पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बाल विवाह से आती है शिक्षा में बाधा

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

भारतीय संविधान में हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार मिला हैं और बाल विवाह बच्चे को शिक्षा पाने के उसके अधिकार से वंचित कर देता हैं। इसलिए इसपर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में महिला सशक्तिकरण को लेकर आयोजित कार्यक्रम में कार्यवाहक कलेक्टर नवनीत कुमार ने स्कूल की बालिकाओं व महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत विकास प्लान को ध्यान में रखकर कार्य करने पर जोर दिया। वैलज मास्टर प्लान के तहत आगामी 30 सालों में ग्राम पंचायत में रहने वाली जनसंख्या एवं उसकी जरुरतों को ध्यान में रखा गया हैं।

स्कूल बालिकाओं ने नारी शक्ति व सशक्तिकरण को लेकर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसपर कलेक्टर ने बचपन दिनों की याद ताजा करते हुए कहा कि स्कूल लाइफ की किस्से बच्चों से सांझा किए। इस दौरान महिला और बालिका सशक्तिकरण के चर्चा करते हुए उनके आने वाले समस्याओं व उनके समाधान की जानकारी की गई। कार्यक्रम में गैर सरकारी संस्था वेदान्ता, टाटा ट्रस्ट और वर्ल्ड विजन की ओर से आंगनबाड़ी केन्द्रों के मॉडर्नाइजेशन के लिए किए जा रहे कार्यो की महिला एवं बाल विभाग के उपनिदेशक डॉ.धर्मवीर मीणा ने जानकारी देते हुए कहा कि हमें कैपिसिटी बिल्डिंग और कलस्टर कार्डिनेटर की भूमिका पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक नवल खां ने विभाग की अोर से महिलाओं और बेटियों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

वेदांता से सीएसआर मरीयम फातमा ने कहा कि बेटियों को शिक्षित करने से एक पूरी पीढी शिक्षित होती हैं। समारोह के बाद कलेक्टर ने आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर स्कूल भवन की जर्जर हालत पर चिंता जताते हुए प्राचार्या सना फिरदौस को दिशा-निर्देश दिए।

महिलाओं को करवाया कानून से अवगत

देवली | अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देवली गांव में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट अमर सिंह खारडिया ने महिलाओं को महिला कानून से अवगत करवाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट अमर सिंह खारडिया की अध्यक्षता में देवली गांव में आयोजित हुए विधिक साक्षरता शिविर में उपस्थित महिलाओं को विभिन्न कानूनों की जानकारी दी गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा बताया गया कि महिलाओं को विधिक जानकारी के लिए सर्वप्रथम साक्षर होना आवश्यक है। साथ ही बाल विवाह निषेध कानून, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, भरण-पोषण कानून, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण पारितोषण अधिनियम 2013 के बारे में जानकारी दी। शिविर में सहायक अभियोजन अधिकारी अशोक कुमार, रीडर पुष्पेंद्र अग्रवाल, कर्मचारी अनिल गुप्ता, देवली गांव सरपंच शीला कंवर भी मौजूद थे। इसी तरह राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में भी विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित छात्राओं को सचिव हरीश जैन द्वारा जानकारी दी गई। न्यायालय में कानूनी सेवा क्लीनिक खुला हुआ है।

देवली | महिलाओं को कानून की जानकारी देते न्यायिक मजिस्ट्रेट।
खबरें और भी हैं...