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छात्रा तीन नहीं 6 माह की गर्भवती, कोर्ट की इजाजत से ही होगा गर्भपात

घाड़ थाना पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के तीनों आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। देवली मजिस्ट्रेट के समक्ष...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 06:55 AM IST

छात्रा तीन नहीं 6 माह की गर्भवती, कोर्ट की इजाजत से ही होगा गर्भपात
घाड़ थाना पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के तीनों आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। देवली मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के भी बयान दर्ज करवा दिए। मामला 28 अप्रैल का है। पीड़िता ने थाने में उपस्थित होकर गांव के ही तीनों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक तीन चार माह पहले आरोपितों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। मेडिकल जांच रिपोर्ट में नया मोड़ आ गया है। छात्रा छह माह की गर्भवती है। ऐसे सवाल यह खड़ा हो गया कि क्या छात्रा का गर्भपात कराया जाएगा। इस पर पुलिस का कहना है कि गर्भपात के लिए वो कोर्ट से इजाजत लेगी। गौरतलब है कि छह माह का गर्भपात करवाना कानूनी रूप से अपराध है।

जांच अधिकारी डीएसपी नरेद्र मोहन शर्मा ने बताया कि आरोपित युवक प्रेम पुत्र बद्री माली, सुरेंद्र पुत्र प्रकाश मीणा व सेठी पुत्र कालू लाल मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मेडिकल मुआयना कराया था। मंगलवार को पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट मिल गई है। उसमें वह छह माह से अधिक की गर्भवती पाई है।

कानूनी उलझन गर्भपात और प्रसव कराने में बच्ची को जान का खतरा हो सकता है, पुलिस की मुश्किलें बढ़ी

बंथली. नाबालिग से गैंग रेप के तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए।

एफआईआर : 3-4 माह पहले हुआ दुष्कर्म28 अप्रैल को दर्ज एफआईआर ने लिखा गया है कि पीड़िता के साथ 3-4 माह में आरोपितों सामूहिष्क दुष्कर्म किया। आरोपितों ने दुष्कर्म के बाद पीड़िता को धमकी दी थी कि अगर यह बात किसी को बताई तो वह उसके भाई का मर्डर कर देंगे। इस कारण पीड़िता को किसी ने नहीं बताया। तबीयत खराब होने पर मेडिकल जांच में उसके गर्भवती हाेने का पता चला।

मामले में कब क्या हुआ

मेडिकल रिपोर्ट : छात्रा 6 माह की गर्भवती

दो दिन पहले करवाई गई मेडिकल जांच रिपोर्ट में बताया गया है 17वर्षीय छात्रा को छह माह से अिधक का गर्भ है। रिपोर्ट देखने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई। हालांकि पुलिस ने पहले दुबारा जांच करवाने की भी बात कही थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई है। पुलिस ने इस मामले में बयान दर्ज करवा दिए हैं।

िजम्मेदार बोले

कोर्ट के निर्णय पर होगा बच्चे का फैसला : पुलिस

जांच अधिकारी डीएसपी नरेंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि पीड़िता के गर्भ में छह माह का शिशु होने की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट में हुई। ऐसे में बच्चे के जन्म या गर्भपात कराने का निर्णय कोर्ट के आदेश पर तय होगा।

20 सप्ताह से अधिक का गर्भपात नहीं कर सकते

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र बंसल ने बताया कि छह माह की गर्भवती का गर्भपात नहीं हो सकता है। कानूनी रूप से 20 सप्ताह से अधिक का गर्भ है तो उसका गर्भपात नहीं किया जा सकता है। गर्भपात करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं दी थी प्रसव की इजाजत

एडवोकेट महावीर तोगडा ने बताया कि पिछले निर्णयों को देखते हुए छह माह की गर्भवती का गर्भपात कराने की स्वीकृति सुप्रीम कोर्ट भी नहीं देगा। सुप्रीम कोर्ट में रेप की शिकार 21 सप्ताह की गर्भवती को गर्भपात कराने की स्वीकृति नहीं दी थी।

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