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मांग बढ़ी, किसानों को जीएसएस पर नहीं मिल रही यूरिया खाद

जिले में संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर यूरिया खाद नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी है। यूरिया की मांग...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 09:30 AM IST
Tonk - demand rises farmers do not get urea manure at gss
जिले में संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर यूरिया खाद नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी है। यूरिया की मांग बढ़ने से शहरों में खाद की दुकानों पर किसानों की कतारे लगने लगी है। इसके बावजूद किसानों को मांग के मुकाबले पूरा यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रहा। उल्लेखनीय है कि जिले में इन दिनों गेहूं की बुवाई चल रही है, जबकि सरसों की बुवाई की जा चुकी है।

हालांकि लक्ष्य के मुकाबले महज 65 फीसदी ही बोआई हो सकी है। गेंहू, जौ, चना की बोआई का समय चल रहा है। दूसरी ओर सरसों उगने के साथ किसानों को यूरिया की चिंता सताने लगी है। सण्डीला निवासी हरलाल चौधरी ने बताया कि सरसों की पहली सिंचाई के साथ यूरिया की आवश्यकता पड़ती है। जबकि ग्राम सेवा सहकारी समितियों में खाद नहीं आने से यूरिया की मारामारी बढ़ने लगी है।

इससे शहर में यूरिया की गाड़ी देखते ही किसान खाद लेने उमड़ रहे है। शनिवार को शहर में संचालित एक दुकान पर यूरिया का ट्रक देखते ही किसान दौड़ पड़े। देखते ही देखते ट्रक खाली हो गया। इसके बावजूद कई किसानों को निराश लौटना पड़ा। मेहंदवास निवासी कैलाश यादव, मदन आदि ने बताया कि यूरिया के अभाव में वे सरसों की पिलाई तक नहीं कर पा रहे।

टोंक| ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर यूरिया खाद नहीं मिलने से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। शहर में यूरिया खाद लेते किसान।

जिले में अभी तक यह हुई बोआई

कृषि विभाग के सहायक निदेशक (सांख्यिकी) सुगरसिंह मीणा ने बताया कि अभी तक रबी फसलों की बुआई करीब तीन लाख हैक्टेयर में हो चुकी है। इसमें से प्रमुख रुप से सरसों एक लाख 70 हजार हैक्टेयर, इसी तरह चना 56 हजार हैक्टेयर, तारा-मीरा दो हजार हैक्टेयर, जौ की 28 हैक्टेयर, गेंहू की 250 हैक्टेयर व दलहन की बुआई पांच सौ हैक्टेयर में हुई है। जबकि गेंहू, जौ, चने की बोआई का समय चल रहा है। गेंहू की बोआई तो पानी की कमी से कम होने की संभावना है, लेकिन कम पानी वाले क्षेत्र में चना व जौ की बोआई अधिक होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि विभाग की ओर से रबी फसल की बोआई का लक्ष्य चार लाख 28 हजार 250 हैक्टेयर निर्धारित किया गया था।

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