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जिले में अवैध वेयरहाउसों पर रोक की मांग
जिले में अवैधानिक रुप से संचालित वेयर हाउस पर रोक लगाने की मांग को लेकर कांग्रेस जिला महासचिव सोनम गोलेछा ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया हैं। जिले के वह वेयर हाउस व गोदान जिनका वाणिज्य परियोजना के लिए भूमि रुपांतरण नही होने की बात कहते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में काफी संख्या में अवैधानिक वेयर हाउस संचालित हैं, जिन पर बैंक वित्तीय सुविधाएं देकर अवैध कारोबार करने वालों को अवैध गोदाम व वेयरहाउस में रखे माल के स्टाक पर प्लेज कर राशि दी जाती हैं। क्योंकि बैंकों में प्रबंधकों की मिलीभगत निजी कंपनियों से होती हैं यह कंपनियां अवैधानिक वेयर हाउस में रखे माल पर राशि दिलवाने में बिचौलिए का काम करती हैं। विदित रहे कि जिले में व्यापारी वेयरहाउस के माध्यम से कृषि जिंसों का स्टाक रखते हैं और गोदामों में रखे माल (सरसों, चना, गैंहू) को बैंकों द्वारा वित्तीय सुविधाएं दी जाती हैं। लेकिन वित्तीय अधिकारियों की लापरवाही अवैध रुप से संचालित वेयर हाउस व गोदाम में रखे माल पर प्लेज की सुविधा व सीसी लिमिट की सुविधा देते हैं। इन अवैध वेयर हाउस पर जिनमें व्यापारी माल रखकर उनकी जानकारी कृषि, खाद्य विभाग सहित संबंधित विभाग नही दी जाती हैं। इससे कालाबाजारी का बढ़ावा मिल रहा हैं। ज्ञापन में मांग की हैं कि ऐसे वेयर हाउस को वित्तीय सुविधा पर रोक लगाने के लिए लीड बैंक अधिकारी, बैंक प्रबंधकों एवं अवैध काम रोकने के लिए कृषि व खाद्य विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आदेश देकर अवैध संचालित वेयर हाउस पर गोदाम पर रोक लगाई जाए।
दुष्कर्म पीड़िता को दिलवाएं आर्थिक सहायता
प्रदेश बलाई महासभा ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर निवाई थानांतर्गत की दुष्कर्म पीड़िता को आर्थिक सहायता दिलवाने की मांग की। संभाग प्रभारी रतन सालवी ने बताया कि आरोपितों के परिजन पीड़ित परिवार को धमकियां देकर केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतना पुराना मामला होने के बावजूद पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता नही मिल पाई हैं। वही निवाई सदर थाने की ओर से केस को ऑनलाइन नही किए जाने के कारण सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के अधिकारी भी इसपर कार्यवाही नही कर पा रहे पा रहे हैं। विदित रहे निवाई थाने में मामला दर्ज करवाई गई और आरोपित करीब 4 महिनों से टोंक जेल में बंद हैं। कलेक्टर से उन्होंने केस को ऑनलाइन करवाकर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलवाए जाने की मांग की हैं। इस दौरान सरदार बलाई, बाबू बलाई आदि मौजूद रहे।