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इस टीचर ने शरीर का ये अंग देकर बचाई पति की जान, पूरी प्रोपर्टी बेंच करती है ये काम

बेटी बचाओ-पढ़ाओ अभियान में बढ़-चढ़कर लेतीं हिस्सा , घर-घर जाकर करतीं जागरूक

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 02:46 AM IST
टीचर सुमन तिवारी टीचर सुमन तिवारी

उदयपुर. सायरा ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय उमरना की टीचर ने अपने पति को लीवर देकर उनकी जान बचाई है। जानकारी के मुताबिक उनके पति 9 महिने से पीढ़ित थे फिर सुमन ने अपनी पूरी कमाई इलाज में लगा दी लेकिन कोई ज्यादा फायदा नहीं हुआ था। ये था मामला...

- सुमन के इनके पति भीष्म तिवारी गंभीर बीमारी से जिंदगी और मौत के बीच महीनों तक झूलते रहे।
- उन्हें बचाने के लिए सुमन ने जिंदगी की पूरी कमाई खर्च कर दी। जीवन भर की मेहनत से सेक्टर-9 में बना मकान तक बेच दिया।
- पति की हालत में फिर भी सुधार नहीं हुआ तो अपनी जिंदगी की परवाह किए बगैर अपना लीवर डोनेट कर दिया।
- आज इनके पति बिलकुल स्वस्थ हैं और फिलहाल इनका परिवार अपने पैतृक गांव पदराड़ा में रहता है।

इस कारण दे सकी पति को लीवर

- सुमन तिवारी बताती हैं कि ये संयोग ही रहा कि मेरे पति और मेरा ब्लड ग्रुप O पॉजीटिव मैच हो गया।
- ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों ने बताया था कि 40 साल से कम उम्र का और ब्लड ग्रुप मैच करने वाला स्वस्थ व्यक्ति ही लीवर डोनेट कर सकता है।
- मैंने मेरे दो नन्हे बच्चों को देखते हुए यह निश्चय कि या कि कुछ भी हो जाए, मुझे अपने पति की जान बचानी है।
- सुमन तिवारी स्कूल में पढ़ाने के साथ सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लेती हैं और महिलाओं को उनके अधिकारों के लिए निरंतर जागरूक कर रही हैं।

इस अभियान से भी जुड़ी हैं सुमन

- सुमन तिवारी स्कूल में पढ़ाने के साथ सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लेती हैं और महिलाओं को उनके अधिकारों के लिए निरंतर जागरूक कर रही हैं।
- स्कूलों में गठित अध्यापिका मंच के जरिए घर-घर जाकर बेटियों को पढ़ाने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं।

तीन दिन पहले श्रेष्ठ अध्यापिक मंच संयोजिका का अवॉर्ड मिला।
- तीन दिन पहले डाइट सभागार में एसएसए की तरफ से हुई जिला स्तरीय अध्यापिका मंच प्रदर्शनी में सुमन तिवारी को उनके इस काम के लिए श्रेष्ठ अध्यापिका मंच संयोजिका के रूप में सम्मानित किया गया।
- प्रदर्शनी में जिलेभर से करीब 200 टीचर्स ने भाग लिया था।

संदेश :

एक बेटी दो परिवारों को जोड़कर रखती हैं, नारी का सम्मान करें। सुमन तिवारी ने संदेश देते हुए कहा कि नारी ऐसी शक्ति है वह चाहे तो कुछ भी कर सकती हैं। इसलिए बेटियों को उतना ही प्यार दें, जिसकी वह हकदार हैं। एक बेटी ही दो परिवारों को जोड़कर रखती हैं इसलिए हम सभी को नारी का सम्मान करना चाहिए।