बालिका वधू ने बाल विवाह निरस्त कराने के लिए कोर्ट में दी दस्तक

Tonk News - महज दो साल की अबोध उम्र में बाल विवाह की बेड़ियों में जकड़ी बालिका ने बाल विवाह निरस्त कराने के लिए कोर्ट में वाद...

Feb 15, 2020, 11:46 AM IST

महज दो साल की अबोध उम्र में बाल विवाह की बेड़ियों में जकड़ी बालिका ने बाल विवाह निरस्त कराने के लिए कोर्ट में वाद पेश किया है। टोंक जिले में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत विवाह निरस्त का संभवत: पहला मुकदमा है। पारिवारिक न्यायालय वाद दर्ज कर कथित पति को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।

पीपलू तहसील के रानोली ग्राम निवासी उन्नीस वर्षीय संजू का बाल विवाह दो साल का उम्र में वर्ष 2003 में हुआ था। जोधपुर के सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी डाॅ. कृति भारती ने बताया कि संजू आरएएस बनना चाहती है। कुछ साल पहले ही खुद के बाल विवाह और कथित पति के बारे में पता चला। ऐसे में उसे खुद का ख्वाब टूटने का डर सताने लगा।

जाति पंचायतों के दबाव और व्यक्तिगत भय के कारण वह अवसादग्रस्त हो गई। इस बीच सारथी ट्रस्ट की बाल विवाह निरस्त की मुहिम के बारे में पता चला। इस पर उसने ट्रस्ट से संपर्क कर पीड़ा बयां की। ट

्रस्ट की मदद से संजू ने बाल विवाह निरस्त कराने का पारिवारिक न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायाधीश राज व्यास ने कथित पति को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। सारथी ट्रस्ट ने अब तक राजस्थान में 40 जोड़ों के बाल विवाह निरस्त करवाने के अलावा 1200 से अधिक बाल विवाह रुकवाने का भी रिकॉर्ड कायम किया है।

X
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना