोर्ट तैयार करवा रहे है। अब इस पर भी सवाल खडे होता है कि बिना ट्रैनिंग के ये ट्रैनिंगधारी कैसे सही सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

खसरा गिरदावरी रिपोर्ट भेज दी है

तहसीलदार बृजराज मीणा ने बताया कि खसरा गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर भेज दी है। अब विस्तृत खसरा गिरदावरी रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है। जो भी व्यवस्था उनके पास है उनसे यह रिपोर्ट करवाई जा रही है।

तहसीलदार ही भेजते हैं रिपोर्ट

राजस्व अधिकारी एसडीएम प्रभातीलाल जाट ने बताया कि यह काम तहसीलदार करवाते है। यह रिपोर्ट कैसे तैयार कर भिजवाई मेरी जानकारीमे नहीं है। तहसीलदार ही इस मामले में बेहतर बता सकते है।

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