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50 हजार किसानाें की एक लाख हेक्टेयर भूमि को मिला भरपूर पानी, एक हजार करोड़ की होगी एक्स्ट्रा उपज

एक वर्ष पहले
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टोंक समेत जयपुर, अजमेर जिलों की लाइफ लाइन बना बीसलपुर बांध जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है। आठ सौ किमी में फैले नहरी तंत्र से किसान अधिक पैदावार लेकर आर्थिक रूप से संपन्न हुए है। बांध परियोजना अधिकारियों का अनुमान है कि इस बांध की नहरों से सिंचाई होने से रबी फसलों से 50 हजार किसानों को एक हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त उत्पादन होगा। ऐसा उत्पादन पहले भी 11 बार हो गया है। इस नहरी तंत्र पर निर्भर किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार मिल रही है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। सिंचित क्षेत्र में बोई सरसों, चना, गेहंू आदि फसलों की बंपर पैदावार होगी।

800 किमी का नहरी तंत्र, 256 गांवों को होता हैं फायदा

दायीं नहर से 69100 व बायीं नहर से 12700 हेक्टेयर में सिंचाई

टोंक-उनियारा-देवली-टोडा को फायदा : बांध का निर्माण 1999 में पूर्ण हो गया था। पहली बार 2004 में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया था। 2008 के बाद बांध में पानी की आवक कम होने से तीन वर्षों तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा। लेकिन 2011-12 से बांध में हर वर्ष पानी की अच्छी आवक होने से 2018-19 को छोड़कर हर वर्ष नहरों से कमांड क्षेत्र देवली, टोंक, उनियारा व टोडा तहसीलों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता रहा है।


सिंचाई कार्य 15 मार्च को पूरा, दोनों नहरें करेंगे बंद

दोनों नहरों से समस्त कमांड क्षेत्र में सिंचाई का कार्य 10 से 15 मार्च के बीच पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद दोनों नहरें बंद कर दी जाएंगी।
आरसी कटारा, एक्सईएन, बीसलपुर बांध परियोजना

छाेड़ रहे 795 क्यूसेक पानी : दांयीं नहर में 725 व बायीं मुख्य नहर में 70 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।


दायीं नहर 50 किमी
व बायीं 18 किमी लंबी

नहरों से छोड़ा पानी सन् निकासी

2004-05 5.98

2005-06 7.38

2006-07 9.25

2007-08 8.21

2011-12 8.00

2012-13 7.75

2013-14 6.55

2014-15 7.50

2015-16 8.00

2016-17 8.00

2017-18 4.00

2019-20 7.00 (टीएमसी में)

वर्ष 2004 में पहली बार छोड़ा था कमांड क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी

जिले के किसानों की जीवनदायी बीसलपुर बांध की दोनों प्रमुख नहरों से बांध बनने के बाद 2004 में पहली बार नहरों से बांध के कमांड क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया था। करीब आठ सौ किमी फैले इस नहरी तंत्र से 81 हजार किमी से अधिक हैक्टेयर जमींन सिंचित होती है। इसके अलावा भी करीब 20 हजार हैक्टेयर ऐसी जमींन सिंचित होती है, जहां किसान अनाधिकृत रूप से नहरों में इंजन पंप लगा फसलों की सिंचाई करते है।

बांध में कुल दो मुख्य नहरें

बीसलपुर बांध की नहरों से किसान आर्थिक रूप से मजबूत, अब तक 12 बार छोड़ा जा चुका पानी

राजमहल में दायीं मुख्य नहर से हुई सिंचाई के बाद लहलहाती चने की फसल।

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