--Advertisement--

मौसमी बीमारी के चलते आउटडोर बढ़ा

इन दिनों मौसमी बीमारी के चलते कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा होने लगा है। इससे...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 09:27 AM IST
Todaraisingh - outdoor growth due to seasonal illness
इन दिनों मौसमी बीमारी के चलते कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा होने लगा है। इससे कस्बे के अस्पताल का आउट डोर 500 के पार पहुंच जाने से सभी मरीजों को देख पाना दो डॉक्टरों के लिए मुश्किल होने लगा है।

मौसमी बीमारियों के चलते इन दिनों उल्टी, दस्त, बुखार, जुकाम, खांसी, पेट दर्द के सर्वाधिक मरीज पहुंच रहे है। इससे अस्पताल का आउट डोर बढ़ कर 500 के पार पहुंच गया है। लेकिन इन सभी मरीजों को परामर्श देने के लिए अस्पताल में मात्र दो डॉक्टर है। इनमें से भी एक छुट्टी चले जाने से एक ही डॉक्टर पर पूरा भार है। इससे सैकडों मरीजों की भीड़ में से यही आवाजें आती रहती है डॉक्टर साहब पहले मुझे देखो। कस्बे का राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आज भी वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की ही तरह है। इसकी उपेक्षा के चलते गत तीस सालों से वहीं एक या दो डॉक्टर ही सेवाएं दे रहे है। यहां भी सर्जन व महिला गाइनिक जैसे महत्वपूर्ण डॉक्टरों सहित अन्य चिकित्सीय संसाधन नहीं बढ़ने से टोंक जिले का सर्वाधिक पिछड़ा चिकित्सालय बना हुआ है। जिले के प्रत्येक उपखण्ड मुख्यालय पर 15-15 डॉक्टर नियुक्त है। जबकि उपखण्ड क्षेत्र की करीब डेढ़ लाख लोगों की आबादी है। यहां वर्षों से सर्जन व महिला गाइनिक चिकित्सक जैसे महत्वपूर्ण डॉक्टरों का नहीं होना लोगों की सबसे बडी पीड़ा बनी हुई है। अस्पताल में 500 मरीज रोजाना उपचार के लिए आते है। इनमें से साधारण बीमारी वाले को छोड़ बाकी मरीजों को स्पेशलिस्ट के अभाव में रेफर होना पड़ता है। आज के परिवेश में गांवों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ही दो-दो डॉक्टर सेवाएं दे रहे है। वहीं यहां के अस्पताल में केवल दो एमबीबीएस डॉक्टर है। इनमें भी एक छुट्टी चले जाते है तो एक ही डॉक्टर रहते है। व्यवस्थार्थ भी आस पास की पीएचसी से डॉक्टर नहीं लगाए जाते है।

टोडारायसिंह| अस्पताल में मरीजों की लगी भीड़।

X
Todaraisingh - outdoor growth due to seasonal illness
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..