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यात्रियों की दिनभर बस स्टैंड पर रेलमपेल, बसों का करना पड़ा इंतजार

दीपोत्सव को लेकर यात्रियों की आवाजाही ने टोंक आगार के लिए संजीवनी का काम किया है। इसी का परिणाम है कि दीपावली पर्व...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 09:27 AM IST
Tonk - railway passengers on bus stand passengers wait for buses
दीपोत्सव को लेकर यात्रियों की आवाजाही ने टोंक आगार के लिए संजीवनी का काम किया है। इसी का परिणाम है कि दीपावली पर्व पर यात्री भार औसतन 80 पार पहुंच गया। इसके चलते शनिवार को दिनभर बस स्टैण्ड पर यात्रियों की रेलमेपल बनी रही। यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि रोडवेज निदेशालय की ओर से आगार को 78 प्रतिशत यात्रीभार पाने का लक्ष्य दिया गया था। शनिवार को भी टोंक अागार में यात्रीभार 80 फीसदी तक जा पहुंचा। इसके अलावा जयपुर की ओर जा रही बसों में यात्रियों की आवाजाही अधिक रही। बसस्टैण्ड पर भी दिनभर यात्रियों का तांता लगा रहा। खेती-बाड़ी के दिन चलने व मांगलिक कार्यक्रमों पर रोक के चलते रोडवेज के यात्रीभार में गत दिनों गिरावट आ गई थी। स्थिति यह थी कि यात्री भार 60 प्रतिशत तक गिर गया था। इससे रोडवेज कर्मियों को समय से वेतन तक नहीं मिल पा रहा था। अब पांच दिवसीय दीपोत्सव समाप्त होने के बाद आगार के यात्रीभार में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस का परिणाम यह होगा कि तंगहाली से जूझ रहे टोंक आगार के कर्मचारियों को सुविधा मिलेग तथा संसाधनों में भी बढ़ोतरी होगी।

निवाई| बस स्टैण्ड पर यात्रियों की भीड़ के चलते बस में बैठने के लिए मशक्कत करते यात्री।

प्रतिदिन 32 हजार यात्री

आगार की बसें 64 प्रतिदिन 30 से 32 हजार किलोमीटर का सफर तय करती हैं। निगम की ओर से प्रत्येक चालक को 5.15 किलोमीटर प्रति लीटर डीजल औसत लाने का लक्ष्य दिया हुआ है। प्रति किलोमीटर निर्धारित यात्रीभार प्राप्त करने के भी निर्देश दिए जाते हैं।

निदेशालय से मिलता है लक्ष्य

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम जयपुर मुख्यालय की ओर से प्रदेश के 9 जोन में आने वाले सभी आगार प्रबंधकों को लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के निर्देश दिए जाते है। निर्धारित लक्ष्य नही पाने पर उस आगार को घाटे की श्रेणी में रख आगामी वित्तीय वर्ष में घाटे से उबरने के उपाय करने होते है। गत महीनों गर्मी के चलते टोंक आगार निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं कर पा रहा था। रोडवेज के यात्रीभार में अचानक कमी आ गई थी।

प्रदेश के 9 जोन में 51 आगार

कोटा के अलावा अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जयपुर, जयपुर सीटीएस, जोधपुर, सीकर, उदयपुर जोन हैं। सभी जोन में एक डीलक्स सहित 51 डिपो शामिल हैं।

यूं बढ़ता रहा यात्रीभार

रोडवेज निगम के यातायात प्रबन्धक कजोड़मल मीणा व प्रबन्ध संचालन राजेन्द्र मीणा शनिवार दिनभर बस स्टैण्ड पर खड़े रहकर यात्रीभार देखते हुए बसों का संचालन कराते रहे। उन्होंने दीपोत्सव शुरू होने के साथ यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई थी। लक्ष्मीपूजन से पहले जयपुर की ओर से यात्रियों की आवाजाही अधिक रही। जबकि दीपोत्सव सम्पन्न होने के बाद जयपुर की ओर जाने वाले यात्री भार में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इससे गोरधन पूजा के दिन यात्रीभार 83 प्रतिशत रहा। जबकि भाईदूज के दिन 71 व शनिवार को बढ़कर 80 फीसदी तक जा पहुंचा।

कर्मचारियों के प्रयासों का मिला फल

गत दिनों यात्रीभार में काफी गिरावट आ गई थी। दीपावली समाप्त होने के साथ आगार के यात्री भार में बढ़ोतरी हुई है। लक्ष्य के मुकाबले आगार को अधिक यात्रीभार मिल रहा है।

-रामचरण गोचर, मुख्य आगार प्रबन्धक टोंक

दीपावली की छुट्टियां समाप्त, बसों में रही भारी भीड

निवाई|
दीपावली छुट्टियां समाप्त होने के साथ ही शनिवार को गन्तव्य पर जाने के लिए बस स्टेण्ड पर यात्रियों की भारी भीड देखी गई। यात्रियों की भीड के चलते बस में चढने के लिए यात्रियों को कडी मशक्कत करनी पडी। दिनभर बस स्टेण्ड पर यात्रियों की आवाजाही के चलते आवागमन भी बाधित रहा। यात्रियों की भीड के चलते बसों के अन्दर यात्रियों को खडे-खडे यात्रा करनी पडी। अधिकतर बसों में तो पुरूष यात्री बस की छत पर भी यात्रा करने को मजबूर रहे। सरकारी बसों के साथ ही ट्रेनों में भी यात्रियों की भीड देखी गई। बस स्टेण्ड पर निजी वाहनों का भी जमावडा रहा और निजी वाहन मालिक यात्रियों को भर-भरकर ले जाते हुए देखे गए। शनिवार को दीपावली की छुट्टियां समाप्त हो गई हैं। दीपावली की छुट्टियां समाप्त होने के साथ ही सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय खुल गए हैं। हालांकि शनिवार को विद्यालयों में उपस्थिति काफी कम रही।

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