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सरकारी-गैर सरकारी स्कूल, कोचिंगों अौर मदरसों में 30 मार्च तक छुटि्टयां
कोराेना वायरस के बढ़ते प्रकोप तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत संयुक्त राष्ट की ओर से महामारी घोषित करने के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के सभी स्कूलों में 30 मार्च तक अवकाश घोषित कर दिया है। इसमें सरकारी व गैर सरकारी स्कूल, कोचिंग क्लासेज व मदरसे आदि शामिल है। शुक्रवार देर रात जारी हुए आदेशों के तहत शनिवार को बच्चें स्कूल नहीं आए, लेकिन शिक्षक विद्यालय पहुंचे। जानकारी के अभाव में अधिकतर निजी स्कूल शनिवार को संचालित हुए। उक्त अवधि में सभी प्रकार की परीक्षाएं निर्धारित समय
अनुसार संचालित होगी तथा शिक्षक भी विद्यालयों में मौजूद रहकर बोर्ड सम्बन्धी व आवश्यक कार्य करेंगे।
उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण को महामारी घोषित करने के बाद केन्द्र सरकारी की ओर से जारी एडवाइजरी के चलते सीएम अशोक गहलोत की मौजूदगी में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। डीईओ माध्यमिक उपेंद्र रैना ने बताया कि निर्देश के तहत 30 मार्च तक सभी राजकीय व मान्यता प्राप्त स्कूलें, कोचिंग क्लासेज, मदरसे आदि में विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया गया है। इस अवधि में होने वाली 5, 8 व 10वीं तथा 12 वीं बोर्ड की परीक्षाएं निर्धारित समयानुसार चलेगी। इसके साथ ही गैर सरकारी स्कूलों की बोर्ड परीक्षाओं के अलावा सभी प्रकार की परीक्षाएं 30 मार्च 2020 के बाद ली जा सकेगी।
आंगनबाड़ी केन्द्रों
पर अवकाश नहीं
जिले के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किए जाने बावजूद आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों का अवकाश घोषित नहीं किया गया। एेसे में जिले के सभी केन्द्र निर्धारित कार्यक्रम अनुसार संचालित होंगे। दूसरी ओर महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक डॉ. घर्मवीरसिंह ने बताया कि फिलहाल किसी प्रकार के निर्देश उन्हें नहीं मिले है।
केन्द्र सरकार ने
लागू किया एक्ट
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से दुनियाभर में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद से कई देशों में हैल्थ इमरजेंसी लागू हो चुकी है। ऐसे में अब देश में भी ऐसे ही कदम उठाए जा रहे हैं। कई राज्यों की ओर से इसे महामारी घोषित करते हुए एडवाइजरी जारी की गई है। सीएमएचओ डॉ. अशाेककुमार यादव ने बताया कि महामारी घोषित हो जाने के बाद अब केंद्र सरकार एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के सेक्शन 2 को लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत कोई यह अफवाह न फैलाएं कि किसी जगह कोरोना वायरस से पीड़ित रोगी मिला। चिकित्सा विभाग की एक सामान्य प्रकिया है जिसे स्क्रीनिंग और प्रीवेंशन के नाम से जाना जाता है। इसके तहत जो व्यक्ति संदिग्ध स्थानों से आते हैं, उन्हें निगरानी में रखा जाता है। मेडिकल टीम जाकर एहतियात के तौर पर यह प्रक्रिया करती है। डिप्टी सीएमएचओ डाॅ. महबूब खान ने बताया कि सरकार ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अस्थायी अधिनियम लागू किया है। इसका लक्ष्य बीमारी को फैलने से रोकना है। अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर वायरस के बारे में गलत जानकारी नहीं फैलाएगा।
खाड़ी देश से टोंक पहुंचे व्यक्ति में नहीं मिले लक्षण
पीएमओ डॉ. नवीन्द्र पाठक व सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि एक दिन पहले सउदिया से टोंक पहुंचे एक जने का स्वास्थ्य परीक्षण कर लिया गया। स्क्रीनिंग में उसमें कोरोना वायरस जैसे कोई लक्षण नहीं मिले। उन्होंने बताया कि विदेश से लौटने के बाद वह दिल्ली, कोटा होते हुए टोंक पहुंचा था।
शिक्षक बैठे रहे ठाले, बच्चों की छुट्टी
भास्कर न्यूज सोप. कोरोना वायरस के बचाव के चलते शिक्षा विभाग अलर्ट है। सोप उप तहसील मुख्यालय सहित क्षेत्र के सभी सरकारी गैर सरकारी स्कूलों में कोरोना वायरस बचाव को लेकर शनिवार को बच्चों को वापिस घर भेज दिया गया। शिक्षकों ने बताया कि 30 मार्च तक सभी
सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में अवकाश है। विद्यार्थियों की छुट्टी रहने से शिक्षक खाली
बैठे रहे।
टोंक| विद्यार्थियों का अवकाश 30 मार्च तक घोषित किया गया जबकि शिक्षकों को स्कूल पहुंचने के निर्देश दिए है। अरनियानील गांव के स्कूल में बैठे शिक्षक।
नासिरदा| डाबर खुर्द में कोराेना से बचाव को लेकर जागरूकता रैली निकालते हुए स्कूली बच्चे।