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चित्तौड़ दुर्ग देश के 100 आदर्श स्मारकों में शामिल, दुर्ग में वाई-फाई सुविधा

हर तीन माह में होगा काम का रिव्यू, यूनेस्को ने चित्तौड़ दुर्ग को 2012 में विश्व धरोहर सूची में शामिल किया था

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 07:22 AM IST

चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ दुर्ग को देश के 100 आदर्श स्मारकों में शामिल किया गया है। भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग की आदर्श स्मारक योजना में 25 ऐतिहासिक स्मारक ही शामिल थे। अब चित्तौड़गढ़ सहित 75 और स्मारकों को इसमें शामिल किया गया है। इस सूची में शामिल होने से दुर्ग पर पर्यटन सुविधाएं विकसित करने के लिए अलग से बजट मिलेगा। हर तीन महीने से बजट और तय कामों की स्थिति का मूल्यांकन भी होगा। यही नहीं इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने भी इसके लिए पांच करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव बनाया है।


एएसआई के देशभर में 3686 स्मारक हैं। वह इनमें से 100 संरक्षित स्थानों को आदर्श स्मारक बनाने जा रहा है। इसमें सर्वाधिक पांच स्मारक दिल्ली के हैं। राजस्थान से सिर्फ चित्तौड़गढ़ फोर्ट व डीग पैलेस जयपुर हैं। इस योजना में संरक्षण, स्वच्छता आदि के साथ पर्यटकों के अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 2015 में शुरू हुई इस योजना में 25 स्मारक शामिल किए थे। केंद्र ने अब इसका दायरा बढ़ाया है। बता दें कि चित्तौड़ फोर्ट 2012 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर सूची में शामिल किया था। यहां एक साल से पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है।

देशभर में इन्हें बनाया जाएगा आदर्श स्मारक
चित्तौड़गढ़ दुर्ग, गोल गुंबद बीजापुर, सेंट फ्रैंसिस चर्च कोचीन, ग्रुप ऑफ टेंपल अमरकंटक, शिव मंदिर भोजपुर, वंगचाइना ग्रुप ऑफ मान्यूमेंट्स मिजोरम, संघोल रोपड़, डीग पैलेस जयपुर, सास बहू मंदिर नागदा, कैलाशनाथ मंदिर कांचिपुरम, रेजीडेंसी लखनऊ, आगरा फोर्ट, एतमाद-उद-दौला का मकबरा आगरा, लाल खान गुंबद राजघाट वाराणसी, कुशीनगर स्मारक, बैजनाथ मंदिर शामिल हैं।

फायदा : लाइट एंड साउंड शो का बेहतर संचालन होगा

आदर्श स्मारक योजना के तहत मिलने वाले बजट से आदर्श स्मारक पर लाइट और साउंड शो का बेहतर संचालन किया जाएगा। बेहतरीन शौचालय, इंटरप्रिटेशन सेंटर (स्वागत कक्ष, जहां पर्यटक सामान भी रख सकेंगे), कैफेटेरिया, पीने का पानी, ऑडियो विजुअल सेंटर, दिव्यांगों के लिए रैंप, वाईफाई सुविधा जुटाएंगे। इसके अलावा प्रदूषण नहीं हो इसलिए सीएनजी किट वाली कार चलाने की योजना भी है। गंदे पानी, कूड़ा निस्तारण व रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की व्यवस्था की जाएगी।

चेकिंग के समय प्रवेश आसान हो, इसके लिए बनेगा घुमावदार गेट
एएसआई अधिकारियों के मुताबिक कई स्मारकों पर मैन्यूअल चेकिंग के चलते पर्यटकों को प्रवेश में समय लगता है। अब टर्न स्टाइल गेट्स लगने से पर्यटक आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। पहले चरण में दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों पर यह बदलाव होगा। अगले चरण में दूसरे स्मारकों पर भी ऐसा होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक गेट्स पहले चुनिंदा विश्व धरोहर स्मारकों पर लगाए जाएंगे। उसके बाद सभी टिकट वाले स्मारकों में लगाए जाएंगे। प्रवेशद्वार के नजदीक टिकट काउंटर पर इसके लिए टोकन और कार्ड्स मुहैया कराए जाएंगे।

जल्द शुरू होगा काम
देश के 100 प्राचीन स्मारकों को आदर्श स्मारक घोषित किया है। विश्व धरोहर स्मारकों में टर्न स्टाइल गेट्स लगाए जाएंगे। अन्य काम भी जल्द शुरू होगा। कई स्मारकों में प्रवेश और निकासी के रास्ते अलग-अलग हैं। वहां सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी चल रही है।
- राकेश सिंह लाल, अपर महानिदेशक भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग