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बीसलपुर का पानी 400 गांवों में सप्लाई होना था, 50 गांवों तक ही पहुंचा, बाकी जगह काम अधूरा

जिला परिषद की साधारण सभा की सोमवार को हुई बैठक में पानी-बिजली और बजरी के मुद्दे छाए रहे। गांवों में पानी का भीषण...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:05 AM IST

बीसलपुर का पानी 400 गांवों में सप्लाई होना था, 50 गांवों तक ही पहुंचा, बाकी जगह काम अधूरा
जिला परिषद की साधारण सभा की सोमवार को हुई बैठक में पानी-बिजली और बजरी के मुद्दे छाए रहे। गांवों में पानी का भीषण संकट होने से सदस्यों ने कलेक्टर और जिला प्रमुख के सामने गुस्से का इजहार किया। सदस्य बोले-बीसलपुर योजना का पानी इस माह से सप्लाई होना था, लेकिन कई गांवों में अभी तक पाइप लाइन ही नहीं डाली गई है। हैंडपंप खराब पड़े हैं। लोगों को दूर-दराज के इलाकों से पानी का लाना पड़ रहा है। पानी की समस्या को लेकर कुलदीप राजावत, मणिंद्र लोदी व आत्मज्योति गुर्जर अपने इलाकों में पेयजल संकट से अवगत कराया। जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी एवं कलेक्टर सुबेसिंह यादव ने संबंधित अधिकारियों को पेयजल संकट दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। जिला प्रमुख ने कहा कि गत वर्ष जिले में वर्षा कम समस्याएं बनी हुई है। उन्होंने हैंडपंप दुरुस्त किए जाने, बीसलपुर पेयजल परियोजना का कार्य शीघ्रता से किए जाने पर जोर दिया। इस मौके पर बजरी का अवैध खनन सहित कई मामले सामने आए। जिनका अधिकारी कोई संतोष जनक जवाब तक नहीं दे पाए। वहीं सीईओ पर राजनीतिक दबाव में कार्य किए जाने की बात भी सामने आई, लेकिन इस आरोप पर जिला परिषद के सीईओ कुछ बोलने की बजाए मुस्कुरातें ही नजर आए। सदस्य रामचन्द्र गुर्जर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, साथिन के रिक्त पदों पर कार्रवाई नहीं करने की बात कार्यवाहक उप निदेशक मधु माथुर के सामने रखी। उप निदेशक ने कहा कि ग्राम सभा से अनुमोदन लेकर चयन की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसीईओ राजूलाल गुर्जर, देवली पंचायत समिति प्रधान शकुन्तला वर्मा, उनियारा प्रधान ममता जाट, जिला स्तरीय अधिकारी, विकास अधिकारी, जिला परिषद सदस्य मौजूद रहे।

सदस्य बोले-गांवों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि, बिजली का भी संकट, बजरी माफिया की दादागीरी...अफसर नहीं दे सके जवाब

मुद्दे : रोजगार, खेती, परिवहन सेवा पर उठे सवाल, अफसरों ने सिर्फ आश्वासन दिया, काम कब तक होंगे नहीं बताया

बजरी : स्थानीय लोग माफिया के साथ, लोग जागरूक हों

बजरी खनन के मामले में एसपी योगेश दाधीच ने कहा कि इस क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोग भी इस कार्य में लिप्त हैं, जिसके प्रति जनप्रतिनिधियों को जागरुकता लाने की आवश्यकता हैं। पुलिस अपना काम मुस्तैदी से कर रही हैं।

खेती : 20 की बजाय 40 एचपी ट्रैक्टर पर मिले अनुदान

जिला परिषद सदस्य किशनलाल फगोडियां ने बताया- सरकार द्वारा 20 एचपी के स्थान पर 40 एचपी के ट्रैक्टर पर अनुदान दिया जाए। इस प्रस्ताव को पारित किया जाए, जिसे सभी ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।

मनरेगा : हर पंचायत में एक कार्य शुरू करें

कलेक्टर सुबे सिंह यादव ने सभी विकास अधिकारियों से कहा कि मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सार्वजनिक कार्य शुरू करें ताकि बेरोजगार व्यक्ति को काम मिल सके।

बिजली : रीडिंग सही नहीं, बिल राशि ज्यादा

जिला परिषद सदस्य कुलदीप सिंह ने विद्युत बिल की अधिक राशि व रीडिंग सही नहीं लेने की शिकायतों पर ध्यान नहीं देने की बात कही। कलेक्टर ने डिस्काम के अधीक्षण अभियंता डी.सी.अग्रवाल को शिकायतों को निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध बजरी खनन व पेयजल संकट पर रोष जताया।

डिग्गी मालपुरा में रोडवेज बसों का हो ठहराव

राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर सभी रोडवेज बसे सोयला रुकने की मांग रखी। इससे डिग्गी, मालपुरा, केकडी जाने वाले यात्रियों को असुविधा न हो।

चेतावनी :जिला प्रमुख ने आगामी 7 दिन में विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृतियों की तकनीकी स्वीकृति देने से कहा। अन्यथा विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।

बैठक के बाद भास्कर ने कलेक्टर सुबेसिंह यादव से किए सवाल

सब कमेटी डिमांड भेजेगी तो टैंकर भिजवाएंगे

गांवों में पीने के पानी की व्यवस्था कैसे होगी?

कलेक्टर : पानी की व्यवस्था भी पेयजल के लिए बनी सब कमेटी कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी कमेटी को डिमांड भेजेंगे। जहां से जरुरत के मुताबिक टैंकरों से पानी की व्यवस्था करवाई जाएगी। इसके लिए निविदा कर ली है। वहीं कुछ सदस्यो ंने बजरी का मामला उठाया है। इसके लिए खनिज विभाग के अधिकारियेां को निर्देश दिए है साथ ही पुलिस जाप्ते की जरुरत हो तो उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके लिए अामजन को भी बजरी खनन व उसका परिवहन होता नजर आए तो बताए। तुरंत कार्रवाई होगी।

मवेशियों के लिए पंचायत खुद व्यवस्था कर सकती है

मवेशियों के लिए क्या करेंगे?

कलेक्टर : सुबेसिंह यादव ने कहा कि बैठक में बिजली,पानी का मुद्दा प्राथमिकता से जिला परिषद सदस्यों ने उठाया था। इसमें मवेशियों के लिए ग्राम पंचायत प्रशासन पंचायत फंड से टैंकरों से पानी की व्यवस्था कर सकती है। इसकी एसडीएम प्रभारी के रुप में काम देखेंगे।

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