पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Malpura News Rajasthan News Half Of The 13 Thousand Farmers Submitted Documents For Compensation

मुआवजे के लिए 13 हजार किसानों में से आधों ने ही जमा कराए दस्तावेज

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

मालपुरा | तहसील क्षेत्र में संवत 2076 में खरीफ सफल खराबे का मुआवजा देने को सरकार बेताब है लेकिन किसान है कि मुआवजा लेने के लिए ना तो दस्तावेज जमा करा रहे है ना ही बैंक खाता संख्या ओर आईएफएससी कोड व आधार कार्ड संख्या तथा ना मोबाइल नंबर दे रहें है।

तहसीलदार अनिल कुमार चौधरी ने बताया है कि तहसील में उक्त संवत दौरान 27 गांवों के करीब 13 हजार 200 किसानों की फसलें नष्ट हुई थी। सभी चयनित किसानों को इस संबंध में सूचना प्रेषित कर मुआवजे के हकदार होने की जानकारी पहुंचाई जा चुकी है। दूसरे चरण में पीडित किसानों की सूचियां तैयार कर भेजी गई तथा मुआवजा राशि मंजूर कर दी गई। तीसरे चरण में मुआवजा वितरित करने का कार्यक्रम करीब एक माह से भी ज्यादा समय से चलाया जा रहा है लेकिन बार बार कहने पर भी अब तक मात्र छह हजार किसानों ने ने अपने दस्तावेज पटवारी हल्का को उपलब्ध कराए है जबकि आधे से ज्यादा किसानों ने अभी तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए है। तहसीलदार कार्यालय की एलआरसी प्रभारी अंजना चारण ने बताया कि किसानों द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने के कारण मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया जो ऑन लाइन होनी है अटकी हुई है।

उन्होंने कहा कि किसान शीघ्र पटवार हल्का को अपने दस्तावेज उपलब्ध करा देवें अन्यथा मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हो सकेगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित काश्तकार की होगी। तहसीलदार कार्यालय के अनुसार ग्राम कांटोली, दोराई, सिंधोलिया, इंदोली, ढीबरू, नया गांव गुजरान , रुपाहेली, प्रतापपुरा, हिंडोला,रतनपुरा, नयागांव जाटान, रामपुराबास बागडी, बाढदोराई, तांतिया, महादेवपुरा, देवल , बाघपुरा, आसनजोगियान, लाम्याजुनारदार, फूलमालियान, अरनिया उर्फ रामसिंहपुरा, झाड़ली ,किशनपुरा तथा संग्रामपुरा गांव के 13 हजार 200 किसानों को हुआ था फसल खराबा।

खिजूरी में आग से खेत में रखा चारा खाक

सोप | कस्बे मे खिजूरी रास्ते स्थित मुकेश धाकड़ के खेत में अज्ञात कारणों से आग लग गई। इससे गेहूं की खड़ी फसल जलकर खाक हो गई। जहां फसलों में आग लगी उसके पास ही रखा चारा भी जल गया। आग भड़के नहीं और अन्य किसानों की फसलों को चपेट में न ले लें, इसलिए किसानों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया,लेकिन तेज हवा चलने के कारण आग कम नहीं हुई। लोगों ने टयूबवेल चलाकर आग पर काबू पाया।

खबरें और भी हैं...